दिल्ली-एनसीआर में झमाझम बारिश की वापसी, 30-31 जुलाई को मूसलाधार वर्षा, अगस्त की शुरुआत भी रहेगी भीगी

By: AVM GP Sharma | Edited By: Mohini Sharma
Jul 28, 2026, 12:53 PM
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दिल्ली-एनसीआर मौसम अपडेट

मुख्य मौसम बिंदु

  • 30 और 31 जुलाई को दिल्ली-एनसीआर में बारिश की गतिविधियां तेज।
  • सफदरजंग में जुलाई की वर्षा 192.7 मिमी तक पहुँची।
  • मानसून ट्रफ, गहरा अवदाब और पश्चिमी विक्षोभ के संयुक्त प्रभाव से पूरे सप्ताह बारिश।
  • अधिकतम तापमान 30–32°C के बीच रहने से मौसम सुहावना बना रहेगा।
  • पूर्वानुमान वैधता: यह पूर्वानुमान 28 जुलाई 2026 की मौसम प्रणालियों पर आधारित है और 3 अगस्त 2026 तक प्रभावी माना जा सकता है। मौसम प्रणालियों की स्थिति में बदलाव होने पर पूर्वानुमान में संशोधन संभव है।

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दिल्ली-एनसीआर में पूर्वानुमान के अनुरूप मंगलवार सुबह हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक प्रभाव मध्य और दक्षिण दिल्ली में देखने को मिला, जहां कई इलाकों में तेज बारिश हुई। वहीं पूर्वी और उत्तर-पूर्वी दिल्ली में बारिश अपेक्षाकृत कम रही। फिलहाल बारिश थम गई है, लेकिन दिन में एक बार फिर बारिश की गतिविधियां शुरू होने की संभावना है। पूरे सप्ताह रुक-रुक कर बारिश जारी रहेगी, जबकि 30 और 31 जुलाई को सबसे अधिक वर्षा होने के आसार हैं। यह बारिश का सिलसिला अगस्त के पहले सप्ताह तक भी जारी रह सकता है।

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सफदरजंग में जुलाई का सामान्य वर्षा आंकड़ा लगभग पूरा

आज सुबह 8:30 बजे तक सफदरजंग मौसम केंद्र में 32.4 मिमी और लोधी रोड में 36.7 मिमी वर्षा दर्ज की गई। रिज वेधशाला में सबसे अधिक 37.6 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई, जबकि पालम में केवल 0.8 मिमी वर्षा हुई। इस ताजा बारिश के बाद जुलाई महीने में सफदरजंग का कुल वर्षा आंकड़ा 192.7 मिमी पहुंच गया है, जो जुलाई के सामान्य 195.8 मिमी के बेहद करीब है। महीने के शेष दिनों में अनुमानित बारिश को देखते हुए जुलाई का कुल वर्षा आंकड़ा 250 मिमी के आसपास पहुंच सकता है।

इन मौसम प्रणालियों से बढ़ेगी बारिश

दिल्ली में इस समय बारिश की सबसे बड़ी वजह मानसून ट्रफ है, जो फिलहाल दिल्ली के बेहद करीब बनी हुई है। अगले लगभग एक सप्ताह तक इसके आसपास बने रहने की संभावना है, हालांकि इसमें उत्तर-दक्षिण दिशा में हल्का उतार-चढ़ाव हो सकता है। इसके अलावा, पूर्वी भारत पर बना गहरा अवदाब (Deep Depression) पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में मध्य भारत की ओर बढ़ रहा है। इसके नजदीक आने के साथ मानसून ट्रफ के साथ बनने वाला कन्वर्जेंस ज़ोन और मजबूत होगा, जिससे दिल्ली-एनसीआर में बारिश की तीव्रता बढ़ेगी। उधर, उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों के ऊपर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ भी इन मौसम प्रणालियों का साथ देगा और दिल्ली क्षेत्र में वर्षा की गतिविधियों को और अधिक मजबूत करेगा।

30 जुलाई को सबसे तेज बारिश, अगस्त की शुरुआत भी रहेगी भीगी

आज और कल दिल्ली में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने की संभावना है। 30 और 31 जुलाई को बारिश की गतिविधियां और तेज होंगी, जिनमें 30 जुलाई सबसे अधिक प्रभावशाली दिन रहने की उम्मीद है। इसके बाद भी बारिश का दौर थमेगा नहीं। 3 से 6 अगस्त के बीच दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में व्यापक हल्की से मध्यम वर्षा तथा कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। लगातार बादल छाए रहने और रुक-रुक कर बारिश होने से दिन का अधिकतम तापमान 31°C (±1°C) के आसपास बना रहेगा। पूरे सप्ताह दिल्ली-एनसीआर में मौसम सुहावना और ठंडा रहने के आसार हैं।

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AVM GP Sharma
President of Meteorology & Climate Change
AVM Sharma, President of Meteorology & Climate Change at Skymet Weather Services, is a retired Indian Air Force officer who previously led the Meteorological Branch at Air Headquarters in New Delhi. With over a decade of experience at Skymet, he brings a wealth of knowledge and expertise to the organization.
FAQ

30 और 31 जुलाई को बारिश सबसे अधिक होने की संभावना है, जिसमें 30 जुलाई सबसे प्रभावी दिन रह सकता है।

हां, 3 से 6 अगस्त के बीच हल्की से मध्यम बारिश और कुछ स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है।

दिल्ली के पास सक्रिय मानसून ट्रफ, पूर्वी भारत से आगे बढ़ रहा गहरा अवदाब और उत्तरी पहाड़ों पर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ मिलकर बारिश की गतिविधियों को मजबूत कर रहे हैं।

डिस्क्लेमर: डिस्कलेमर- यह विश्लेषण स्काइमेट के मौसम संबंधी आंकड़ों, आंतरिक पूर्वानुमान मॉडल, मौसम केंद्रों से प्राप्त जानकारी, जलवायु संबंधी डेटा और स्काइमेट की मौसम विशेषज्ञ टीम के आकलन पर आधारित है। सटीक जानकारी देने का पूरा प्रयास किया गया है, लेकिन मौसम लगातार बदलने वाली प्राकृतिक प्रक्रिया है, इसलिए परिस्थितियां समय के साथ बदल सकती हैं। यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से दी गई है और इसे अंतिम या पूरी तरह निश्चित मौसम पूर्वानुमान नहीं माना जाना चाहिए।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है