बंगाल की खाड़ी में नया निम्न दबाव, क्या सितंबर में आएगा साल का पहला चक्रवाती तूफान?
मुख्य मौसम बिंदु
- उत्तरी अंडमान सागर में अगले 48 घंटों में निम्न दबाव बनने की संभावना है।
- सिस्टम 22 सितंबर तक डिप्रेशन या डीप डिप्रेशन में बदल सकता है।
- आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों पर संभावित असर की निगरानी रहेगी।
- सिस्टम चक्रवाती तूफान में बदलता है तो इसका नाम ‘Arnab’ होगा, जो बांग्लादेश द्वारा सुझाया गया नाम है।
- पूर्वानुमान वैधता: पूर्वानुमान 18 सितंबर 2026 तक के संकेतों पर आधारित है और सिस्टम की संरचना स्पष्ट होने के बाद ट्रैक व तीव्रता में बदलाव संभव है।
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उत्तरी थाईलैंड और उससे सटे म्यांमार के इलाके में एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसके प्रभाव से अगले 48 घंटों के भीतर उत्तर अंडमान सागर के ऊपर निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इसके बाद यह सिस्टम बंगाल की खाड़ी के मध्य हिस्सों की ओर बढ़ सकता है और 22 सितंबर तक डिप्रेशन या डीप डिप्रेशन में बदल सकता है। सिस्टम के बनने का समय और मौसमी परिस्थितियां इसे इस साल के पहले उष्णकटिबंधीय चक्रवात (tropical cyclone) में बदलने के लिए अनुकूल मानी जा रही हैं। हालांकि, अभी इसकी तीव्रता और आगे की दिशा के बारे में निश्चित रूप से कुछ कहना जल्दबाजी होगी। अगले सप्ताह के मध्य तक अगर यह सिस्टम डिप्रेशन की स्थिति में पहुंचता है, तो इसकी आगे की दिशा और ताकत का अनुमान अधिक स्पष्ट हो सकेगा।
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आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल पर नजर
भले ही अभी सिस्टम की सटीक दिशा और ताकत स्पष्ट नहीं है, लेकिन बंगाल की खाड़ी में बनने वाली ऐसी मौसम प्रणालियां पूर्वी तट के लिए खतरा पैदा कर सकती हैं। आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल सीधे तौर पर संभावित चक्रवाती प्रभाव के दायरे में आ सकते हैं। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि इन राज्यों में चक्रवात का असर निश्चित है। सिस्टम के विकसित होने के बाद सैटेलाइट तस्वीरों में इसकी संरचना स्पष्ट होगी और तभी इसकी ताकत, दिशा और तट की ओर बढ़ने का समय अधिक भरोसे के साथ बताया जा सकेगा। इसलिए आने वाले दिनों में सिस्टम के विकास और इसकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखना जरूरी होगा।
2026 का पहला चक्रवात बना तो नाम होगा 'Arnab'
इस साल मानसून-पूर्व मौसम में भारतीय समुद्री क्षेत्र में कोई उष्णकटिबंधीय तूफान नहीं बना था। भारतीय समुद्री क्षेत्र में पिछला चक्रवाती तूफान 'Ditwah' था, जिसने 28 नवंबर 2025 को श्रीलंका के पूर्वी तट पर दस्तक दी थी और वहां गंभीर बाढ़ व भूस्खलन की स्थिति पैदा की थी। इस कारण इस साल बनने वाला पहला चक्रवाती तूफान, यदि विकसित होता है, तो इसे लेकर विशेष सावधानी जरूरी होगी। संभावित तूफान का समय दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की प्रक्रिया के साथ भी मेल खा रहा है। इससे मध्य और पूर्वी भारत से मानसून की वापसी की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है और इसकी गति सामान्य से अलग हो सकती है। यदि यह सिस्टम निर्धारित चक्रवाती तीव्रता तक पहुंचता है, तो WMO की उत्तर हिंद महासागर नाम सूची के अनुसार इसका नाम 'Arnab' होगा, जिसे बांग्लादेश ने सुझाया है।
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