बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव क्षेत्र एक्टिव, मजबूत होने की संभावना कम, अंडमान सागर में जल्द मानसून की दस्तक

By: AVM GP Sharma | Edited By: Mohini Sharma
May 14, 2026, 2:45 PM
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मुख्य मौसम बिंदु

  • बंगाल की खाड़ी का सिस्टम ट्रॉपिकल स्टॉर्म बनने की संभावना कम
  • 15 मई के आसपास अंडमान सागर में मानसून आगमन संभव
  • केरल, तमिलनाडु और दक्षिण कर्नाटक में भारी बारिश के आसार
  • म्यांमार तट पर 16 मई तक सिस्टम के लैंडफॉल की संभावना

दक्षिण-पश्चिम और उससे सटे पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी पर बना निम्न दबाव का क्षेत्र अब उत्तर-पूर्व दिशा में आगे बढ़ते हुए एक सुस्पष्ट निम्न दबाव क्षेत्र में बदल गया है। यह मौसम प्रणाली फिलहाल गहरे समुद्री क्षेत्र में, चेन्नई के पूर्व में स्थित है और इसके तमिलनाडु तथा आंध्र प्रदेश के तटों से दूर जाते हुए आगे उत्तर-पूर्व दिशा में बढ़ने की संभावना है।

मौसमीय परिस्थितियां फिलहाल केवल सीमित रूप से अनुकूल हैं। विभिन्न मौसम मॉडल इस सिस्टम की दिशा और तीव्रता को लेकर अलग-अलग संकेत दे रहे हैं। हालांकि विश्वसनीय अनुमानों के अनुसार यह सिस्टम अधिकतम एक कमजोर डिप्रेशन तक ही मजबूत हो सकता है और इसके आगे ट्रॉपिकल स्टॉर्म बनने की संभावना नहीं है। अगले लगभग 36 घंटों में इसके मध्य और उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी की ओर बढ़ने की उम्मीद है।

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म्यांमार तट की ओर बढ़ेगा सिस्टम

यह मौसम प्रणाली म्यांमार के अराकान तट की ओर बढ़ेगी और अनुमान है कि 16 मई 2026 की देर रात तक वहां लैंडफॉल कर सकती है। इसके प्रभाव से म्यांमार के तटीय इलाकों और मार्तबान की खाड़ी तक भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी मौसम गतिविधियां तेज होंगी। नैनकौरी से लेकर माया बंदर, कार निकोबार और पोर्ट ब्लेयर तक पूरे द्वीपीय क्षेत्र में भारी बारिश होने की संभावना है। इस सिस्टम के प्रभाव से भूमध्यरेखीय क्षेत्र से आने वाली दक्षिण-पश्चिमी हवाएं मजबूत होंगी और दक्षिण एवं उत्तर अंडमान सागर में तेज हवाएं चलेंगी। इन्हीं परिस्थितियों के चलते 15 मई 2026 के आसपास, एक दिन आगे-पीछे के अंतर के साथ, दक्षिण-पश्चिम मानसून के अंडमान सागर और आसपास के द्वीपों में पहुंचने की संभावना है।

दक्षिण भारत में फिर सक्रिय होगा प्री-मानसून मौसम

पूर्वी तट से निम्न दबाव क्षेत्र के दूर हटने के बाद दक्षिण भारत में सामान्य प्री-मानसून मौसम पैटर्न दोबारा सक्रिय हो जाएगा। कल से मौसमी उत्तर-दक्षिण ट्रफ फिर से स्थापित होगी, जो छत्तीसगढ़ से लेकर केरल और तमिलनाडु के दक्षिणी सिरे तक तेलंगाना, आंतरिक कर्नाटक और रायलसीमा होते हुए फैलेगी। इस ट्रफ का दक्षिणी हिस्सा अधिक सक्रिय रहेगा क्योंकि यह दोनों ओर समुद्री क्षेत्रों के काफी करीब होगा। इसके प्रभाव से तमिलनाडु, केरल और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में प्री-मानसून गतिविधियां तेज होने की संभावना है। 15 से 18 मई 2026 के बीच बेंगलुरु, मैसूर, मंड्या, कोयंबटूर, ऊटी, तिरुचिरापल्ली, मदुरै, तंजावुर, तिरुपुर, पलक्कड़, इडुक्की, कोट्टायम, कोल्लम, पुनालुर और अलाप्पुझा में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है।

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AVM GP Sharma
President of Meteorology & Climate Change
AVM Sharma, President of Meteorology & Climate Change at Skymet Weather Services, is a retired Indian Air Force officer who previously led the Meteorological Branch at Air Headquarters in New Delhi. With over a decade of experience at Skymet, he brings a wealth of knowledge and expertise to the organization.
FAQ

नहीं, मौजूदा संकेतों के अनुसार यह सिस्टम केवल कमजोर डिप्रेशन तक ही मजबूत हो सकता है।

15 मई 2026 के आसपास दक्षिण-पश्चिम मानसून अंडमान सागर और आसपास के द्वीपों में पहुंच सकता है।

तमिलनाडु, केरल और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 15 से 18 मई के बीच मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी स्काइमेट की पूर्वानुमान टीम द्वारा किए गए मौसम और जलवायु विश्लेषण पर आधारित है। हम वैज्ञानिक रूप से सही जानकारी देने का प्रयास करते हैं, लेकिन बदलती वायुमंडलीय स्थितियों के कारण मौसम में बदलाव संभव है। यह केवल सूचना के लिए है, इसे पूरी तरह निश्चित भविष्यवाणी न मानें।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है