राजस्थान में वीकेंड तक मानसून रहेगा बेहद सक्रिय, जमकर बरसेंगे बादल, कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

By: AVM GP Sharma | Edited By: Mohini Sharma
Jul 25, 2026, 10:30 AM
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राजस्थान में भारी बारिश का अलर्ट, फोटो: AI Generated

पिछले 24 घंटों के दौरान राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। वहीं फलोदी, जोधपुर, अजमेर, बाड़मेर और जैसलमेर जैसे इलाकों में कहीं-कहीं भारी बारिश भी हुई। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले 24 घंटों तक राज्य में मानसूनी गतिविधियां बनी रहेंगी और विशेष रूप से पश्चिमी, दक्षिणी और मध्य राजस्थान में भारी बारिश की संभावना है। इन क्षेत्रों में अगले 24 घंटे मानसून सबसे अधिक सक्रिय रहेगा।

कम दबाव का क्षेत्र और अरब सागर से मिल रही नमी बढ़ा रही है बारिश

लगभग 22°–23° उत्तर अक्षांश के आसपास बनी पूर्व-पश्चिम दिशा की शियर ज़ोन (Shear Zone) के प्रभाव से दक्षिण-पूर्व राजस्थान और उससे सटे मध्य प्रदेश पर कम दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) बना हुआ है। अरब सागर के करीब होने के कारण इस सिस्टम को दक्षिण-पश्चिम दिशा से लगातार नमी मिल रही है। इससे पहले यही मौसम प्रणाली गुजरात में रिकॉर्डतोड़ बारिश का कारण बनी थी। अब यह सक्रिय बारिश वाला क्षेत्र उत्तर की ओर बढ़कर राजस्थान के दक्षिणी, पश्चिमी और मध्य जिलों पर पहुंच रहा है। हालांकि आने वाले दिनों में यह सिस्टम धीरे-धीरे कमजोर होगा क्योंकि यह अरब सागर से दूर जाता जाएगा, लेकिन अगले दो दिनों तक इसके प्रभाव से कई इलाकों में खराब मौसम और भारी बारिश जारी रहने की संभावना है।

इन जिलों में सबसे ज्यादा खतरा, 27 जुलाई से मौसम में सुधार

अगले 24 घंटे राजस्थान के दक्षिणी और पश्चिमी हिस्सों के लिए सबसे महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। इन इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश और कुछ स्थानों पर जलभराव या बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका है। सबसे अधिक प्रभावित होने वाले जिलों में जैसलमेर, बाड़मेर, फलोदी, जोधपुर, बीकानेर, बालोतरा, जालौर, सिरोही, पाली, कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़, राजसमंद, चित्तौड़गढ़, उदयपुर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा और प्रतापगढ़ शामिल हैं। वहीं पश्चिमी मध्य प्रदेश से लगे जिलों में भी भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। अगले तीन दिनों में बारिश का दायरा तो बना रहेगा, लेकिन इसकी तीव्रता धीरे-धीरे कम होगी। राज्य के उत्तरी हिस्सों में मौसम अपेक्षाकृत बेहतर रहेगा। 27 जुलाई से आंशिक सुधार शुरू होने की संभावना है, जबकि 28 जुलाई से अधिकांश राजस्थान में मौसम काफी हद तक साफ होने लगेगा।

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AVM GP Sharma
President of Meteorology & Climate Change
AVM Sharma, President of Meteorology & Climate Change at Skymet Weather Services, is a retired Indian Air Force officer who previously led the Meteorological Branch at Air Headquarters in New Delhi. With over a decade of experience at Skymet, he brings a wealth of knowledge and expertise to the organization.
FAQ

जैसलमेर, बाड़मेर, फलोदी, जोधपुर, बीकानेर, जालौर, सिरोही, पाली, उदयपुर, कोटा, बूंदी, बांसवाड़ा और प्रतापगढ़ समेत कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।

दक्षिण-पूर्व राजस्थान पर बने कम दबाव के क्षेत्र, पूर्व-पश्चिम शियर ज़ोन और अरब सागर से आ रही नमी के कारण मानसून बेहद सक्रिय हो गया है।

27 जुलाई से मौसम में आंशिक सुधार शुरू होने की संभावना है, जबकि 28 जुलाई से अधिकांश क्षेत्रों में बारिश की तीव्रता और कम हो जाएगी।

डिस्क्लेमर: डिस्कलेमर- यह विश्लेषण स्काइमेट के मौसम संबंधी आंकड़ों, आंतरिक पूर्वानुमान मॉडल, मौसम केंद्रों से प्राप्त जानकारी, जलवायु संबंधी डेटा और स्काइमेट की मौसम विशेषज्ञ टीम के आकलन पर आधारित है। सटीक जानकारी देने का पूरा प्रयास किया गया है, लेकिन मौसम लगातार बदलने वाली प्राकृतिक प्रक्रिया है, इसलिए परिस्थितियां समय के साथ बदल सकती हैं। यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से दी गई है और इसे अंतिम या पूरी तरह निश्चित मौसम पूर्वानुमान नहीं माना जाना चाहिए।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है

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