पश्चिमी विक्षोभ के असर से उत्तर-पश्चिम भारत में तूफानी मौसम, दिल्ली-पंजाब से राजस्थान तक बारिश और आँधी
मुख्य मौसम बिंदु
- मार्च के अंतिम दिनों में उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश और गरज-चमक
- पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में तेज हवाएं और आँधी
- तापमान नियंत्रित रहेगा, हीटवेव की संभावना नहीं
- खड़ी फसलों को नुकसान का जोखिम
उत्तर-पश्चिम भारत में मार्च की शुरुआत तेज गर्मी के साथ हुई, जिससे हीटवेव का खतरा बढ़ने लगा था। लेकिन 15 मार्च के आसपास आए एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ ने मौसम का रुख बदल दिया। इसके असर से पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान में बारिश और गरज-चमक हुई, जिससे तापमान गिरा और गर्मी से राहत मिली।
लगातार एक्टिव बना रहा मौसम
इस बदलाव के बाद से मौसम लगातार सक्रिय बना हुआ है। बीच-बीच में हो रही प्री-मानसून बारिश और आंधी-तूफान के कारण तापमान ज्यादा बढ़ नहीं पाया है। इन छोटे-छोटे लेकिन लगातार आने वाले मौसम बदलावों की वजह से इस समय मौसम अपेक्षाकृत सुहावना बना हुआ है।
दो नए सिस्टम फिर बढ़ाएंगे बारिश
अब 26 और 28 मार्च के आसपास आने वाले दो पश्चिमी विक्षोभ फिर से मौसम को सक्रिय करेंगे। 25 मार्च की शाम से पंजाब, हरियाणा और उत्तर-पश्चिम राजस्थान में हल्की बारिश शुरू हो सकती है। 26–27 मार्च को दिल्ली और आसपास के इलाकों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चलेंगी, जबकि 29 मार्च तक इन राज्यों के साथ उत्तर व पूर्व राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में व्यापक बारिश देखने को मिलेगी, जो 31 मार्च तक रुक-रुक कर जारी रह सकती है।
मार्च अंत तक राहत, लेकिन फसलों पर असर
मार्च के आखिरी दिनों में पूरे उत्तर-पश्चिम भारत में मौसम सक्रिय रहेगा और तापमान नियंत्रण में रहेगा, जिससे हीटवेव की संभावना नहीं है। हालांकि बार-बार हो रही बारिश और तेज हवाएं खड़ी फसलों के लिए नुकसानदायक हो सकती हैं। राहत की बात यह है कि अप्रैल के पहले हफ्ते में मौसम धीरे-धीरे सामान्य होने की उम्मीद है।






