दिल्ली में दो हफ्तों बाद हल्की बारिश, फरवरी के आखिरी दिनों में दोबारा बरस सकते हैं बादल
दिल्ली और इसके उपनगरों में 19 फरवरी को करीब दो हफ्तों के बाद हल्की बारिश दर्ज की गई। पूर्वानुमान के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में बीती रात बारिश और गरज के साथ बौछारें देखने को मिलीं, जो सुबह तक जारी रहीं। हालांकि, अब मौसम में सुधार हो रहा है और केवल छिटपुट बादल ही नजर आ रहे हैं। आज दिन में मौसम में किसी और बदलाव की संभावना नहीं है। दिल्ली के विभिन्न मौसम केंद्रों में हल्की बारिश रिकॉर्ड की गई, जो अधिकतम 1 मिमी या उससे भी कम रही। मुख्य वेधशाला सफदरजंग में 0.9 मिमी और एयरपोर्ट वेधशाला में 1.0 मिमी बारिश दर्ज हुई है।
पश्चिमी विक्षोभ और मौसमी प्रणाली की स्थिति: वर्तमान में पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में सक्रिय है, जबकि इससे बना चक्रवातीय परिसंचरण(cyclonic circulation) अब पश्चिमी राजस्थान और इससे सटे इलाकों में पहुंच गया है। इसका असर मुख्य रूप से पंजाब और हरियाणा के उत्तरी हिस्सों में रहेगा। दिल्ली इस प्रणाली के किनारे पर स्थित थी, इसलिए यहां बारिश जल्दी ही समाप्त हो गई। हालांकि, इस महीने के अंत में एक और बारिश का दौर देखने को मिल सकता है, जिसकी पुष्टि सप्ताह के अंत तक की जा सकेगी।
दिल्ली के तापमान में बदलाव: रात में बादलों की मौजूदगी और बारिश के कारण दिल्ली में न्यूनतम तापमान बढ़ गया। आज सुबह सफदरजंग वेधशाला में न्यूनतम तापमान 15°C दर्ज किया गया, जो इस साल का अब तक का सबसे अधिक न्यूनतम तापमान है। कल यानी 19 फरवरी को अधिकतम तापमान 28.4°C था, जो सामान्य से 4°C अधिक था। हालांकि, बीती रात हुई बारिश और वातावरण में नमी के कारण आज 20 फरवरी का अधिकतम तापमान लगभग 1°C कम रह सकता है, लेकिन फिर भी यह सामान्य से ऊपर ही रहेगा। मौसम प्रणाली का असर खत्म होने के बाद न्यूनतम तापमान गिरकर 10-11°C तक पहुंच सकता है।
आगे के दिनों में दिल्ली का मौसम: अगला पश्चिमी विक्षोभ 24-25 फरवरी के आसपास उत्तर भारत में दस्तक दे सकता है। हालांकि, अभी इसकी सटीक भविष्यवाणी करना जल्दबाजी होगी। 22-23 फरवरी तक अधिक सटीक जानकारी मिलेगी। दिल्ली में फरवरी के अंतिम दो दिनों में हल्की बारिश देखने को मिल सकती है। कुल मिलाकर फरवरी का महीना अब भी अपने औसत 21.5 मिमी बारिश के लक्ष्य से काफी पीछे रहेगा।







