Uttarakhand Cloudburst 2025: रुद्रप्रयाग-चमोली में भारी तबाही, पुल बह-स्कूल बंद, कई लोग फंसे होने की आशंका
उत्तराखंड में बादलों का कहर बरस रह है। रुद्रप्रयाग और चमोली में भारी तबाही हुई है। खूबसूरत लेकिन संवेदनशील उत्तराखंड की धरती एक बार फिर बादलों के फटने से दहशत में है। रुद्रप्रयाग और चमोली ज़िलों में भीषण बादल फटने की घटनाओं ने तबाही मचाई है। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक कई परिवार मलबे में दबे होने की आशंका है, जबकि कई लोग घायल भी हुए हैं।
रुद्रप्रयाग में छह लोग लापता, केदारनाथ घाटी में संकट
रुद्रप्रयाग ज़िले से अब तक छह लोगों के लापता होने की पुष्टि हुई है। अलकनंदा और मंदाकिनी नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। केदारनाथ घाटी भी अछूती नहीं रही। लवाड़ा गांव में मोटर मार्ग पर बना एक अहम पुल उफनती नदी में बह गया है। वहीं चेनागढ़ क्षेत्र भी बाढ़ और भूस्खलन की चपेट में आ गया है।
मौसम प्रणाली: पश्चिमी विक्षोभ और नमी वाली हवाओं का मेल
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार यह आपदा एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण हुई है, जो उत्तर पाकिस्तान से लेकर पंजाब तक 5.8 किलोमीटर ऊँचाई तक फैला हुआ है। बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आ रही नमी भरी हवाओं ने पहाड़ी इलाकों में नमी की मात्रा असामान्य रूप से बढ़ा दी। यही स्थिति क्लाउडबर्स्ट जैसी चरम बारिश की घटनाओं को जन्म देती है।
टिहरी में तबाही: मकान, मंदिर और फसलें बर्बाद
टिहरी ज़िले के बूढ़ा केदार और गेणवाली क्षेत्रों में बादल फटने से भारी नुकसान हुआ है। कई घर और धार्मिक स्थल भूस्खलन की चपेट में आ गए। मवेशी मारे गए और आलू की फसल पूरी तरह चौपट हो गई। भीलंगना, बल गंगा और धर्म गंगा नदियाँ उफान पर हैं। नैलचामी क्षेत्र में भूस्खलन से खेती योग्य ज़मीन, छोटे पुल और सिंचाई संरचनाएँ नष्ट हो गईं।
उत्तरकाशी: गंगोत्री हाईवे पर संकट, स्कूल बंद
उत्तरकाशी के पापड़गाड़, भटवारी में अचानक पानी बढ़ने से गंगोत्री राजमार्ग का पुल खतरे में है। पुल पर मलबे और पेड़ों के जमाव से यातायात ठप हो गया है। गंगोत्री और यमुनोत्री राजमार्ग कई जगह बाधित हैं। बागेश्वर के कपकोट क्षेत्र में 100 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई। नदियाँ और नाले उफान पर हैं। पौसारी गांव में एक मकान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुआ है। खतरनाक हालात को देखते हुए जिले के सभी स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र बंद कर दिए गए हैं।
धारी देवी मंदिर तक पहुँचा पानी, पिथौरागढ़ में लगातार बारिश
पिथौरागढ़ जिले में लगातार बारिश और आपदा का बढ़ता खतरा देखते हुए स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्रों को अगले आदेश तक बंद रखने का निर्णय लिया गया है। पौड़ी जिले में श्रीनगर के पास अलकनंदा नदी का जलस्तर 534.80 मीटर तक पहुँच गया है, जबकि खतरे का निशान 536 मीटर है। नदी का पानी धारी देवी मंदिर परिसर तक पहुँच गया है। प्रशासन ने तुरंत अलर्ट जारी कर दिया है।
नैनीताल: भूस्खलन से सड़क बंद, प्रशासन अलर्ट पर
नैनीताल जिले में रानीबाग पुल के पास हुए भूस्खलन के कारण हल्द्वानी–भीमताल मार्ग अवरुद्ध हो गया है। इससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। लगातार हो रही मूसलधार बारिश को देखते हुए रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, चमोली, हरिद्वार और पिथौरागढ़ जिलों में सभी शैक्षणिक संस्थानों को बंद रखने का आदेश दिया गया है।
अगले 2–3 दिन तक नहीं मिलेगी राहत
मौसम विभाग के मुताबिक उत्तराखंड को अगले दो से तीन दिनों तक भारी बारिश से राहत नहीं मिलेगी। ऐसे में प्रशासन और स्थानीय लोगों को सतर्क रहने और एहतियाती कदम उठाने की अपील की गई है।





