दिल्ली-NCR में बढ़ी प्री-मानसून हलचल, अगले 48 घंटे गरज-चमक के साथ बारिश के आसार, मानसून अभी दूर

By: AVM GP Sharma | Edited By: Mohini Sharma
Jun 24, 2026, 4:46 PM
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दिल्ली मौसम पूर्वानुमान, फोटो: AI-Generated

मुख्य मौसम बिंदु

  • पिछले 24 घंटों में सफदरजंग में 8 मिमी और पालम में 1 मिमी बारिश दर्ज।
  • आज और कल बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
  • हरियाणा, पंजाब और यूपी पर बने चक्रवाती परिसंचरण से मौसम प्रभावित।
  • दिल्ली में मानसून की एंट्री 27 जून के बजाय 5 जुलाई के बाद होने की संभावना।
  • पूर्वानुमान वैधता: वर्षा गतिविधियों का पूर्वानुमान अगले 48 घंटे और मानसून आगमन का अनुमान 5 जुलाई 2026 तक के लिए है।

पिछले 24 घंटों के दौरान दिल्ली-एनसीआर के कई हिस्सों में छिटपुट बारिश और गरज-चमक हुई। दिल्ली के बेस स्टेशन सफदरजंग में 8 मिमी और हवाई अड्डे के पालम स्टेशन में 1 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। शहर के अधिकांश अन्य मौसम केंद्रों पर भी 2 से 5 मिमी के बीच हल्की बारिश दर्ज हुई। आज भी इसी तरह की मौसमीय परिस्थितियाँ बनी हुई हैं।ॉ

आज और कल गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार आज और कल दिल्ली-एनसीआर में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियाँ अधिक दिखाई देंगी। हरियाणा, पंजाब और उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर प्री-मानसून मौसम से जुड़े छोटे-छोटे चक्रवाती परिसंचरण बने हुए हैं। इन परिसंचरणों को जोड़ने वाली ट्रफ रेखा दिल्ली के बेहद करीब बनी हुई है। आज 24 जून की सुबह हरियाणा और दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश दर्ज की गई। इसी तरह मौसम गतिविधि(बारिश, तेज हवाएं और गरज-चमक) शाम और रात के समय भी देखने को मिल सकती है, जिससे दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है।

दिल्ली में मानसून की एंट्री जुलाई तक टल सकती है

दिल्ली में दक्षिण-पश्चिम मानसून के पहुँचने की सामान्य तिथि 27 जून मानी जाती है। लेकिन इस बार मानसून निर्धारित समय से देर से पहुंचेगा और इसकी एंट्री जुलाई में होने की संभावना है। जुलाई की शुरुआत में बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। दिल्ली में मानसून के आगमन का समय काफी हद तक इसी सिस्टम की आगे की दिशा और गति पर निर्भर करेगा। फिलहाल संकेत हैं कि दिल्ली में मानसून 5 जुलाई 2026 के बाद ही दस्तक दे सकता है।

वीकेंड के बाद घटेंगी प्री-मानसून गतिविधियाँ

दिल्ली और आसपास के इलाकों में सप्ताहांत तक प्री-मानसून गतिविधियाँ धीरे-धीरे कम होने लगेंगी। अगले सप्ताह इन गतिविधियों में और कमी आने की संभावना है। हालांकि सतही और निचले स्तर की हवाएं मजबूत बनी रहेंगी, जिससे अगले 5 से 6 दिनों तक तापमान में तेज बढ़ोतरी की संभावना नहीं है। मानसून के आगमन के बाद दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में गर्मी से काफी राहत मिलने की उम्मीद है। जून के अंतिम दिनों और जुलाई की शुरुआत में मौसम सुहावना बना रह सकता है।

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AVM GP Sharma
President of Meteorology & Climate Change
AVM Sharma, President of Meteorology & Climate Change at Skymet Weather Services, is a retired Indian Air Force officer who previously led the Meteorological Branch at Air Headquarters in New Delhi. With over a decade of experience at Skymet, he brings a wealth of knowledge and expertise to the organization.
FAQ

वर्तमान संकेतों के अनुसार दिल्ली में मानसून 5 जुलाई 2026 के बाद पहुँच सकता है।

हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।

अगले 5 से 6 दिनों तक मजबूत हवाओं के कारण तापमान में तेज बढ़ोतरी की संभावना नहीं है।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी स्काइमेट की पूर्वानुमान टीम द्वारा किए गए मौसम और जलवायु विश्लेषण पर आधारित है। हम वैज्ञानिक रूप से सही जानकारी देने का प्रयास करते हैं, लेकिन बदलती वायुमंडलीय स्थितियों के कारण मौसम में बदलाव संभव है। यह केवल सूचना के लिए है, इसे पूरी तरह निश्चित भविष्यवाणी न मानें।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है

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