[Hindi] सम्पूर्ण भारत का 20 अक्टूबर, 2026 का मौसम पूर्वानुमान
दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे उत्तरी तमिलनाडु तट पर चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है, जो समुद्र तल से 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला है। इस चक्रवाती परिसंचरण से उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक एक ट्रफ रेखा बनी हुई है, जो 1.5 किलोमीटर की ऊंचाई तक विस्तृत है।
उत्तर आंतरिक कर्नाटक और आसपास के क्षेत्रों में निचले स्तरों पर एक अन्य चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है।
दक्षिण-पश्चिम अरब सागर पर बना गहरा निम्न दबाव क्षेत्र धीरे-धीरे पूर्व दिशा में बढ़ा है और फिलहाल इसी क्षेत्र में बना हुआ है। इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से 9.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला है।
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अगले 2 से 3 दिनों के दौरान इसके डिप्रेशन में intensify होने की संभावना है। शुरुआत में यह उत्तर-उत्तर-पूर्व दिशा में बढ़ सकता है, जिसके बाद धीरे-धीरे उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर मुड़कर सोमालिया के तट की तरफ बढ़ेगा।
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पश्चिमी विक्षोभ से जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण हिमाचल प्रदेश और उससे सटे पंजाब के ऊपर 3.1 किलोमीटर की ऊंचाई पर बना हुआ है।
दक्षिण राजस्थान और आसपास के क्षेत्रों में भी एक चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है।
दक्षिण-पूर्वी बांग्लादेश और उससे सटे त्रिपुरा के ऊपर 1.5 किलोमीटर की ऊंचाई पर एक अन्य चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।
पिछले 24 घंटे के दौरान, पश्चिमी मध्य प्रदेश और अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह में हल्की से मध्यम बारिश के साथ एक-दो स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की गई।
केरल, तमिलनाडु, रायलसीमा, तटीय आंध्र प्रदेश, कोंकण और गोवा तथा कर्नाटक के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हुई।
लक्षद्वीप, तटीय आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में हल्की बारिश दर्ज की गई।
अगले 24 घंटों के दौरान मौसम की संभावित गतिविधि
अगले 24 घंटे के दौरान, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और केरल में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है।
अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह, दक्षिण कोंकण और गोवा तथा लक्षद्वीप में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
दक्षिण छत्तीसगढ़, तेलंगाना, दक्षिण ओडिशा और त्रिपुरा में हल्की बारिश होने की संभावना है।














