बंगाल की खाड़ी में चक्रवात ‘मोंथा’ हुआ ताकतवर,आंध्र प्रदेश में बढ़ा खतरा, कल तट से टकराएगा तूफान
बंगाल की खाड़ी में बना गहरा दबाव बीती रात चक्रवाती तूफान में तब्दील हो गया है। यह तूफान वर्तमान में 12°N और 85°E के आसपास, दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी के पास केंद्रित है। अगले 6 घंटे तक यह तूफान पश्चिम-उत्तरपश्चिम दिशा में आगे बढ़ेगा और उसके बाद इसमें उत्तर की ओर झुकाव देखने को मिलेगा। इस दौरान इसकी तीव्रता बढ़ेगी और आज देर शाम तक यह ‘गंभीर चक्रवाती तूफान’ बन सकता है। स्काईमेट के अनुसार, यह आंध्र प्रदेश तट की ओर बढ़ेगा और कल 28 अक्टूबर की शाम तक टकरा सकता है।
थाईलैंड ने दिया नाम ‘मोंथा’
इस उष्णकटिबंधीय तूफान का नाम ‘मोंथा’ (Montha) रखा गया है, जो थाईलैंड की ओर से दिया गया है। यह इस साल का पहला चक्रवाती तूफान है जो बंगाल की खाड़ी में बना है। इससे पहले ‘शखाती’ नाम का तूफान अक्टूबर 2025 के पहले सप्ताह में अरब सागर में बना था, लेकिन वह समुद्र में ही कमजोर पड़ गया था। ‘मोंथा’ एक सीमांत गंभीर चक्रवात होगा, जिसकी अधिकतम हवा की रफ्तार करीब 90 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। हालांकि, तूफान पर तेज़ ऊर्ध्वाधर वायु कतरन (vertical wind shear) का असर है, लेकिन गर्म समुद्री सतह और ऊपरी स्तर पर वायु निकासी (outflow) इसकी ताकत को बनाए हुए हैं। यह तट से टकराने से पहले तक अपनी ताकत बरकरार रखेगा, लेकिन सामान्य तौर पर भूमि के संपर्क में आने पर चक्रवात कमजोर पड़ते हैं। फिर भी, 90 किमी/घंटा से अधिक रफ्तार वाली तेज़ हवाएं और भारी बारिश नुकसान पहुंचा सकती हैं, इसलिए तटवर्ती इलाकों को सतर्क रहने की जरूरत है।
काकीनाडा के पास होगा लैंडफॉल
चक्रवात ‘मोंथा’ के काकीनाडा (East Godavari, आंध्र प्रदेश) के पास भूमि से टकराने की संभावना है। मछलीपट्टनम (Machilipatnam) से लेकर कालिंगपट्टनम (Kalingapatnam) तक के तटीय इलाकों में खराब मौसम का खतरा रहेगा। तूफान के बाहरी बादल तटीय आंध्र प्रदेश तक पहुंच चुके हैं और विशाखापत्तनम, काकीनाडा और मछलीपट्टनम में हल्की बारिश शुरू हो चुकी है। विजयवाड़ा जैसे भीतरी क्षेत्रों में भी बारिश शुरू हो गई है। आने वाले घंटों में बारिश की तीव्रता और दायरा बढ़ेगा। तूफान के दक्षिण-पश्चिम हिस्से में मौसम ज्यादा खराब रहेगा, जिसमें ईस्ट और वेस्ट गोदावरी, एलुरु, काकीनाडा, राजामुंद्री, कोनसीमा और भीमवरम जिले शामिल हैं।

चक्रवाती तूफान मोन्था का ट्रैक
सतर्कता और राहत कार्य की तैयारी
सरकार ने स्कूल और कॉलेजों को बंद रखने के आदेश दिए हैं। शाम तक सभी इलाकों से निकासी (evacuation) का कार्य पूरा करने के निर्देश हैं। अगले तीन दिनों तक दफ्तरों और यात्रा (commuting) को सीमित या बंद रखने की सलाह दी गई है। रेल, सड़क और हवाई सेवाएं एक साथ प्रभावित हो सकती हैं। कई इलाकों में संचार और नेटवर्क सेवाएं बाधित हो सकती हैं। समुद्र की स्थिति बेहद खतरनाक रहेगी, इसलिए मछुआरों को समुद्र में जाने से मना किया गया है। आपदा प्रबंधन टीमें पूरी तैयारी की स्थिति में रहें, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत कार्य शुरू किया जा सके।
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