केरल में प्री-मानसून गर्मी का असर, कन्नूर में सीजन का पहला 40°C तापमान रिकॉर्ड

By: Skymet team | Edited By:
Feb 25, 2025, 6:58 PM
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दक्षिण प्रायद्वीप और पश्चिमी तट पर समय से पहले प्री-मानसून गर्मी तेजी से बढ़ रही है। तमिलनाडु, केरल, रायलसीमा और उत्तर आंतरिक कर्नाटक के अंदरूनी हिस्सों में तापमान लगातार चढ़ रहा है। पश्चिमी घाट के किनारे स्थित तटीय इलाके देश के अन्य भागों की तुलना में ज्यादा गर्म हो गए हैं।

कई जगह तापमान 38°C पार: केरल, तटीय कर्नाटक, कोंकण और गोवा में तापमान में अचानक बढ़ गया है। कई इलाकों में पारा 38°C से ऊपर पहुंच चुका है। केरल के कन्नूर, कर्नाटक के होनावर और कारवार, महाराष्ट्र के रत्नागिरी और मुंबई में तापमान 38°C को पार कर गया है। कन्नूर एयरपोर्ट (केरल) ने 40.4°C तापमान दर्ज किया, जो इस सीजन का पहला 40°C का आंकड़ा है, साथ ही पूरे देश में अब तक का सबसे अधिक तापमान है। आमतौर पर, इस समय ओडिशा, गुजरात या रायलसीमा में सबसे पहले 40°C का तापमान दर्ज किया जाता है, लेकिन इस बार दक्षिण केरल ने यह रिकॉर्ड बनाया है।

इन राज्यों में बना शक्तिशाली प्रतिचक्रवात: महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और राजस्थान के कुछ हिस्सों में निचले स्तरों पर एक बड़ा प्रतिचक्रवात (एंटीसाइक्लोन) बना हुआ है, जो धीरे-धीरे पूर्व की ओर खिसक रहा है। इस तरह की स्थितियां वायुमंडल में हवा के संचलन को दबाव में डालती हैं, जिससे गर्म हवा नीचे की ओर आती है और तापमान में वृद्धि होती है। इस प्रभाव के कारण गर्मी प्रभावित क्षेत्र अपनी भौगोलिक सीमाओं से भी आगे फैल जाते हैं। तटीय इलाकों जैसे कोंकण, गोवा, तटीय कर्नाटक और केरल में समय से पहले हीट वेव जैसी स्थिति बनने लगी है।

आंतरिक हिस्सों से शुरू होती है हीट वेव: आमतौर पर, हीट वेव की शुरुआत गहरे आंतरिक इलाकों से होती है, जैसे कि ओडिशा, तेलंगाना, रायलसीमा, गुजरात और महाराष्ट्र। लेकिन इस बार केरल जैसे तटीय क्षेत्रों में भी तापमान 40°C तक पहुंच गया है, जो इस समय के लिए असामान्य है। अन्य शहरों जैसे कोट्टायम, वेलनिकारा और पुनालूर में भी तापमान 37°C के पार चला गया है।

मार्च में और बढ़ेगी गर्मी: गर्मी का असर 25 से 28 फरवरी तक जारी रहने की संभावना है, हालांकि इसमें हल्का उतार-चढ़ाव देखा जा सकता है। केरल के कुछ तटीय हिस्सों में 1 और 2 मार्च को हल्की बारिश होने की संभावना है। हालांकि, इसके बाद 3 से 10 मार्च के बीच फिर से एक शुष्क और अधिक भीषण गर्मी का दौर आने की संभावना है।

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Skymet team

डिस्क्लेमर: यह जानकारी स्काइमेट की पूर्वानुमान टीम द्वारा किए गए मौसम और जलवायु विश्लेषण पर आधारित है। हम वैज्ञानिक रूप से सही जानकारी देने का प्रयास करते हैं, लेकिन बदलती वायुमंडलीय स्थितियों के कारण मौसम में बदलाव संभव है। यह केवल सूचना के लिए है, इसे पूरी तरह निश्चित भविष्यवाणी न मानें।

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