रेत जैसी तपती ज़मीन! भीषण गर्मी की चपेट में राजस्थान और गुजरात, तापमान 46°C तक पहुंचने के आसार

By: skymet team | Edited By: skymet team
Apr 25, 2025, 6:10 PM
WhatsApp icon
thumbnail image

राजस्था-गुजरात में भीषण लू, फोटो: Skymet

पिछले हफ्ते राजस्थान में लू का जबरदस्त असर देखा गया था, जहां तापमान 45°C से 46°C तक पहुंच गया था। हालांकि, पर्वतीय इलाकों में हुई बारिश और बर्फबारी के चलते तापमान कुछ समय के लिए कम हो गया था। अब एक बार फिर तापमान के तेजी से बढ़ने के आसार हैं, जिससे पश्चिमी राजस्थान व गुजरात के आंतरिक हिस्सों में लू की स्थिति बन सकती है। पाकिस्तान सीमा से सटे इलाकों में तो गंभीर लू चलने की भी संभावना है।

पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवातीय परिसंचरण से बदलेगा मौसम का रुख

पश्चिमी विक्षोभ अब पहाड़ों से आगे बढ़कर पूर्व की ओर जाएगा। इसके साथ ही निचले स्तरों पर एक चक्रवाती परिसंचरण (cyclonic circulation) पाकिस्तान के मध्य हिस्से और पश्चिमी राजस्थान के पास बन रहा है। इसके चलते दक्षिण-पश्चिमी हवाएं पाकिस्तान से राजस्थान और गुजरात की ओर आएंगी। पहले पाकिस्तान में भी उत्तर में बारिश-बर्फबारी के कारण तापमान गिर गया था, लेकिन अब जैसे-जैसे मौसम साफ हो रहा है, वहां का तापमान फिर 44-46°C तक पहुंच गया है। ये गर्म हवाएं अब राजस्थान और गुजरात में तापमान को और बढ़ाएंगी।

दोनों राज्यों के कई इलाकों में 5 से 7 दिनों तक लू की स्थिति

राजस्थान के शुष्क इलाकों और गुजरात के अर्ध-शुष्क इलाकों में कई कारकों के मेल से तापमान में तेज बढ़ोतरी होगी। बाड़मेर, जैसलमेर, फलोदी, बीकानेर और जोधपुर जैसे शहरों में तापमान 44°C से 46°C तक पहुंच सकता है और 5 से 7 दिनों तक लू की स्थिति बनी रह सकती है। इसके अलावा जयपुर, चुरू, चित्तौड़गढ़, कोटा और गंगानगर में भी लू का असर देखने को मिलेगा।

गुजरात के भी कई शहर लू की चपेट में आएंगे

गुजरात के अहमदाबाद, गांधीनगर, वडोदरा, अमरेली, राजकोट, सुरेंद्रनगर और भुज में भी लू की स्थिति बन सकती है। इन शहरों में दिन में तेज़ गर्मी के साथ-साथ रातें भी गर्म रहेंगी। अप्रैल के बाकी बचे दिनों में यही हालात बने रहेंगे।

राहत की उम्मीद मई के पहले हफ्ते में

फिलहाल गर्मी से राहत की कोई संभावना नहीं है। राहत की कुछ उम्मीद मई 2025 के पहले सप्ताह में की जा सकती है, जब देश के कई हिस्सों में प्री-मानसून गतिविधियां शुरू हो सकती हैं। तब जाकर तापमान में थोड़ी गिरावट और मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा।

author image

डिस्क्लेमर: यह जानकारी स्काइमेट की पूर्वानुमान टीम द्वारा किए गए मौसम और जलवायु विश्लेषण पर आधारित है। हम वैज्ञानिक रूप से सही जानकारी देने का प्रयास करते हैं, लेकिन बदलती वायुमंडलीय स्थितियों के कारण मौसम में बदलाव संभव है। यह केवल सूचना के लिए है, इसे पूरी तरह निश्चित भविष्यवाणी न मानें।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है