[Hindi] सम्पूर्ण भारत का 16 जून, 2026 का मौसम पूर्वानुमान
अगले 4 से 5 दिनों के दौरान दक्षिण-पश्चिम मानसून के महाराष्ट्र के और अधिक हिस्सों, कर्नाटक के शेष भागों, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल तथा ओडिशा, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ के कुछ और क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियाँ अनुकूल बनी हुई हैं।
समुद्र तल पर मौसमी ट्रफ पश्चिमी राजस्थान से गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल तक उत्तर राजस्थान, उत्तर मध्य प्रदेश, दक्षिण उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड होते हुए गुजर रही है।
दक्षिण ओडिशा तट और उससे सटे उत्तर आंध्र प्रदेश तट के ऊपर समुद्र तल से 3.1 किलोमीटर की ऊँचाई पर एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।
इस चक्रवाती परिसंचरण से दक्षिण तमिलनाडु तक दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर 3.1 किलोमीटर की ऊँचाई पर एक ट्रफ रेखा फैली है।
पिछले 24 घंटे के दौरान, असम, मेघालय, मणिपुर और अरुणाचल प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी वर्षा दर्ज की गई।
पूर्वोत्तर भारत, सिक्किम, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड के कुछ हिस्सों, तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश के कुछ भागों, मध्य प्रदेश, विदर्भ, मराठवाड़ा, अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह और जम्मू-कश्मीर में हल्की से मध्यम बारिश हुई।
राजस्थान, दिल्ली और हरियाणा के कुछ हिस्सों में गरज-चमक, धूल भरी आंधी और बारिश दर्ज की गई।
कोंकण-गोवा, मध्य महाराष्ट्र और लक्षद्वीप में हल्की बारिश हुई।
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अगले 24 घंटों के दौरान मौसम की संभावित गतिविधि
अगले 24 घंटे के दौरान, पूर्वोत्तर भारत में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी वर्षा हो सकती है।
पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र, सिक्किम, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना के कुछ हिस्सों, मध्य प्रदेश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश संभव है।
हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान के कुछ हिस्सों और पंजाब में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
विदर्भ, कोंकण-गोवा, छत्तीसगढ़ और पूर्वी बिहार में हल्की बारिश की संभावना है।
विदर्भ और राजस्थान के अलग-अलग हिस्सों में लू चलने की स्थिति बन सकती है।





