Severe Heatwave Alert: गर्मी का प्रचंड प्रहार, भीषण लू से झुलस रहा आधा भारत, पारा 40°C के पार, जानें बचाव के उपाय

By: Skymet team | Edited By:
Apr 24, 2025, 1:08 PM
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भारत इस समय भीषण लू की चपेट में है, जिससे देश के आधे से ज्यादा हिस्सों में तापमान 40°C से ऊपर पहुंच गया है। मध्य भारत से लेकर पूर्वी मैदानी इलाकों और प्रायद्वीपीय क्षेत्रों तक झुलसाने वाली गर्मी ने पूरे देश को घेर रखा है। राहत की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही है।

किन राज्यों में लू का असर

भारत के कई राज्यों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर चला गया है। जिसमें मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, विदर्भ, बिहार, ओडिशा, झारखंड, गंगा किनारे पश्चिम बंगाल, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, छत्तीसगढ़, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना जैसे क्षेत्र गंभीर लू का सामना कर रहे हैं।

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शहरों में तापमान रिकॉर्ड तोड़

कुछ प्रमुख शहरों में तापमान इस प्रकार दर्ज किया गया:

• झारसुगुड़ा (ओडिशा): 45.4°C (सबसे अधिक)

• अकोला (महाराष्ट्र): 45.0°C

• निजामाबाद (तेलंगाना): 44.5°C

• नागपुर (महाराष्ट्र): 44.4°C

• आदिलाबाद (तेलंगाना): 44.3°C

• रतलाम (मध्य प्रदेश): 44.2°C

• परभणी (महाराष्ट्र): 44.1°C

• बांदा (उत्तर प्रदेश): 44.0°C

इसके अलावा, बिलासपुर, संबलपुर, सोलापुर, सुरेंद्रनगर, बाड़मेर, राजकोट, मेडक, भुज, होशंगाबाद, खजुराहो, मंडला, रायपुर, डाल्टनगंज, जलगांव, जेऊर, मालेगांव और नंद्याल जैसे शहरों में तापमान 43°C से 44°C के बीच बना हुआ है।

आने वाले दिनों में मौसम का हाल

उत्तर-पश्चिम भारत, गुजरात और पूर्वी भारत में तापमान और बढ़ने की संभावना है। एक पश्चिमी विक्षोभ के कारण पश्चिमी हिमालय में चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) बना हुआ है, जिससे सिंध, बलूचिस्तान और थार रेगिस्तान से गर्म और शुष्क हवाएं हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र की ओर बह रही हैं। इन हवाओं के कारण इन राज्यों में तापमान बढ़ेगा और मौसम अधिक सूखा एवं तपता हुआ रहेगा।

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ऐसा क्यों हो रहा है?

इस गर्मी का मुख्य कारण मौसम में हो रहे बदलाव हैं। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से एक चक्रवाती परिसंचरण पाकिस्तान के ऊपर बना है, जिससे बेहद गर्म और शुष्क हवाएं भारत की ओर आ रही हैं। इन हवाओं के साथ साफ आसमान, शुष्क हवा और तीव्र धूप, ये सभी लू के लिए अनुकूल परिस्थितियां पैदा कर रहे हैं।

हीटवेव और लू से बचाव: जानिए क्या करें और क्या नहीं

क्या करें:

• पानी पीते रहें: प्यास न लगे तब भी पानी पीते रहें। अधिक पसीना आने पर ओआरएस या इलेक्ट्रोलाइट्स का सेवन करें।

• हल्के कपड़े पहनें: ढीले-ढाले, हल्के रंग के और सूती कपड़े पहनें।

• दोपहर में बाहर न निकलें: खासकर दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच।

• छाता या टोपी का प्रयोग करें: धूप में निकलते समय सिर ढकें।

• हल्का भोजन करें: ताजे फल-सब्जियां खाएं, तले-भुने भोजन से परहेज करें।

• ठंडे पानी से नहाएं: या स्पंज से शरीर पोंछें ताकि शरीर का तापमान नियंत्रित रहे।

क्या न करें:

• शराब और कैफीन से बचें, ये शरीर को और ज्यादा डिहाइड्रेट करते हैं।

• बहारी व्यायाम न करें, शारीरिक गतिविधियां सुबह जल्दी या शाम में करें।

• बच्चों/पालतू जानवरों को कार में न छोड़ें, गर्मी में कुछ मिनट भी खतरनाक हो सकता है।

• धूप में सीधे संपर्क से बचें, खासकर बुजुर्ग, छोटे बच्चे और बीमार लोग।

लू लगने के लक्षण और क्या करें

अगर किसी को ये लक्षण दिखें – शरीर का अत्यधिक तापमान, लाल/गर्म/सूखा शरीर, तेज नाड़ी, चक्कर, उलझन, मितली या बेहोशी – तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें। उन्हें ठंडी जगह ले जाएं, शरीर पर ठंडा पानी लगाएं, और होश में हों तो पानी पिलाएं।

ये गर्मी का प्रकोप असाधारण है, लेकिन सतर्कता और सही उपाय अपनाकर इससे बचा जा सकता है। खुद को और अपने आसपास के लोगों को सुरक्षित रखें। जानकारी साझा करें और जरूरत पड़ने पर मदद भी करें।

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Skymet team

डिस्क्लेमर: यह विश्लेषण स्काइमेट के मौसम संबंधी आंकड़ों, आंतरिक पूर्वानुमान मॉडल, मौसम केंद्रों से प्राप्त जानकारी, जलवायु संबंधी डेटा और स्काइमेट की मौसम विशेषज्ञ टीम के आकलन पर आधारित है। सटीक जानकारी देने का पूरा प्रयास किया गया है, लेकिन मौसम लगातार बदलने वाली प्राकृतिक प्रक्रिया है, इसलिए परिस्थितियां समय के साथ बदल सकती हैं। यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से दी गई है और इसे अंतिम या पूरी तरह निश्चित मौसम पूर्वानुमान नहीं माना जाना चाहिए।

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