Weather Alert North India: उत्तर भारत मौसम अगले हफ्ते प्री-मानसून आँधी-बारिश तेज, ओलावृष्टि की संभावना
मुख्य मौसम बिंदु
- पश्चिमी विक्षोभ से उत्तर भारत में मौसम सक्रिय
- 4–7 मई के बीच आंधी-तूफान का चरम
- 60 किमी/घंटा तक तेज हवाओं की संभावना
- मध्य मई तक लू से राहत
पश्चिमी विक्षोभ और उसके असर से बने चक्रवाती परिसंचरण के कारण पिछले दो दिनों में पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली के कई हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और धूल भरी आंधी देखने को मिली। इससे पहले लुधियाना, पटियाला, अमृतसर, अंबाला और करनाल जैसे शहरों में तापमान 41-42°C तक पहुंच गया था। वहीं गंगानगर, सूरतगढ़ और अनूपगढ़ में तापमान 44°C से ऊपर चल रहा था। लेकिन हाल की मौसम गतिविधियों के कारण अब तापमान गिरकर कई जगहों पर 30 के ऊपरी स्तर (हाई 30s) में आ गया है, हालांकि हरियाणा और राजस्थान के कुछ हिस्सों में अभी भी 40°C से ऊपर बना हुआ है।
अगले सप्ताह बढ़ेगी प्री-मानसून गतिविधि, कई सिस्टम होंगे सक्रिय
आने वाले सप्ताह में उत्तर भारत के बड़े हिस्से में प्री-मानसून गतिविधियां और तेज होंगी। इसके पीछे कई मौसम कारक एक साथ काम करेंगे। मध्य एशिया और उत्तर पाकिस्तान के ऊपर ऊपरी वायुमंडल में बना गहरा ट्रफ भारत के मौसम को प्रभावित करेगा और गतिविधियों को बढ़ाएगा। इसके कारण उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में व्यापक स्तर पर धूल भरी आंधी और गरज-चमक वाले बादल बनेंगे। ऊंचे और मजबूत बादलों (अपड्राफ्ट) के कारण कुछ जगहों पर ओलावृष्टि की संभावना भी बढ़ेगी।
3 मई से तेज होगा असर, 60 किमी/घंटा तक चलेंगी हवाएं
मौसम गतिविधियां कल से हल्की शुरुआत करेंगी और 3 मई (रविवार) से तेज होने लगेंगी। अगले सप्ताह इनकी तीव्रता और दायरा दोनों बढ़ेंगे। राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली के कई हिस्सों में तेज आंधी-तूफान, धूल भरी आंधी और 60 किमी/घंटा से अधिक रफ्तार वाली हवाएं चल सकती हैं। यह मौसम एक बड़े क्षेत्र में एक साथ सक्रिय हो सकता है, जिससे खेती, हवाई सेवाओं, यात्रा और बाहरी गतिविधियों पर असर पड़ेगा। ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान और उड़ानों पर भी असर पड़ सकता है। ये गतिविधियां अधिकतर दोपहर बाद और शाम के समय होंगी, जबकि सुबह के समय मौसम साफ रह सकता है और तापमान 35-38°C के बीच पहुंच सकता है।
4–7 मई के बीच पीक, सावधानी जरूरी – लू से राहत जारी
2 और 3 मई को हल्की से मध्यम गतिविधियां रहेंगी, लेकिन 4 से 7 मई के बीच मौसम अपने चरम पर होगा, खासकर 4 और 5 मई को सबसे ज्यादा असर दिखेगा। इस दौरान बिजली गिरने, तेज हवाओं, उड़ती वस्तुओं और पेड़ों के गिरने का खतरा रहेगा, इसलिए सावधानी बरतना जरूरी है। इस सिस्टम का असर 2 दिन और बना रहेगा और 10 मई के बाद ही मौसम पूरी तरह साफ होने की संभावना है। राहत की बात यह है कि महीने के मध्य तक लू चलने की संभावना नहीं है।
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