पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली में भीषण लू का कहर, जानें कब मिलेगी गर्मी से राहत?
मुख्य मौसम बिंदु
- गंगानगर में देश का सबसे अधिक तापमान 45.6°C दर्ज।
- रोहतक, भिवानी और फलोदी में भी तापमान 45°C के पार पहुंचा।
- 11 से 13 जून के बीच आँधी, धूलभरी हवाएं और बारिश की संभावना।
- 14 जून तक तापमान में गिरावट और गर्मी से राहत के आसार।
उत्तर भारत में भीषण गर्मी का कहर जारी, 11 जून से आंधी-बारिश और तेज़ हवाओं से मिलेगी राहत
उत्तर भारत में गर्मी ने पकड़ी रफ्तार, कई शहरों में पारा 45 डिग्री के पार
पश्चिमी विक्षोभ के गुजर जाने के बाद उत्तर भारत के मैदानी और पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम साफ बना हुआ है। साफ आसमान और तेज धूप के कारण तापमान में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। देश में सबसे अधिक तापमान राजस्थान के गंगानगर में 45.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा हनुमानगढ़, अनूपगढ़ और सूरतगढ़ भी भीषण गर्मी की चपेट में हैं। हरियाणा के रोहतक और भिवानी तथा राजस्थान के फलोदी में भी तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया, जो हीटवेव की स्थिति को दर्शाता है। अगले दो दिनों तक ऐसी ही परिस्थितियाँ बनी रहने की संभावना है, जिसके बाद मामूली राहत मिल सकती है।
सीमा पार से आ रही तपिश बढ़ा रही परेशानी
पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ क्षेत्र के कई हिस्सों में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस से अधिक बना हुआ है। हालांकि यहां तापमान आधिकारिक हीटवेव मानकों से थोड़ा नीचे है, लेकिन गर्मी काफी तीव्र महसूस की जा रही है। पश्चिमी राजस्थान में गर्म हवाओं का असर पाकिस्तान की ओर से आ रहा है, जहां सिबी में तापमान 49 डिग्री सेल्सियस और जैकबाबाद में 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। भारत-पाकिस्तान सीमा से सटे इलाकों में अत्यधिक गर्मी पड़ रही है और महसूस किया जाने वाला तापमान 50 डिग्री सेल्सियस से भी अधिक है। लू के थपेड़ों ने हालात और गंभीर बना दिए हैं तथा लंबे समय तक बाहर रहना स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है।
हरियाणा और पंजाब भी तपिश की चपेट में
राजस्थान से सटे हरियाणा के इलाके और पंजाब के वे क्षेत्र जो पहाड़ी इलाकों से दूर हैं, भीषण गर्मी झेल रहे हैं। दोपहर के समय गर्मी का असर सबसे अधिक महसूस किया जा रहा है। रात के तापमान में भी बढ़ोतरी हुई है, जिससे लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है। वातावरण में मौजूद नमी के कारण उमस बढ़ रही है और हीट स्ट्रेस अधिक महसूस हो रहा है। हालांकि मानसून महाराष्ट्र, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ चुका है, लेकिन इसका असर अभी उत्तर और मध्य भारत की गर्मी कम करने में दिखाई नहीं दे रहा। फिलहाल मानसून के जल्द पहुंचने के संकेत भी नहीं हैं।
आँधी-तूफान और बारिश से घटेगा तापमान
11 जून को एक नया पश्चिमी विक्षोभ पर्वतीय क्षेत्रों में पहुंचने वाला है। इसके साथ ही मैदानी इलाकों में एक प्रेरित चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय होगा। इन दोनों मौसम प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से 11 से 13 जून के बीच उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में आँधी, धूलभरी आँधी और गरज-चमक वाली गतिविधियाँ देखने को मिलेंगी। तेज झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं, जिससे दृश्यता कम हो सकती है, कमजोर वस्तुएं उड़ सकती हैं और कुछ स्थानों पर पेड़ भी गिर सकते हैं। गरज और बिजली चमकने के बाद कई क्षेत्रों में बारिश और बौछारें पड़ने की संभावना है। 11 से 14 जून के बीच तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी। इसके बाद भी जून के चौथे सप्ताह की शुरुआत तक अधिकतम तापमान के 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जाने की संभावना कम है।
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