पूर्वोत्तर भारत में बढ़ेगी प्री-मानसून गतिविधि, असम-मेघालय में पहले ही दोगुनी बारिश के आसार
मुख्य मौसम बिंदु
- असम और मेघालय में सामान्य से दोगुनी बारिश हो चुकी है
- 9 अप्रैल को मतदान के दिन बारिश का असर रहेगा
- निचले असम में आंधी-तूफान और बिजली गिरने का खतरा
- पूरे सप्ताह पूर्वोत्तर भारत में प्री-मानसून बारिश जारी रहेगी
इस सप्ताह पूर्वोत्तर भारत में प्री-मानसून गतिविधियाँ तेज रहने की संभावना है। असम और मेघालय में इस सीजन में अब तक सामान्य से लगभग दोगुनी बारिश हो चुकी है, और आने वाले दिनों में यह बढ़त और अधिक बढ़ सकती है। खास बात यह है कि चुनावी राज्य असम में 09 अप्रैल 2026 को मतदान के दिन रुक-रुक कर बारिश होने का खतरा बना रहेगा। यह बारिश खासतौर पर सुबह के समय, दिन के दूसरे हिस्से और रात में ज्यादा देखने को मिल सकती है।
लगातार बनी रहेगी बारिश की स्थिति
पूर्वोत्तर क्षेत्र में बारिश की गतिविधियों के पीछे कई मौसमीय कारण एक साथ काम कर रहे हैं। मध्य असम और बांग्लादेश के आसपास एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है, वहीं उत्तर बिहार और आसपास के क्षेत्रों में भी एक और चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। इन दोनों सिस्टम्स के कारण एक ट्रफ रेखा पूरे ब्रह्मपुत्र घाटी क्षेत्र से होकर गुजर रही है। इसके अलावा, उत्तर बंगाल की खाड़ी पर बना एक एंटी-साइक्लोनिक परिसंचरण दक्षिण-पश्चिमी नम हवाओं को इस क्षेत्र की ओर धकेल रहा है। इन सभी कारकों के संयुक्त प्रभाव से पूरे पूर्वोत्तर भारत में इस सप्ताह प्री-मानसून बारिश जारी रहने की संभावना है।
आँधी-तूफान और बिजली गिरने का खतरा
09 अप्रैल 2026 को खासतौर पर निचले असम और इसके दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में खराब मौसम का ज्यादा असर देखने को मिल सकता है। जिन इलाकों में जोखिम अधिक रहेगा उनमें धुबरी, गोलपाड़ा, कोकराझार, बोंगाईगांव, बरपेटा, नलबाड़ी, गुवाहाटी, दिसपुर, कछार, हाफलोंग, दीमा हसाओ, सिलचर और करीमगंज शामिल हैं। राज्य के बाकी हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है। देर शाम और रात के समय बारिश और गरज-चमक की गतिविधियाँ ज्यादा तेज होंगी, जबकि सुबह के समय इसका असर कुछ कम हो जाएगा। ऐसे में लोगों को सलाह दी जाती है कि आँधी-तूफान और बिजली गिरने के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचें और सतर्क रहें।








