यूपी और बिहार में मौसम का कहर, ओले, आँधी और तेज बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, जानें पूरा मौसम अपडेट

By: Skymet team | Edited By:
May 1, 2025, 7:30 PM
WhatsApp icon
thumbnail image

1 मई को पूर्वी उत्तर प्रदेश और उसके पास के बिहार के इलाकों में अचानक तेज़ आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने दस्तक दे दी है। इस मौसम प्रणाली के कारण कई क्षेत्रों में जबरदस्त तूफानी हवाएं चलीं, भारी बारिश हुई और ओले गिरे, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

ओलावृष्टि क्या होती है?

Advertisement

ओलावृष्टि यानी आकाश से बर्फ के छोटे-बड़े गोलों का गिरना। ये ओले तेज गरज वाले बादलों में बनते हैं, जब बादलों के अंदर की हवा पानी की बूंदों को बहुत ऊपर तक ले जाती है। वहां तापमान बहुत कम होता है, जिससे पानी की बूंदें जमकर बर्फ बन जाती हैं। जब ये ओले भारी हो जाते हैं तो ज़मीन पर गिरते हैं और कई बार खेतों, गाड़ियों, छतों और लोगों को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

Advertisement

1 मई का मौसम घटनाक्रम

1 मई को एक ताकतवर मौसम प्रणाली के कारण पूर्वी उत्तर प्रदेश और उत्तरी बिहार में तूफानी बारिश, बिजली गर्जना और ओलावृष्टि हुई। इस दौरान गोरखपुर के कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ ओले गिरे, जबकि बिहार के गोपालगंज और सिवान में तेज बारिश और आँधी चली। यह तूफानी बादल पहले बिहार के पश्चिमी भागों में बने और फिर धीरे-धीरे देवरिया, गोरखपुर होते हुए बस्ती, फैजाबाद और गोंडा की ओर बढ़ गए।

खराब मौसम का कारण

इस मौसम गतिविधि के पीछे उत्तर बांग्लादेश और आस-पास के इलाकों में बना एक चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) जिम्मेदार है। बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी भी इस सिस्टम को ताकत दे रही है। नतीजतन, पूर्वी भारत के कई हिस्सों में गरज-चमक, बारिश और ओलों की संभावना बनी हुई है।

आने वाले दिनों का पूर्वानुमान

स्काइमेट वेदर के अनुसार, अगले 3 से 4 दिनों तक पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ जगहों पर भारी बारिश, आँधी, बिजली गिरना और ओलावृष्टि जारी रह सकती है।

प्रभाव और सतर्कता

यह मौसम मई महीने में आमतौर पर प्री-मानसूनी गतिविधियों के रूप में देखा जाता है, जो गर्मी से थोड़ी राहत जरूर देता हैं, लेकिन इनके खतरे भी कम नहीं होते। बिजली गिरने से ग्रामीण क्षेत्रों में जान का खतरा होता है, तेज़ हवाएं घरों, पेड़ों और बिजली के खंभों को नुकसान पहुंचा सकती हैं। ओले खेतों में खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा सकते हैं।

लोगों के लिए सुझाव

Advertisement

जो लोग इन इलाकों में रहते हैं, उन्हें सलाह दी जाती है कि तूफान और बारिश के समय घर के अंदर ही रहें, पेड़ों के नीचे खड़े न हों और खुले में रखी चीजों को सुरक्षित रखें ताकि तूफान से नुकसान न हो। समय पर सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।

author image
Skymet team

डिस्क्लेमर: डिस्कलेमर- यह विश्लेषण स्काइमेट के मौसम संबंधी आंकड़ों, आंतरिक पूर्वानुमान मॉडल, मौसम केंद्रों से प्राप्त जानकारी, जलवायु संबंधी डेटा और स्काइमेट की मौसम विशेषज्ञ टीम के आकलन पर आधारित है। सटीक जानकारी देने का पूरा प्रयास किया गया है, लेकिन मौसम लगातार बदलने वाली प्राकृतिक प्रक्रिया है, इसलिए परिस्थितियां समय के साथ बदल सकती हैं। यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से दी गई है और इसे अंतिम या पूरी तरह निश्चित मौसम पूर्वानुमान नहीं माना जाना चाहिए।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है