गुजरात में बहुत भारी बारिश का कहर अब थमेगा, जानिए कब और किन जिलों में सुधेरगा मौसम
मुख्य मौसम बिंदु
- दक्षिण गुजरात और मध्य गुजरात में अत्यंत भारी से रिकॉर्डतोड़ बारिश हुई।
- अहमदाबाद ने 24 घंटे की बारिश का दो दशक पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया।
- कई जिलों में जलभराव, स्थानीय बाढ़, उड़ानें प्रभावित और नदी-नालों का जलस्तर बढ़ा।
- अगले 24 घंटों में मध्य गुजरात के कई जिलों में भारी बारिश की संभावना है।
- पूर्वानुमान वैधता: यह पूर्वानुमान अगले 24 घंटे के लिए प्रभावी है, जबकि 2–3 दिनों में मौसम में सुधार की संभावना है।
पूर्वानुमान के अनुसार गुजरात के अधिकांश हिस्सों में पिछले 24 घंटों के दौरान बहुत भारी से अत्यंत भारी बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक असर दक्षिणी तटीय गुजरात और मध्य गुजरात में देखने को मिला। वलसाड, वापी, नवसारी और सूरत के तटीय क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश ने जनजीवन पूरी तरह प्रभावित कर दिया। वलसाड जिले के उमरगाम गांव में 24 घंटे के भीतर 1000 मिमी से अधिक बारिश होने की खबरें सामने आई हैं, जो बेहद असाधारण मानी जा रही हैं।

अन्य प्रमुख वर्षा आंकड़ों की बात करें तो वलसाड में 227 मिमी, अहमदाबाद में 295 मिमी, डांग में 281 मिमी, गांधीनगर में 216 मिमी और वडोदरा में 173 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा राज्य के कई अन्य इलाकों में 50 से 100 मिमी के बीच वर्षा दर्ज हुई। लगातार भारी बारिश के कारण कई स्थानों पर जलभराव, स्थानीय बाढ़, सड़क यातायात में बाधा और उड़ानों में देरी या रद्द होने जैसी समस्याएं सामने आईं। नदियों, नालों और जलाशयों का जलस्तर भी तेजी से बढ़ गया है, जिससे कुछ क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है।
अहमदाबाद में टूटा दो दशक पुराना रिकॉर्ड
अहमदाबाद में इस बारिश ने पिछले दो दशक से अधिक पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है। इससे पहले शहर में 30 जुलाई 2014 को 288.1 मिमी बारिश का रिकॉर्ड दर्ज था, लेकिन इस बार 24 घंटे में इससे भी अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई। जुलाई महीने में अब तक अहमदाबाद में 340.5 मिमी बारिश हो चुकी है, जबकि पूरे जुलाई महीने का सामान्य औसत 310 मिमी है। बारिश अभी भी जारी है और आज भी शहर में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। यदि बारिश इसी तरह जारी रही तो जुलाई महीने के कई पुराने रिकॉर्ड टूट सकते हैं।
कई मौसम प्रणालियों के एक साथ सक्रिय होने से हुई भारी बारिश
गुजरात में इतनी भीषण बारिश केवल एक मौसम प्रणाली के कारण नहीं हुई, बल्कि कई मौसमीय परिस्थितियां एक साथ सक्रिय रहीं। राजस्थान, गुजरात और मध्य प्रदेश के त्रि-जंक्शन पर बना मजबूत चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) इसका मुख्य कारण रहा। इसके साथ ही उत्तर-पूर्व अरब सागर से आने वाली नमी से भरपूर दक्षिण-पश्चिमी हवाओं ने बारिश को और अधिक ताकत दी।
दक्षिण गुजरात से पश्चिम बंगाल तक फैली पूर्व-पश्चिम दिशा की विंड शीयर (Shear Zone) ने बादलों के विकास को और तेज किया। इसके अलावा क्षेत्र की भौगोलिक बनावट (ओरोग्राफिक प्रभाव) और नमी के संगम (Convergence Zone) ने भी बादलों को लगातार सक्रिय बनाए रखा, जिससे कई जिलों में अत्यधिक बारिश हुई। अब यह चक्रवाती परिसंचरण उत्तर की ओर बढ़ते हुए दक्षिण राजस्थान और उससे सटे गुजरात के क्षेत्रों की तरफ शिफ्ट होगा।
अब धीरे-धीरे मिलेगी राहत, लेकिन कुछ जिलों में आज भी भारी बारिश संभव
मौसम की स्थिति को देखते हुए माना जा रहा है कि गुजरात में सबसे खराब दौर अब लगभग समाप्त हो चुका है। हालांकि अगले 24 घंटों तक भारी बारिश का क्षेत्र दक्षिणी तटीय इलाकों से हटकर मध्य गुजरात की ओर बढ़ जाएगा। अगले 24 घंटों के दौरान अहमदाबाद, गांधीनगर, खेड़ा, गोधरा, दाहोद, नडियाद, अरावली, वीरमगाम, मेहसाणा और साबरकांठा जिलों में भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। इसके बाद चक्रवाती परिसंचरण कमजोर होकर राजस्थान के पश्चिमी और मध्य भागों की ओर बढ़ जाएगा, जिससे गुजरात में बारिश की तीव्रता कम होने लगेगी। कल से राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम में सुधार होने की संभावना है और रविवार तक स्थिति और बेहतर हो जाएगी। इसके बाद सामान्य मानसूनी गतिविधियों के तहत आंशिक बादल और हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रह सकता है।
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