महाराष्ट्र में कड़ाके की ठंड! पुणे-नाशिक में न्यूनतम तापमान में रिकॉर्ड गिरावट, शीतलहर की संभावना
मुख्य मौसम बिंदु
- पुणे–नासिक में तापमान एकल अंक में पहुँचा, सामान्य से 3–4°C कम।
- उत्तर से आने वाली ठंडी हवा और एंटीसाइक्लोन के कारण सर्दी बढ़ी।
- अगले 2–3 दिनों में तापमान और गिर सकता है, कोल्ड वेव की संभावना।
- 14 दिसंबर के बाद पश्चिमी विक्षोभ से ठंडी हवा रुकने पर तापमान बढ़ेगा।
पिछले 24 घंटों में पुणे और नासिक में रात के तापमान में अचानक गिरावट दर्ज की गई। इस सीजन में दूसरी बार तापमान एकल अंक (single digit) में पहुँच गया। पुणे के शिवाजीनगर में न्यूनतम तापमान 8.9°C और पाषाण में 8.4°C रिकॉर्ड हुआ। ये सामान्य से 3.5°–4°C कम है और इस सीजन का अब तक का सबसे न्यूनतम तापमान है। नासिक में भी तापमान 1°C और गिरकर 9.3°C तक पहुँच गया, जो सामान्य से 3.3°C कम है। शहर ने इससे पहले 18 नवंबर 2025 को 9.2°C रिकॉर्ड किया था, जो सीजन की पहली शीतलहर की स्थिति थी। उसी दिन पुणे में भी 9.4°C तापमान दर्ज हुआ था, जिसके बाद तापमान दोबारा डबल डिजिट में चला गया था।
उत्तर से आने वाली ठंडी हवा का प्रभाव
दोनों शहर पश्चिमी घाट की ली–साइड (lee side) पर बसे हैं, जहाँ राजस्थान और मध्य प्रदेश की ओर से आने वाली ठंडी हवा पहुँचकर तापमान गिराती है। अगले 2–3 दिनों में तापमान और गिर सकता है, उसके बाद फिर से हल्की गर्माहट के साथ तापमान दो अंको में लौट आएगा। अगले दो दिनों में पुणे और नासिक में इस सीजन का सबसे कम न्यूनतम तापमान दर्ज हो सकता है। इन दोनों शहरों में कुछ समय के लिए शीतलहर चलने की पूरी संभावना है।
ठंडी हवा मध्य महाराष्ट्र तक पहुंची
उत्तर और मध्य राजस्थान के ऊपर बने प्रतिचक्रवात (Anti-cyclone) के कारण उत्तर भारत की ठंडी हवा दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश और उत्तरी मध्य महाराष्ट्र तक जा रही है। इसी वजह से पुणे और नासिक में तापमान तेजी से गिरा है। आमतौर पर दोनों शहरों में 10 दिसंबर से 31 जनवरी के बीच सीजन का सबसे कम तापमान दर्ज होता है और इस दौरान तापमान का single digit में जाना सामान्य है।
पश्चिमी विक्षोभ से रुक जाएगी ठंडी हवा
12 से 14 दिसंबर 2025 के बीच पश्चिमी हिमालय पर एक नया पश्चिमी विक्षोभ पहुँचने वाला है। इसके आने से राजस्थान का मौसमी एंटीसाइक्लोन कमजोर हो जाएगा, जिससे उत्तर की ठंडी हवाएँ महाराष्ट्र की ओर कम पहुँचेंगी। परिणामस्वरूप पुणे और नासिक में तापमान दोबारा बढ़कर डबल डिजिट में पहुँचने लगेगा।







