[Hindi] सम्पूर्ण भारत का 13 अक्टूबर, 2026 का मौसम पूर्वानुमान

By: Mahesh Palawat | Edited By: Mohini Sharma
Oct 12, 2026, 11:30 AM
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मौसम पूर्वानुमान

देश भर में मौसम प्रणाली:

दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी रेखा अभी 27.5°N/86.5°E, सुपौल, रांची, सुंदरगढ़, बरगढ़, बीजापुर, हैदराबाद, बेलगावी, पणजी और 15°N/72°E से होकर गुजर रही है।

अगले दो दिनों के दौरान पूर्वी भारत के कुछ और हिस्सों, प्रायद्वीपीय भारत के उत्तरी भागों और पूर्वोत्तर भारत के कई इलाकों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो रही हैं।

पहले उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पश्चिम बंगाल तथा उत्तरी ओडिशा के तट पर बना चक्रवाती परिसंचरण अब दक्षिण बांग्लादेश और उससे सटे गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल के ऊपर समुद्र तल से लगभग 1.5 किलोमीटर की ऊंचाई पर स्थित है।

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इसके अलावा, उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी से पूर्वी उत्तर प्रदेश तक एक ट्रफ रेखा बनी हुई है, जो उत्तरी ओडिशा, झारखंड और दक्षिण-पश्चिम बिहार से होकर गुजर रही है। यह समुद्र तल से लगभग 3.1 किलोमीटर की ऊंचाई पर सक्रिय है।

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मध्य पाकिस्तान और उसके आसपास के क्षेत्रों में समुद्र तल से 0.9 से 1.5 किलोमीटर की ऊंचाई पर एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। पूर्वी राजस्थान और आसपास के क्षेत्रों में भी लगभग 0.9 किलोमीटर की ऊंचाई पर चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। वहीं, पूर्वी उत्तर प्रदेश और आसपास के इलाकों में समुद्र तल से लगभग 4.5 किलोमीटर की ऊंचाई पर ऊपरी वायुमंडलीय चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है।

हिमाचल प्रदेश और उससे सटे उत्तरी हरियाणा के ऊपर समुद्र तल से 1.5 से 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई तक पश्चिमी विक्षोभ चक्रवाती परिसंचरण के रूप में सक्रिय है। इसके साथ जुड़ी ऊपरी वायुमंडलीय ट्रफ रेखा लगभग 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर 77° पूर्वी देशांतर के आसपास और 27° उत्तरी अक्षांश के उत्तर में स्थित है।

दक्षिण भारत में मन्नार की खाड़ी और उससे सटे दक्षिण तमिलनाडु तट के ऊपर तथा दक्षिण केरल और आसपास के क्षेत्रों में समुद्र तल से लगभग 0.9 किलोमीटर की ऊंचाई पर चक्रवाती परिसंचरण बने हुए हैं।

इस बीच, दक्षिण अंडमान सागर के ऊपर ऊपरी वायुमंडल में एक चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से लगभग 9.4 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है। इसके प्रभाव से 13 अक्टूबर के आसपास दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है।

पिछले 24 घंटों के दौरान देश भर में हुई मौसमी हलचल

पिछले 24 घंटों के दौरान, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह और लक्षद्वीप के अधिकांश स्थानों पर बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें दर्ज की गईं।

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, उत्तर-पश्चिमी राजस्थान, तटीय आंध्र प्रदेश और यनम के कई इलाकों में बारिश हुई। तमिलनाडु, केरल और ओडिशा में हल्की बारिश दर्ज की गई, जबकि देश के बाकी मौसम उपखंडों में मुख्य रूप से मौसम शुष्क रहा।

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हुई। इस दौरान जम्मू में सबसे अधिक 19 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई।

11 अक्टूबर को गुजरात के राजकोट एयरपोर्ट पर देश का सबसे अधिक अधिकतम तापमान 38.9°C दर्ज किया गया। तटीय कर्नाटक के कुछ स्थानों और असम, मेघालय तथा विदर्भ के कुछ इलाकों में अधिकतम तापमान सामान्य से काफी ऊपर रहा।

