दिल्ली में पारा स्तर गिरा, मध्य फरवरी तक शुष्क मौसम की संभावना

By: Skymet team | Edited By:
Feb 6, 2025, 1:46 PM
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दिल्ली में बदलता मौसम, फोटो: Canva

जैसा कि उम्मीद थी, दिल्ली में रात के तापमान में तेज गिरावट दर्ज की गई है। सफदरजंग बेस स्टेशन ने न्यूनतम 8.2°C रिकॉर्ड किया, जो कल 5 फरवरी की तुलना में 3°C कम है। पिछले 5 दिनों से लगातार दोहरे अंकों में बना न्यूनतम तापमान अब एकल अंक पर आ गया है। अगले 2-3 दिनों तक न्यूनतम तापमान एकल अंकों में बना रहेगा, जिसके बाद तापमान धीरे-धीरे बढ़ेगा।

पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव और बर्फबारी: पश्चिमी विक्षोभ अब पहाड़ों से आगे बढ़ चुका है। इसकी वजह से जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के मध्य और ऊपरी क्षेत्रों में छिटपुट हिमपात हुआ है। मनाली, कुफरी, नारकंडा और केलांग घाटी में मध्यम बर्फबारी दर्ज की गई। सिस्टम के गुजरने के बाद आमतौर पर तापमान में गिरावट होती है, जिसका प्रभाव मैदानी इलाकों खासकर दिल्ली-एनसीआर और राजस्थान में देखा गया। राजस्थान के कुछ हिस्सों में न्यूनतम तापमान 5°C से नीचे चला गया।

ठंडी हवाओं से बढ़ती ठंडक: पश्चिमी विक्षोभ के गुजरने के बाद तापमान में अंतर के कारण उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाओं की रफ्तार बढ़ गई है। दिल्ली क्षेत्र में 6, 7 और 8 फरवरी को सतह पर हवाएं तेज़ चलेंगी। इन हवाओं की वजह से सुबह के समय ठंड का अहसास (feel-like temperature) और अधिक हो जाएगा। 8 फरवरी की देर रात एक नया पश्चिमी विक्षोभ पहुंचने की संभावना है, जिससे तापमान फिर से बढ़ेगा और हवाओं की रफ्तार धीरे-धीरे कम हो जाएगी। 8 से 10 फरवरी के बीच हवा की गति में गिरावट देखी जाएगी।

दिल्ली-NCR में शुष्क मौसम: यह नया पश्चिमी विक्षोभ मुख्य रूप से पहाड़ी इलाकों को प्रभावित करेगा, जबकि दिल्ली-एनसीआर में मौसम शुष्क बना रहेगा। दिल्ली में मध्य फरवरी तक बारिश की संभावना नहीं है। 10 फरवरी के बाद सतही और निचले स्तर की हवाएं फिर से तेज़ हो सकती हैं और महीने के मध्य तक प्रभावी रहेंगी। यह बदलाव आने वाले मौसमी बदलाव (सीजन चेंज) का संकेत भी देता है।

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बढ़ेगा तापमान, ठंंड होगी कम: दिन का तापमान बढ़ेगा और मध्य 20°C तक पहुंच सकता है। फरवरी के दूसरे भाग में न्यूनतम तापमान में भी धीरे-धीरे बढ़ोतरी देखने को मिलेगी, जिससे ठंड का असर कम होने लगेगा।

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Skymet team

डिस्क्लेमर: डिस्कलेमर- यह विश्लेषण स्काइमेट के मौसम संबंधी आंकड़ों, आंतरिक पूर्वानुमान मॉडल, मौसम केंद्रों से प्राप्त जानकारी, जलवायु संबंधी डेटा और स्काइमेट की मौसम विशेषज्ञ टीम के आकलन पर आधारित है। सटीक जानकारी देने का पूरा प्रयास किया गया है, लेकिन मौसम लगातार बदलने वाली प्राकृतिक प्रक्रिया है, इसलिए परिस्थितियां समय के साथ बदल सकती हैं। यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से दी गई है और इसे अंतिम या पूरी तरह निश्चित मौसम पूर्वानुमान नहीं माना जाना चाहिए।

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