महाराष्ट्र में शीतलहर जारी, नागपुर सहित कई जिलों में पारा लुढ़का, इस दिन से चढ़ेगा तापमान
मुख्य मौसम बिंदु
- महाराष्ट्र में कोल्ड वेव का दायरा बढ़कर विदर्भ और मराठवाड़ा तक पहुंचा।
- पुणे–नाशिक में तापमान सीजन के सबसे निचले स्तर पर आ गया।
- नागपुर, गोंदिया, यवतमाल सहित कई स्थानों पर पारा एकल अंक में दर्ज।
- 16–19 दिसंबर के बीच हवाएँ गर्म दिशा में मुड़ेंगी, ठंड में कमी आएगी।
पहले जहाँ शीतलहर (कोल्ड वेव) केवल मध्य महाराष्ट्र (Madhya Maharashtra) तक सीमित थी, अब यह बढ़कर विदर्भ (Vidarbha) के कई इलाकों और मराठवाड़ा (Marathwada) के कुछ स्थानों तक फैल गई है। कोंकण को छोड़कर, बाकी तीनों लैंडलॉक्ड सब-डिवीज़न ठंडी हवाओं की चपेट में हैं। लगातार दूसरे दिन शीतलहर की स्थिति बनी हुई है। पुणे–नाशिक, जहाँ पहले से ही शीतलहर(कोल्ड वेव) चल रही थी, वहाँ ठंड और बढ़ गई है और तापमान इस सीजन के सबसे निचले स्तर पर पहुँच गया है।
इन तीन क्षेत्रों में सीजन का न्यूनतम तापमान
पुणे की पाषाण वेधशाला और नाशिक की ओझर वेधशाला में आज सुबह 8.1°C का न्यूनतम तापमान दर्ज हुआ, जो इस सीजन का सबसे कम है और सामान्य से 4–5°C कम है। वहीं, पड़ोसी शहर अहमदनगर भी इस ठंड की लहर में शामिल हो गया, जहाँ तापमान 7.5°C दर्ज हुआ, जो औसत से लगभग 5°C कम है। इसी के साथ मध्य महाराष्ट्र के शोलापुर जिले के जेऊर में तापमान इस सीजन में पहली बार 6°C तक गिर गया, जो पूरे क्षेत्र में सबसे कम रहा है।
विदर्भ में भी ठंड की लहर, नागपुर 8°C तक गिरा
ठंड का असर अब विदर्भ के कई शहरों तक फैल गई है। महाराष्ट्र की शीतकालीन और दूसरी राजधानी नागपुर का तापमान आज 8°C दर्ज हुआ, जो सामान्य से 5°C कम है। बता दें, नागपुर में शीतकालीन विधानसभा सत्र आयोजित होते हैं। वहीं, आसपास के अन्य जिलों में भी तापमान एकल अंक (single digit) में पहुंच गया है। जिसमें गोंदिया में 8.4 डिग्री सेल्सियस (-4.7 डिग्री), यवतमाल में 8.8 डिग्री सेल्सियस (-5.7 डिग्री), वर्धा में 9.5 डिग्री सेल्सियस (-5.4 डिग्री) और वाशिम में औसत से लगभग 4.3 डिग्री सेल्सियस कम तापमान रिकॉर्ड हुआ है। मराठवाड़ा के बिर में भी आज सुबह 9°C का न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड किया गया।
राजस्थान–मध्य प्रदेश की एंटीसाइक्लोनिक हवा का प्रभाव
मध्य राजस्थान और पश्चिमी मध्य प्रदेश के ऊपर मजबूत एंटीसाइक्लोनिक हवाएँ चल रही हैं। इन्हीं हवाओं का असर महाराष्ट्र तक पहुँच रहा है, जिसकी वजह से कई हिस्सों में ठंड बढ़ गई है। यह परिस्थिति 12 दिसंबर 2025 तक बनी रहेगी। 13 से 15 दिसंबर 2025 के बीच पश्चिमी हिमालय पर एक पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय होगा। इसके प्रभाव से एंटीसाइक्लोन दक्षिण–पूर्व राजस्थान और पश्चिमी मध्य प्रदेश की ओर खिसक जाएगा। यह एंटीसाइक्लोन ठंडी उत्तरी हवाओं के मुक्त प्रवाह को रोकने वाली दीवार का काम करेगा।
हवा बदलेगी दिशा, ठंड में कमी आएगी
16 से 19 दिसंबर 2025 के बीच एंटीसाइक्लोन और आगे दक्षिण मध्य प्रदेश और उत्तरी महाराष्ट्र की तरफ खिसक जाएगा। इस दौरान हवाएँ मुड़कर दक्षिण-पूर्वी और पूर्वी दिशा से चलनी शुरू होंगी, जो अपेक्षाकृत गर्म होती हैं। इसके चलते पूरे महाराष्ट्र में शीतलहर की स्थिति खत्म हो जाएगी और तापमान सामान्य से ऊपर तक पहुँच सकता है।
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