गुजरात में मूसलाधार बारिश का रेड अलर्ट, कई इलाकों में जलभराव का खतरा, जानें अपने जिले का हाल
कोंकण तट पर लगातार मूसलाधार बारिश हो रही है। मुंबई लगातार चौथे दिन पानी-पानी हो गई है। अब बारिश दक्षिणी तटीय गुजरात तक पहुँच रही है। बहुत जल्द यह भारी बारिश दक्षिण गुजरात में प्रवेश कर सौराष्ट्र और कच्छ के अधिकतर हिस्सों में फैल जाएगी। हालांकि मध्य और उत्तर गुजरात के अंदरूनी हिस्से इस बारिश से बच सकते हैं।
सक्रिय मौसम प्रणाली
उत्तर-पूर्वी अरब सागर और गुजरात के पास चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। 20°N अक्षांश पर पूर्व-पश्चिम शियर लाइन नवसारी और सूरत के पास से गुजर रही है। ओडिशा-छत्तीसगढ़ क्षेत्र में बना लो प्रेशर सिस्टम भी प्रभाव डाल रहा है। इन सबके असर से अरब सागर और तटीय सौराष्ट्र में चक्रवाती परिसंचरण और मजबूत होगा। यहाँ तक कि एक नया लो प्रेशर एरिया बनने की संभावना है, जिससे बारिश का दायरा और तीव्रता दोनों बढ़ेंगे।
19 से 21 अगस्त तक अलर्ट
कई सिस्टमों के संयुक्त प्रभाव से गुजरात में 19 से 21 अगस्त 2025 तक खतरनाक मौसम की स्थिति बनेगी। 22 अगस्त को भी कच्छ के पश्चिमी हिस्सों में इसका असर रह सकता है। भारी बारिश से रेल, सड़क और हवाई यातायात प्रभावित होगा। संचार और संपर्क व्यवस्था भी बाधित हो सकती है।
2 दिन इन क्षेत्रों में होगा भारी असर
19 अगस्त को सौराष्ट्र और दक्षिणी तटीय गुजरात में व्यापक बारिश होगी। अगले दो दिनों (20 और 21 अगस्त) में इसका दायरा बढ़कर पूरे दक्षिणी तटीय गुजरात, सौराष्ट्र और कच्छ तक पहुँच जाएगा। खतरे में रहने वाले प्रमुख शहरों में दक्षिण गुजरात के सूरत, वलसाड, नवसारी, वापी और भरूच शामिल हैं। साथ ही सौराष्ट्र क्षेत्र में भावनगर, महुवा, जाफराबाद, वेरावल, गिर सोमनाथ, दीव, जूनागढ़, पोरबंदर, द्वारका, ओखा, जामनगर, मोरबी और राजकोट प्रभावित हो सकते हैं। वहीं कच्छ के भुज, मांडवी, नलिया, लाखपत, अंजार, भचाऊ, कांडला और गांधीधाम में भी भारी बारिश का खतरा मंडरा रहा है।
इन इलाकों में राहत की उम्मीद
अहमदाबाद, गाँधीनगर, वडोदरा, आनंद, खेड़ा, अरावली, दाहोद, मेहसाणा, पालनपुर, साबरकांठा और बनासकांठा ये सभी जिले तेज बारिश से बच जाएंगे। यहाँ केवल मध्यम बारिश दर्ज होगी। पूरे गुजरात में 23 अगस्त से मौसम में सुधार की उम्मीद है।
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