दिल्ली में आज-कल बारिश की संभावना, सप्ताह भर सूखा रहेगा मौसम, जानें कब आएगा मानसून?

By: Skymet team | Edited By:
Jun 4, 2025, 1:30 PM
WhatsApp icon
thumbnail image

दिल्ली और एनसीआर में लगातार दूसरे दिन भी बारिश नहीं हुई, जबकि मौसम के अनुकूल संकेत मिल रहे थे। हालांकि कुछ हिस्सों जैसे अयनागर और जाफरपुर में हल्की वर्षा दर्ज की गई, लेकिन सफदरजंग और पालम जैसे प्रमुख वेधशालाओं में पिछले 48 घंटों में कोई बारिश नहीं हुई है। मौसम की स्थिति “टच एंड गो” जैसी रही यानी बादल छाए रहे लेकिन बारिश नहीं हुई।

तापमान सामान्य से काफी नीचे, आज और गिर सकता है

बारिश न होने के बावजूद तापमान काफी हद तक सामान्य से कम दर्ज किया गया। सफदरजंग में अधिकतम तापमान 33.1°C और पालम में 32.9°C दर्ज किया गया, जो सामान्य से 7-8 डिग्री सेल्सियस कम था। आज भी तापमान नीचे बना रहेगा, वहीं संभावना है कि और भी ज्यादा तापमान में गिरावट आए।

दिल्ली-एनसीआर में आज और कल बारिश की संभावना

पश्चिमी विक्षोभ अभी भी उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों में सक्रिय है। साथ ही, पंजाब, हरियाणा और उत्तर पश्चिमी उत्तर प्रदेश पर छोटे पैमाने की चक्रवातीय परिसंचरणों के साथ एक पूर्व-पश्चिम ट्रफ रेखा दिल्ली के पास बनी हुई है। इन प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से आज और कल दिल्ली/एनसीआर में एक-दो बार बारिश और गरज-चमक की संभावना बनी हुई है। दिन में बादल छाए रह सकते हैं और शाम या रात में छिटपुट हल्की बारिश हो सकती है।

बादल और हल्की हवाएं बनाए रखेंगी राहत

बादल छाए रहने और हल्की हवाओं के चलते तापमान 35°C से नीचे बना रहेगा, जिससे लगातार दूसरे दिन भी गर्मी से राहत मिल सकती है। रात का तापमान भी सुहावना रहेगा और 25-26°C के आसपास बना रह सकता है। हालांकि, 48 घंटों के बाद मौसम में बदलाव की संभावना है।

6 जून से बढ़ सकता है तापमान

6 जून से दिल्ली में शुष्क मौसम की शुरुआत हो सकती है, जो एक हफ्ते तक जारी रह सकता है। इस दौरान तापमान में तेज बढ़ोतरी होगी। रविवार या उसके बाद किसी भी दिन पारा 40°C तक पहुँच सकता है। हालांकि, इस दौरान चलने वाली तेज हवाएं गर्मी के असर को कुछ हद तक कम कर सकती हैं।

मानसून का दिल्ली में आगमन

दिल्ली में जून महीने के दौरान औसतन लगभग 80.6 मिमी बारिश होती है। लेकिन यह बारिश कितनी होगी, यह इस बात पर निर्भर करता है कि मानसून कब दिल्ली पहुंचेगा। अगर मानसून जल्दी आ जाता है, तो जून में बारिश सामान्य से ज्यादा भी हो सकती है। वहीं अगर मानसून की आमद में देरी होती है, तो जून में कम बारिश दर्ज की जाती है। इसलिए जून की वर्षा की मात्रा हर साल बदलती रहती है और इसका मुख्य कारण मानसून की शुरुआत की तारीख में बदलाव होता है। संक्षेप में, जून की बारिश का सीधा संबंध मानसून की समय पर या देर से आमद से होता है।

सामान्य तिथि 27 जून, लेकिन कोई तय समय नहीं

आमतौर पर दिल्ली में मानसून 27 जून को पहुंचता है, लेकिन यह तारीख कभी आगे-पीछे हो जाती है और कभी-कभी सटीक भी नहीं बैठती। वर्तमान में पूर्वी-पश्चिमी ट्रफ दिल्ली से उत्तर की ओर खिसक जाएगी और पश्चिमी विक्षोभ भी खत्म हो जाएगा। बंगाल की खाड़ी में जो मानसूनी प्रणाली easterly हवाओं को उत्तरी भारत तक पहुंचाती है, वह अभी कमजोर है और उसके सक्रिय होने में अगले सप्ताह के मध्य तक का समय लग सकता है।

गर्म और उमस भरे मौसम की ओर बढ़ रही है दिल्ली

सभी मौसम प्रणालियों को देखते हुए कहा जा सकता है कि दिल्ली 6 जून से एक सूखे और गर्म मौसम की ओर बढ़ रही है, जो कुछ दिनों तक रह सकता है। तापमान में वृद्धि होगी, लेकिन तेज हवाएं गर्मी को थोड़ा कम महसूस करवा सकती हैं। मानसून के पहुंचने में अभी समय है और किसी निश्चित तारीख की भविष्यवाणी करना अभी संभव नहीं है।

author image
Skymet team

डिस्क्लेमर: यह जानकारी स्काइमेट की पूर्वानुमान टीम द्वारा किए गए मौसम और जलवायु विश्लेषण पर आधारित है। हम वैज्ञानिक रूप से सही जानकारी देने का प्रयास करते हैं, लेकिन बदलती वायुमंडलीय स्थितियों के कारण मौसम में बदलाव संभव है। यह केवल सूचना के लिए है, इसे पूरी तरह निश्चित भविष्यवाणी न मानें।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है