मानसून का यू-टर्न: जुलाई में कभी सूखा तो कभी मूसलाधार बारिश, कैसे सामान्य से ज्यादा हुई वर्षा?

By: AVM GP Sharma | Edited By: Mohini Sharma
Jul 27, 2026, 4:45 PM
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जुलाई 2026 का महीना मानसून के लिहाज से काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा। महीने के पहले सप्ताह में देश के अधिकांश हिस्सों में जोरदार बारिश हुई। इसकी वजह से जून के अंत तक बना 40% मौसमी वर्षा घाटा तेजी से घटकर 9 जुलाई तक 14% रह गया। लेकिन दूसरे सप्ताह में मानसून कमजोर पड़ गया और कई इलाकों में बारिश लगभग थम गई। पहले सप्ताह में मिला करीब 50% अतिरिक्त वर्षा का लाभ भी खत्म हो गया। ॉ

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सैटेलाइट इमेज, Himawari

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नतीजतन 16 जुलाई तक देश का मौसमी वर्षा घाटा फिर बढ़कर 24% पहुंच गया और 20 जुलाई तक इसी स्तर पर बना रहा। इसके बाद 21 से 24 जुलाई के बीच लगातार करीब चार दिनों तक देश के कई हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश हुई। इस बारिश ने जुलाई महीने की कमी पूरी कर दी और पूरे सीजन का वर्षा घाटा घटकर 15% रह गया। हालांकि अब मौसम प्रणाली कमजोर पड़ने के बाद बारिश में फिर कमी आई है, जिससे मौसमी घाटा थोड़ा बढ़ सकता है।

जुलाई सामान्य बारिश के साथ समाप्त होने की उम्मीद

अगर केवल जुलाई महीने की बात करें तो अब तक देश में सामान्य से थोड़ी अधिक बारिश हुई है। 1 से 26 जुलाई के बीच पूरे देश में 238.2 मिमी बारिश दर्ज हुई, जबकि इस अवधि का सामान्य आंकड़ा 233.9 मिमी है। यानी जुलाई फिलहाल सामान्य से थोड़ा बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। जुलाई महीने के बाकी दिनों में प्रतिदिन औसतन 9 से 9.5 मिमी बारिश सामान्य मानी जाती है। पूरे महीने का सामान्य आंकड़ा पूरा करने के लिए अब लगभग 46.6 मिमी बारिश और चाहिए। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय गहरा दबाव (Deep Depression) और राजस्थान के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण के कारण जुलाई के अंतिम दिनों में बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी। इसलिए महीने के अंत तक किसी बड़े वर्षा घाटे की संभावना नहीं है। अनुमान है कि जुलाई 2026 सामान्य वर्षा के साथ समाप्त होगा, जबकि मानसून सीजन का कुल वर्षा घाटा करीब 15% के आसपास रह सकता है।

अगस्त-सितंबर में अल-नीनो और IOD पर रहेगी नजर

मानसून के दूसरे हिस्से यानी अगस्त और सितंबर को लेकर फिलहाल कोई स्पष्ट तस्वीर नहीं है। आगे का मौसम काफी हद तक इस बात पर निर्भर करेगा कि एल नीनो (El Niño) कितना मजबूत होता है और इंडियन ओशन डाइपोल (Indian Ocean Dipole - IOD) कितना विकसित होता है। अगले लगभग 10 दिनों के दौरान पूर्वी भारत, पूर्वोत्तर भारत और उत्तर-पश्चिम भारत में समय और स्थान के हिसाब से अच्छी बारिश होने की संभावना है। वहीं, महाराष्ट्र और गुजरात सहित मध्य भारत के कुछ हिस्सों में मानसून कुछ समय के लिए कमजोर रह सकता है।

दूसरी ओर दक्षिण भारत के अधिकांश हिस्सों में बारिश की कमी बनी रहने की आशंका है। तटीय कर्नाटक, केरल और गोवा को छोड़कर आंतरिक और दक्षिण-पूर्वी क्षेत्रों में पर्याप्त बारिश के संकेत फिलहाल नहीं हैं। यहां पहले से चल रहा 29% वर्षा घाटा महीने के अंत तक और बढ़ सकता है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि अगस्त के पहले सप्ताह तक मानसून के बाकी सीजन की स्थिति और एल नीनो-IOD के प्रभाव की तस्वीर अधिक स्पष्ट हो जाएगी।

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AVM GP Sharma
President of Meteorology & Climate Change
AVM Sharma, President of Meteorology & Climate Change at Skymet Weather Services, is a retired Indian Air Force officer who previously led the Meteorological Branch at Air Headquarters in New Delhi. With over a decade of experience at Skymet, he brings a wealth of knowledge and expertise to the organization.
FAQ

हाँ, मौजूदा अनुमान के अनुसार जुलाई सामान्य वर्षा के करीब या सामान्य वर्षा के साथ समाप्त हो सकता है।

अगस्त और सितंबर में मानसून का रुख मुख्य रूप से अल-नीनो (El Niño) और इंडियन ओशन डाइपोल (IOD) की मजबूती पर निर्भर करेगा।

महाराष्ट्र, गुजरात और दक्षिण भारत के अधिकांश आंतरिक हिस्सों में मानसून कुछ समय के लिए कमजोर रह सकता है, जबकि तटीय कर्नाटक, केरल और गोवा में बेहतर बारिश की संभावना है।

डिस्क्लेमर: डिस्कलेमर- यह विश्लेषण स्काइमेट के मौसम संबंधी आंकड़ों, आंतरिक पूर्वानुमान मॉडल, मौसम केंद्रों से प्राप्त जानकारी, जलवायु संबंधी डेटा और स्काइमेट की मौसम विशेषज्ञ टीम के आकलन पर आधारित है। सटीक जानकारी देने का पूरा प्रयास किया गया है, लेकिन मौसम लगातार बदलने वाली प्राकृतिक प्रक्रिया है, इसलिए परिस्थितियां समय के साथ बदल सकती हैं। यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से दी गई है और इसे अंतिम या पूरी तरह निश्चित मौसम पूर्वानुमान नहीं माना जाना चाहिए।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है