कोंकण और गोवा के बड़े हिस्सों के साथ महाराष्ट्र, तेलंगाना, रायलसीमा और आंतरिक कर्नाटक के कुछ क्षेत्रों में भी दिन का तापमान सामान्य से काफी अधिक दर्ज किया गया।

मैदानी इलाकों में सबसे कम न्यूनतम तापमान असम के हाफलोंग में 15.0°C रहा। असम और मेघालय के कुछ स्थानों, पूर्वी उत्तर प्रदेश तथा पंजाब में न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी अधिक दर्ज किया गया।

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अगले 24 घंटों के दौरान मौसम की संभावित गतिविधि

अगले 24 घंटे को दौरान, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी राजस्थान में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।

हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बिजली चमकने के साथ 50-60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं।

पंजाब में भी गरज-चमक के साथ 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और कुछ झोंकों के 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है। हिमाचल प्रदेश में बिजली गिरने की आशंका है।

पूर्वी राजस्थान, मध्य प्रदेश, विदर्भ, गुजरात और महाराष्ट्र के अधिकांश हिस्सों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने की संभावना है। छत्तीसगढ़ में कुछ स्थानों पर बारिश या गरज-चमक हो सकती है।

बिहार, झारखंड और ओडिशा में कहीं-कहीं हल्की बारिश संभव है, जबकि गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में मौसम संबंधी गतिविधियां सीमित रहने की उम्मीद है।

पूर्वोत्तर भारत में नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में बारिश की गतिविधियां सीमित रहने की संभावना है।

अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह में भी कुछ स्थानों पर बारिश या बौछारें पड़ सकती हैं। दक्षिण अंडमान सागर के ऊपर बना चक्रवाती परिसंचरण आसपास के समुद्री क्षेत्रों में मौसम को प्रभावित करने वाला प्रमुख सिस्टम बना रहेगा।

दक्षिण भारत में तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, तमिलनाडु, केरल, तटीय कर्नाटक और लक्षद्वीप में कुछ स्थानों पर बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है।

तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में गरज-चमक के दौरान बिजली गिरने और 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका है। हवा के कुछ झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।

तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनके झोंके 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। इन क्षेत्रों में सतह के पास तेज हवाएं भी चलने की संभावना है।

केरल में बिजली गिरने का खतरा बना रहेगा। दूसरी ओर, तेलंगाना, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक के अधिकांश हिस्सों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने की संभावना है।

किसी भी सूचना या लेख को प्रसारित या प्रकाशित करने पर साभार: skymetweather.com अवश्य लिखें।

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Mahesh Palawat
Vice President of Meteorology & Climate Change
Mr. Palawat, Vice President of Meteorology & Climate Change, is a former Air Force boxer and a passionate weather enthusiast. Dedicated to tracking and predicting weather for the benefit of farmers and the general public, he has been an integral part of Skymet since its inception.
FAQ

दिल्ली-NCR में कुछ स्थानों पर बारिश और गरज-चमक के साथ 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।

हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 50-60 किमी प्रति घंटे की तेज हवाएं चल सकती हैं। पंजाब में हवा की रफ्तार 40-50 किमी प्रति घंटे रहने और झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है।

दक्षिण अंडमान सागर के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से 13 अक्टूबर के आसपास दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है।

डिस्क्लेमर: यह विश्लेषण स्काइमेट के मौसम संबंधी आंकड़ों, आंतरिक पूर्वानुमान मॉडल, मौसम केंद्रों से प्राप्त जानकारी, जलवायु संबंधी डेटा और स्काइमेट की मौसम विशेषज्ञ टीम के आकलन पर आधारित है। सटीक जानकारी देने का पूरा प्रयास किया गया है, लेकिन मौसम लगातार बदलने वाली प्राकृतिक प्रक्रिया है, इसलिए परिस्थितियां समय के साथ बदल सकती हैं। यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से दी गई है और इसे अंतिम या पूरी तरह निश्चित मौसम पूर्वानुमान नहीं माना जाना चाहिए।

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