दक्षिण भारत में तेजी से बढ़ रही गर्मी, समय से पहले प्री-मानसून के संकेत

By: skymet team | Edited By: skymet team
Feb 12, 2025, 5:34 PM
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दक्षिण भारत में समय से पहले प्री-मानसून के संकेत, फोटो: Canva

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के अधिकतर हिस्सों में प्री-मानसून गतिविधियों के शुरुआती संकेत स्पष्ट रूप से देखे जा सकते हैं। आमतौर पर मार्च से मई के महीने को दक्षिण भारत में प्री-मानसून सीजन माना जाता है, जिसमें गर्मी धीरे-धीरे बढ़ती है। जैसे-जैसे यह मौसम आगे बढ़ता है, तापमान बढ़ना शुरू हो जाता है।

उत्तर भारत में तेजी से बढ़ रहा तापमान: मार्च के महीने में उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में मौसम सर्दी से बसंत ऋतु में बदल की ओर बदलाव देखा जाता है। हालांकि, इस बार उत्तर भारत में सामान्य से अधिक तेज गति से तापमान बढ़ रहा है। प्रायद्वीपीय(दक्षिण) भारत के आंतरिक भागों में गर्मी का असर पहले से ही दिखने लगा है, यहां शुरुआती गर्मी काफी तेज हो गई है।

पश्चिमी विक्षोभ कमजोर, एंटीसाइक्लोन का प्रभाव बढ़ा: पिछले कुछ समय में पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय रहे हैं, लेकिन यह कमजोर साबित हुए हैं। इस दौरान मौसमी उच्च दबाव (एंटीसाइक्लोन) अपने सामान्य स्थान से काफी पूर्व और दक्षिण की ओर खिसक गया है। एंटीसाइक्लोन का प्रभाव उच्च दबाव क्षेत्र के रूप में होता है, जिससे हवा नीचे की ओर दबती है और निचले वायुमंडलीय स्तरों में गर्मी बढ़ती है। ऐसी स्थितियाँ फिलहाल जारी रहेंगी और तेज गर्मी के जल्दी खत्म होने के आसार नहीं दिख रहे हैं।

इन राज्यों में सबसे ज्यादा गर्मी: तेजी से बढ़ती गर्मी का सबसे अधिक असर महाराष्ट्र, तेलंगाना, रायलसीमा और उत्तर आंतरिक कर्नाटक के हिस्सों में देखा जा रहा है। इन इलाकों में दिन का तापमान 36°C से अधिक रिकॉर्ड किया गया है। सबसे ज्यादा गर्मी वाले शहरों में अकोला, वाशीम, ब्रह्मपुरी, शोलापुर, गुलबर्गा, भद्राचलम, कुरनूल और नंदीगामा शामिल हैं। देशभर में सबसे अधिक तापमान 37.3°C कुरनूल में दर्ज किया गया, जहां पिछले 10 दिनों से 36°-37°C के बीच तापमान बना हुआ है।

आने वाले दिनों में और बढ़ेगी गर्मी: गर्म मौसम की यह स्थिति आगे और बढ़ने की संभावना है। अगले एक हफ्ते के दौरान इन राज्यों के अधिक इलाकों में तेज गर्मी का विस्तार होगा। ऐसा प्रतीत हो रहा है कि इस साल दक्षिण प्रायद्वीप के आंतरिक भागों में प्री-मानसून गतिविधियां सामान्य से पहले ही जोर पकड़ लेंगी। फरवरी के दूसरे पखवाड़े में तापमान और अधिक बढ़ने के आसार हैं। गर्मी की यह लहर अभी और तेज होगी और आने वाले दिनों में और व्यापक क्षेत्रों को प्रभावित कर सकती है।

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डिस्क्लेमर: यह जानकारी स्काइमेट की पूर्वानुमान टीम द्वारा किए गए मौसम और जलवायु विश्लेषण पर आधारित है। हम वैज्ञानिक रूप से सही जानकारी देने का प्रयास करते हैं, लेकिन बदलती वायुमंडलीय स्थितियों के कारण मौसम में बदलाव संभव है। यह केवल सूचना के लिए है, इसे पूरी तरह निश्चित भविष्यवाणी न मानें।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है