दिल्ली-एनसीआर में फिर बदलेगा मौसम, वीकेंड पर बारिश का अलर्ट, ठंड फिर बढ़ेगी
मुख्य मौसम बिंदु
- दिल्ली-एनसीआर में रुक-रुक कर बारिश और तेज़ बौछारें दर्ज
- जनवरी में सामान्य से अधिक बारिश रिकॉर्ड
- तापमान में तेज़ उतार-चढ़ाव बना हुआ
- फरवरी की शुरुआत छिटपुट बारिश के साथ होने की संभावना
दिल्ली-एनसीआर में कल यानी 27 जनवरी को एक फिर से गरज-चमक के साथ बारिश हुई। कई जगहों पर थोड़े समय के लिए तेज बारिश हुई, जबकि अधिकतर इलाकों में पूरे दिन रुक-रुक कर बारिश जारी रही। सफदरजंग मौसम केंद्र में बीते 24 घंटों (सुबह 8:30 बजे तक) में 4 मिमी बारिश दर्ज की गई, वहीं पालम एयरपोर्ट पर 15 मिमी वर्षा रिकॉर्ड हुई। फिलहाल आसमान में बादल छाए हुए हैं, लेकिन अब बारिश की संभावना कम है।
तापमान में बड़ा उतार-चढ़ाव, ठंड का असर बरकरार
दिल्ली में तापमान में काफ़ी बड़ा बदलाव देखने को मिला है। कल दिन यानी 27 जनवरी का अधिकतम तापमान गिरकर 16.9 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि इससे एक दिन पहले 26 जनवरी को यह 23.2 डिग्री सेल्सियस था। वहीं, 27 जनवरी को न्यूनतम तापमान बढ़कर 12.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो एक दिन 26 जनवरी को पहले 8 डिग्री सेल्सियस था। पिछले कुछ हफ्तों से तापमान और अन्य मौसमीय मानकों में लगातार उतार-चढ़ाव बना हुआ है। आने वाले दिनों में यह सिलसिला जारी रहेगा और कल 29 जनवरी को न्यूनतम तापमान में फिर से तेज़ गिरावट आने की संभावना है।
जनवरी में रिकॉर्ड के करीब बारिश, चार साल में सबसे अधिक
इस महीने अब तक सफदरजंग वेधशाला में 21 मिमी और पालम एयरपोर्ट पर कुल 36 मिमी बारिश दर्ज की जा चुकी है। जबकि जनवरी का सामान्य औसत सफदरजंग में 19.2 मिमी और पालम में 17.2 मिमी ही होता है। यानी इस बार चार साल में सबसे ज़्यादा बारिश दर्ज की गई है। हालांकि वर्ष 2022 में जनवरी महीने में सफदरजंग में 88.2 मिमी और पालम में 110 मिमी बारिश हुई थी।
इस बीच, गणतंत्र दिवस 2026 पिछले चार वर्षों में सबसे ठंडा रहा, जब न्यूनतम तापमान 4.2 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। इससे पहले 2021 में गणतंत्र दिवस पर न्यूनतम तापमान 2.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। पालम में 15 जनवरी 2026 को न्यूनतम तापमान 2.3 डिग्री सेल्सियस रहा, जो लगभग दो दशकों में सबसे कम है। वहीं सफदरजंग में 16 जनवरी 2023 को तापमान 1.4 डिग्री सेल्सियस तक गिर चुका है।
फिर बढ़ेगी बादलों की आवाजाही, फरवरी की शुरुआत होगी गीली
आज दिन के दूसरे हिस्से में बादल कुछ हद तक छंट सकते हैं, लेकिन कल और परसों फिर से बादल छाने की संभावना है। ‘बीटिंग द रिट्रीट’ समारोह के दौरान बारिश की संभावना नहीं है, हालांकि ऊँचे बादल बने रहने से दिन का तापमान नियंत्रित रहेगा।
30 जनवरी 2026 की रात के बाद एक नया पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालय की ओर बढ़ सकता है। इसके असर से मैदानी इलाकों में चक्रवाती परिसंचरण बनने की संभावना है। इन दोनों प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से दिल्ली-एनसीआर में एक बार फिर बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। हालांकि बारिश बहुत ज़्यादा नहीं होगी, लेकिन सप्ताहांत पर तेज़ और कम समय के लिए हल्की बारिश हो सकती है। 31 जनवरी से 3 फरवरी 2026 के बीच दिल्ली-एनसीआर में छिटपुट बारिश के आसार हैं, जिससे फरवरी की शुरुआत बारिश के साथ हो सकती है।







