13 दिन की देरी से मुंबई पहुँचा मानसून, 24 घंटे में 200 मिमी से ज्यादा बारिश, जनजीवन अस्त-व्यस्त
मुख्य मौसम बिंदु
- मानसून इस वर्ष मुंबई में 13 दिन की देरी से पहुंचा।
- सांताक्रूज में 225 मिमी और कोलाबा में 248 मिमी बारिश दर्ज हुई।
- उत्तर कोंकण क्षेत्र में सबसे अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई।
- भारी बारिश के कारण सड़कें जलमग्न और ट्रैफिक प्रभावित हुआ।
- पूर्वानुमान वैधता: अगले 2 दिनों तक मान्य है।
मुंबई और उसके आस-पास के इलाकों में मानसून के आने के कुछ ही घंटों के भीतर ज़ोरदार बारिश हुई, जबकि मानसून 13 देरी से आया है। हालांकि यह देरी काफी ज्यादा थी, फिर भी यह 1959, 2019 और 2023 जैसे वर्षों के रिकॉर्ड से कम है, जब मानसून 25 जून को मुंबई पहुँचा था। जैसा कि पहले अनुमान लगाया गया था, मंगलवार आधी रात(23 जून) के बाद से ही लगातार बारिश हो रही है। शहर के कई हिस्सों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं के साथ भारी बारिश दर्ज की गई। अगले दो दिनों तक भी ऐसी ही स्थिति बने रहने की संभावना है, हालांकि बीच-बीच में थोड़े समय के लिए बारिश में कमी आ सकती है।
उत्तर कोंकण में सबसे ज्यादा बारिश, कई इलाकों में जलभराव
पिछले 24 घंटों के दौरान मुंबई के सांताक्रूज स्थित हवाई अड्डा वेधशाला में 225 मिमी और कोलाबा वेधशाला में 248 मिमी बारिश दर्ज हुई है। उत्तर कोंकण क्षेत्र में सांताक्रूज, कोलाबा, दहानू, अलीबाग और पालघर में सबसे अधिक बारिश हुई। वहीं, दक्षिण कोंकण के हरनाई, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग में बारिश कम रही। आज 24 जून की सुबह 8:30 बजे तक हरनाई में 62 मिमी और रत्नागिरी में 56 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। जून महीने में अब तक सांताक्रूज में कुल 271.1 मिमी और कोलाबा में 324.1 मिमी बारिश हो चुकी है। जबकि जून महीने की सामान्य वर्षा 526.3 मिमी मानी जाती है। फिलहाल भी मुंबई में बारिश जारी है और पूरे दिन भारी बारिश जारी रह सकती है।
8 घंटे में 200 मिमी से ज्यादा बारिश, उड़ानों और यातायात पर असर
मानसून आने के बाद मुंबई में केवल 8 घंटों के भीतर 200 मिमी से अधिक बारिश हो चुकी है। सुबह लोगों की नींद खुली तो शहर के कई हिस्सों में सड़कें जलमग्न थीं और भारी ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी हुई थी। लगातार हो रही तेज बारिश के कारण मुंबई में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी है। इसका असर हवाई सेवाओं पर भी दिखाई दे रहा है। भारी बारिश के चलते कई उड़ानों के आगमन और प्रस्थान में देरी हो रही है तथा कुछ उड़ानों का मार्ग भी बदला जा सकता है। लगातार देरी की स्थिति में उड़ानों के रद्द होने की भी संभावना बनी हुई है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा से पहले संबंधित एयरलाइन से अपनी उड़ान की स्थिति की जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें।
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