गुजरात,महाराष्ट्र, राजस्थान और मध्य प्रदेश में अगले 3 दिन भारी बारिश का अलर्ट, कई इलाकों में बाढ़ का खतरा

By: AVM GP Sharma | Edited By: Mohini Sharma
Jul 23, 2026, 2:45 PM
WhatsApp icon
thumbnail image

कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

मुख्य मौसम बिंदु

  • पिछले दो दिन इस मानसून सीजन में देशभर में सबसे अधिक बारिश वाले रहे।
  • देश में मानसून की वर्षा कमी 23% से घटकर 19% रह गई है।
  • गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र में अगले तीन दिन भारी से अति भारी बारिश होगी।
  • 27 जुलाई से अधिकांश क्षेत्रों में भारी बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ने लगेंगी।
  • पूर्वानुमान की वैधता: यह मौसम पूर्वानुमान 23 जुलाई से 27 जुलाई 2026 तक मान्य है।

पिछले दो दिन इस मानसून सीजन में पूरे देश के लिए सबसे अधिक बारिश वाले दिन रहे हैं। मध्य भारत में बने चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) और 22°-23° उत्तरी अक्षांश के आसपास सक्रिय ईस्ट-वेस्ट शियर ज़ोन (Shear Zone) के प्रभाव से ओडिशा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, मध्य महाराष्ट्र, कोंकण और गुजरात के कई इलाकों में 24 घंटे के दौरान 100 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा पंजाब, राजस्थान और जम्मू-कश्मीर के कुछ हिस्सों में भी भारी वर्षा हुई।

22 और 23 जुलाई को पूरे देश में क्रमशः 13.6 मिमी और 16.5 मिमी बारिश दर्ज हुई, जबकि सामान्य बारिश 9.6 मिमी और 9.8 मिमी होती है। यानी लगातार दो दिनों तक सामान्य से 50 प्रतिशत से अधिक बारिश हुई। इसी वजह से देशभर में मानसून की बारिश की कमी 23% से घटकर 19% रह गई है। कई इलाकों में बारिश इतनी अधिक हुई कि बाढ़ जैसे हालात बन गए। जुलाई महीने की बारिश की कमी भी घटकर केवल 1.2% रह गई है। अगर बारिश का यह सिलसिला जारी रहा तो जुलाई का कुल वर्षा आंकड़ा सामान्य से थोड़ा अधिक भी हो सकता है। तीसरे सप्ताह में मानसून की यह वापसी बेहद अच्छी मानी जा रही है।

Screenshot 2026-07-23 125220.png

शियर ज़ोन और चक्रवाती परिसंचरण से अगले तीन दिन बारिश

फिलहाल 22°-23° उत्तरी अक्षांश के आसपास सक्रिय शियर ज़ोन उत्तर गुजरात से लेकर झारखंड तक फैला हुआ है। इसके भीतर बना चक्रवाती परिसंचरण मध्य प्रदेश, राजस्थान और गुजरात के जंक्शन क्षेत्र पर केंद्रित है। इस प्रणाली के कारण इन क्षेत्रों के साथ-साथ उत्तर मध्य महाराष्ट्र, उत्तर कोंकण तट और दक्षिणी तटीय गुजरात में नमी का मजबूत प्रवाह बना हुआ है। अगले तीन दिनों तक इन इलाकों में भारी से अति भारी बारिश होने की संभावना है। हालांकि हर गुजरते दिन के साथ बारिश का क्षेत्र और उसकी तीव्रता धीरे-धीरे कम होती जाएगी। यह चक्रवाती परिसंचरण धीरे-धीरे उत्तर की ओर बढ़ते हुए दक्षिण और मध्य राजस्थान में पहुंच जाएगा तथा कमजोर पड़ने लगेगा। 26 जुलाई तक इसके काफी कमजोर होने और 27 जुलाई तक पूरी तरह समाप्त होने की संभावना है।

इन राज्यों में अगले 72 घंटे सबसे ज्यादा बारिश का खतरा

अगले 24 घंटों के दौरान गुजरात, दक्षिण राजस्थान, दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश और मध्य महाराष्ट्र की सीमाओं से जुड़े इलाके सबसे अधिक प्रभावित रहेंगे। यहां कई स्थानों पर भारी से अति भारी बारिश होने की संभावना है। अगले 24 घंटे बाद बारिश का दायरा लगभग समान रहेगा, लेकिन उसकी तीव्रता कुछ कम हो जाएगी। 25 जुलाई तक सबसे ज्यादा बारिश का क्षेत्र सिमटकर पश्चिम और मध्य राजस्थान तथा पश्चिमी मध्य प्रदेश के आसपास रह जाएगा। 26 जुलाई को भी इन क्षेत्रों में बारिश का असर बना रह सकता है, लेकिन 27 जुलाई से पूरे इलाके में मौसम की गतिविधियां तेजी से कमजोर पड़ जाएंगी और भारी बारिश समाप्त हो जाएगी।

इन शहरों और जिलों में बरतें विशेष सावधानी

महाराष्ट्र में पुणे, नासिक, धुले, नंदुरबार, जलगांव, अहमदनगर और औरंगाबाद के साथ उत्तर कोंकण तट के क्षेत्रों में भारी बारिश का खतरा रहेगा। गुजरात में खेड़ा, गोधरा, दाहोद, छोटा उदयपुर, तापी, अहमदाबाद, गांधीनगर, राजकोट, अमरेली, बोटाद, भुज और नलिया पर विशेष नजर रखने की जरूरत है। वहीं राजस्थान के डूंगरपुर, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़, चित्तौड़गढ़, झालावाड़ और सलूम्बर तथा मध्य प्रदेश के धार, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, देवास और इंदौर में भी भारी से अति भारी बारिश की आशंका है। इन सभी स्थानों और आसपास के क्षेत्रों में लोगों को अत्यधिक सतर्क रहने की सलाह दी गई है, क्योंकि कई जगह जलभराव, अचानक बाढ़ और यातायात बाधित होने जैसी स्थितियां बन सकती हैं।

author image
AVM GP Sharma
President of Meteorology & Climate Change
AVM Sharma, President of Meteorology & Climate Change at Skymet Weather Services, is a retired Indian Air Force officer who previously led the Meteorological Branch at Air Headquarters in New Delhi. With over a decade of experience at Skymet, he brings a wealth of knowledge and expertise to the organization.
FAQ

गुजरात, दक्षिण राजस्थान, दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश, मध्य महाराष्ट्र और उत्तर कोंकण क्षेत्र में भारी से अति भारी बारिश की संभावना है।

हाल की तेज बारिश के बाद देशभर में मानसून की वर्षा कमी घटकर 19% रह गई है।

23 से 26 जुलाई तक कई राज्यों में भारी बारिश जारी रहेगी। 27 जुलाई से मौसम की गतिविधियां धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगेंगी।

डिस्क्लेमर: डिस्कलेमर- यह विश्लेषण स्काइमेट के मौसम संबंधी आंकड़ों, आंतरिक पूर्वानुमान मॉडल, मौसम केंद्रों से प्राप्त जानकारी, जलवायु संबंधी डेटा और स्काइमेट की मौसम विशेषज्ञ टीम के आकलन पर आधारित है। सटीक जानकारी देने का पूरा प्रयास किया गया है, लेकिन मौसम लगातार बदलने वाली प्राकृतिक प्रक्रिया है, इसलिए परिस्थितियां समय के साथ बदल सकती हैं। यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से दी गई है और इसे अंतिम या पूरी तरह निश्चित मौसम पूर्वानुमान नहीं माना जाना चाहिए।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है

Suggested Resources