[Hindi] मध्य प्रदेश के भोपाल, उज्जैन, इंदौर, जबलपुर समेत कई हिस्सों में लगातार हो रही बारिश, अभी जारी रहेगा बारिश का तांडव

September 29, 2019 7:05 PM|

Madhya Pradesh rain

पूरे मध्य प्रदेश में पिछले 24 घंटों के दौरान मध्यम से भारी बारिश दर्ज हुई है। शनिवार सुबह 8:30 बजे से 24 घंटे में राज्य के कुछ स्थानों पर अच्छी बारिश हुई है। आंकड़ों के मुताबिक, मांडला में 70 मिमी की भारी बारिश दर्ज की गई है। इसके अलावा, उमरिया में 67.2 मिमी, रीवा में 41.6 मिमी और खजुराहो में 38.8 मिमी की अच्छी मॉनसून बारिश रिकॉर्ड हुई।

यह हैं बारिश के कारण

मध्य प्रदेश के उत्तरी हिस्सों और उससे सटे दक्षिणी उत्तर प्रदेश के भागों पर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है। यह मौसम प्रणाली औसत समुद्री स्तर से 4.5 किमी ऊपर तक फैली हुई है। यह प्रणाली आगे कमजोर हो जाएगी और थोड़ा पूर्वी दिशा की ओर बढ़ जाएगी।

मौसम प्रणाली के धीरे-धीरे कमजोर होने और पूर्वी दिशा की ओर बढ़ने के कारण बारिश की तीव्रता धीरे-धीरे कम हो जाएगी। हालांकि, अगले 12 से 18 घंटे मध्यम बारिश के साथ एक-दो स्थानों पर भारी बारिश जारी रहेगी।

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राज्य के टीकमगढ़, पन्ना, रीवा, जबलपुर, सीधी, सतना, अनूपपुर, छतरपुर और छिंदवाड़ा मेंमध्यम से भारी बारिश का अनुमानहै। इस बीच, भोपाल, उज्जैन, इंदौर, धार और खरगोन में भी हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

किसानों के लिए नुकसानदेह रही बारिश 

आगामी बारिश के दौरान, पूर्वी मध्य प्रदेश में पश्चिमी मध्य प्रदेश की तुलना में ज्यादा बारिश होगी। अत्यधिक वर्षा और उसके बाद के जलभराव से सोयाबीन, मूंगफली, कपास, ज्वार, मक्का और बाजरा जैसीफसलों को काफी नुकसानहुआ है। हालाँकि, 24 घंटों के बाद, बारिश की गतिविधियाँ धीरे-धीरे कम होने लगेगी।

अब तक इतनी बारिश का कारण

मानसून के इस सीजन में, अब तक शायद ही ऐसा कोई दिन रहा हो जब मध्य प्रदेश में बारिश नहीं हुई हो।बैक-टू-बैक बने निम्न दवाब क्षेत्रतथा चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र के विकसित होने के कारण ही राज्य में अब तक अधिक बारिश रिकॉर्ड हो पाई है।

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स्काईमेट के साथ उपलब्ध बारिश के आंकड़ों के अनुसार, पश्चिमी मध्य प्रदेश में 1 जून से 28 सितंबर तक61 प्रतिशत अधिक बारिश रिकॉर्डहुई है, जबकि पूर्वी मध्य प्रदेश में अधिक बारिश का आंकड़ा 22 प्रतिशत है।

Image Credit: DNA India

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