पंजाब के अमृतसर में मानसून का कहर, 24 घंटे में 185 मिमी बारिश, सड़कें जलमग्न और जनजीवन प्रभावित
मुख्य मौसम बिंदु
- अमृतसर में 24 घंटे में 185 मिमी रिकॉर्ड बारिश दर्ज हुई।
- यह जुलाई के सामान्य मासिक औसत 181.6 मिमी से भी अधिक है।
- शहर के कई इलाकों और स्वर्ण मंदिर जाने वाले मार्गों पर जलभराव हुआ।
- अगले तीन दिनों तक मध्यम से भारी बारिश जारी रहने की संभावना है।
- पूर्वानुमान वैधता: यह मौसम पूर्वानुमान 26 जुलाई 2026 तक मान्य है।
पंजाब के सीमावर्ती शहर अमृतसर में इस मानसून सीजन की सबसे भारी बारिश दर्ज की गई है। पिछले 24 घंटों में 185 मिमी वर्षा रिकॉर्ड हुई, जो जुलाई महीने के सामान्य औसत 181.6 मिमी से भी अधिक है। यह कम से कम पिछले 20 वर्षों की सबसे अधिक 24 घंटे की बारिश मानी जा रही है। इससे पहले 12 जुलाई 2017 को 152.9 मिमी बारिश दर्ज हुई थी। इस वर्ष 1 से 22 जुलाई 2026 के बीच अमृतसर में कुल 307 मिमी बारिश हो चुकी है। यह जुलाई माह में इस अवधि की दूसरी सबसे अधिक वर्षा है। इससे पहले जुलाई 2023 में 363.8 मिमी बारिश दर्ज हुई थी, जबकि जुलाई 1949 का 441.5 मिमी का सर्वकालिक रिकॉर्ड अभी भी कायम है। सप्ताह के बाकी दिनों में भी रुक-रुक कर बारिश जारी रहेगी और कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।
भारी बारिश से शहर जलमग्न, बासमती की खेती को फायदा
मंगलवार(21 जुलाई) को हुई मूसलाधार बारिश ने अमृतसर शहर की रफ्तार थाम दी। शहर के कई इलाके जलमग्न हो गए और स्वर्ण मंदिर (गोल्डन टेंपल) जाने वाले प्रमुख मार्गों पर भी पानी भर गया। मंगलवार सुबह शुरू हुई बारिश शाम तक लगातार जारी रही। बीच-बीच में बहुत भारी बारिश हुई, जिससे निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। हालांकि इस बारिश से लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली। साथ ही, यह क्षेत्र की प्रमुख बासमती धान की फसल के लिए भी बेहद लाभदायक मानी जा रही है।
अगले तीन दिन और बारिश के आसार, टूट सकता है 2023 का रिकॉर्ड
उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों पर एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है। इसके प्रभाव से मैदानी इलाकों में बनी ट्रफ पंजाब के तराई क्षेत्रों के करीब पहुंच गई है। इसी कारण पठानकोट, गुरदासपुर और अमृतसर में एक साथ भारी बारिश दर्ज की गई। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार यह ट्रफ अगले करीब तीन दिनों तक अमृतसर के आसपास बनी रह सकती है। इसलिए शहर और आसपास के क्षेत्रों में मध्यम से भारी बारिश जारी रहने की संभावना है। अगर ऐसा होता है तो जुलाई 2023 में दर्ज 363.8 मिमी मासिक वर्षा का रिकॉर्ड भी टूट सकता है, हालांकि 1949 का सर्वकालिक रिकॉर्ड अभी भी काफी आगे है।
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