पश्चिमी हिमालय में 2 मई से फिर शुरू होगी बारिश, हिमाचल-उत्तराखंड सहित कई राज्यों में बरसेंगे बादल

By: Skymet team | Edited By:
May 1, 2025, 8:00 PM
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पहाड़ी राज्यों में बारिश, फोटो: बिज़नेस स्टैंडर्ड

कुछ दिनों के सूखे मौसम के बाद अब पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में एक बार फिर से मौसम सक्रिय होने जा रहा है। 2 मई से एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) क्षेत्र को प्रभावित करेगा, जिससे गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएँ शुरू हो जाएंगी।

आने वाली मौसम प्रणालियाँ

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 2 मई से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में एक नया पश्चिमी विक्षोभ असर डालेगा। इसके बाद लगभग तीन दिनों के बाद एक और सिस्टम आने की संभावना है, जिससे मई के पहले सप्ताह तक मौसम सक्रिया बना रहेगा।

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किन-किन राज्यों में असर दिखेगा?

इस बार की गतिविधियाँ गिलगित-बाल्टिस्तान, मुज़फ़्फ़राबाद, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में देखी जाएंगी। इन राज्यों में अगले कुछ दिनों तक रुक-रुक कर हल्की से मध्यम बारिश और कहीं-कहीं गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।

बारिश का स्वरूप कैसा रहेगा?

हालांकि ये पश्चिमी विक्षोभ बहुत ज्यादा शक्तिशाली नहीं हैं, लेकिन निचले क्षेत्रों में जैसे कि शिमला, देहरादून, श्रीनगर में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। ऊपरी पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम शांत रह सकता है। मई के महीने में आमतौर पर पश्चिमी विक्षोभ की तीव्रता और संख्या कम हो जाती है क्योंकि मानसून का समय नजदीक आता है। लेकिन कभी-कभी अपवाद भी होते हैं और यह स्थिति उसी का उदाहरण है जहां प्री-मानसूनी गतिविधियाँ थोड़ी लंबी चल रही हैं।

कैसा रहेगा मौसम का मिजाज?

मई के पहले सप्ताह के दौरान हिमालयी राज्यों में मौसम ठंडा और सुहावना बना रहेगा। इससे लगातार बढ़ती गर्मी और सूखे से थोड़ी राहत मिलेगी।

सावधानियाँ और संभावित खतरे

हालांकि भारी बारिश नहीं होगी, इसलिए भूस्खलन या सड़क बंद होने की बड़ी घटनाओं की आशंका नहीं है। लेकिन कुछ संवेदनशील क्षेत्रों में जैसे कि ढलानों या निर्माण क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर छोटे-मोटे भूस्खलन या मिट्टी खिसकने की घटनाएं हो सकती हैं। यात्रियों और स्थानीय निवासियों को सलाह दी जाती है कि वे स्थानीय मौसम पूर्वानुमानों पर नजर रखें और सावधानी बरतें।

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Skymet team

डिस्क्लेमर: डिस्कलेमर- यह विश्लेषण स्काइमेट के मौसम संबंधी आंकड़ों, आंतरिक पूर्वानुमान मॉडल, मौसम केंद्रों से प्राप्त जानकारी, जलवायु संबंधी डेटा और स्काइमेट की मौसम विशेषज्ञ टीम के आकलन पर आधारित है। सटीक जानकारी देने का पूरा प्रयास किया गया है, लेकिन मौसम लगातार बदलने वाली प्राकृतिक प्रक्रिया है, इसलिए परिस्थितियां समय के साथ बदल सकती हैं। यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से दी गई है और इसे अंतिम या पूरी तरह निश्चित मौसम पूर्वानुमान नहीं माना जाना चाहिए।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है