बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव बनेगा डिप्रेशन,पश्चिम बंगाल-ओडिशा-झारखंड और छत्तीसगढ़ में भारी बारिश, जानें पूरा मौसम का हाल

By: AVM GP Sharma | Edited By: Mohini Sharma
Aug 13, 2026, 2:30 PM
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मुख्य मौसम बिंदु

  • उत्तर बंगाल की खाड़ी का निम्न दबाव आज डिप्रेशन में बदल सकता है।
  • ओडिशा, गंगीय पश्चिम बंगाल और झारखंड में तेज बारिश की संभावना है।
  • 15 अगस्त को छत्तीसगढ़, पूर्वी UP और पूर्वी MP के आसपास बहुत भारी बारिश का खतरा।
  • अगले सप्ताह पूर्वी UP, बिहार और नेपाल की तलहटी में स्थानीय बाढ़ की स्थिति बन सकती है।
  • Forecast Validity: पूर्वानुमान आने वाले दिनों से अगले सप्ताह तक लागू है। पश्चिमी, मध्य और दक्षिणी भारत में अगस्त के तीसरे सप्ताह तक मानसून गतिविधि कमजोर रहने का अनुमान है।

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उत्तर बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव क्षेत्र अब सुस्पष्ट हो गया है और आज इसके और मजबूत होकर डिप्रेशन यानी अवदाब में बदलने की संभावना है। इसके बाद यह सिस्टम उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ेगा और पूरी तरह जमीन पर आ जाएगा। इसका असर ओडिशा, पश्चिम बंगाल और झारखंड के कुछ हिस्सों में देखने को मिलेगा।

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इस सिस्टम के पिछले सिस्टम से अलग रास्ता अपनाने की संभावना है। यह डिप्रेशन मध्य प्रदेश के अंदरूनी हिस्सों तक आगे नहीं बढ़ेगा। इसलिए आने वाले दिनों में राजस्थान और गुजरात बड़े पैमाने की या बेहद खराब मौसम गतिविधि से बचे रहेंगे।

सुस्पष्ट निम्न दबाव के कारण पश्चिम बंगाल और ओडिशा के कुछ हिस्सों में पहले ही भारी से बहुत भारी बारिश हो चुकी है। पिछले 24 घंटों में पश्चिम बंगाल के हल्दिया में 243 मिमी और ओडिशा के बालासोर में 169 मिमी बारिश दर्ज की गई। आज बारिश का मुख्य फोकस गंगीय पश्चिम बंगाल और झारखंड रहेगा। ओडिशा के अंदरूनी हिस्सों और उत्तर छत्तीसगढ़ में भी इसका असर पहुंच सकता है।

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15 अगस्त के आसपास छत्तीसगढ़-UP-MP में भारी बारिश का खतरा

कल मौसम की सबसे ज्यादा सक्रियता पूर्वी उत्तर प्रदेश और पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में पहुंच सकती है। खास तौर पर छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश और पूर्वी मध्य प्रदेश के त्रि-जंक्शन यानी तीनों राज्यों से लगे क्षेत्र में बहुत खराब मौसम का खतरा रहेगा। यहां भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।

15 अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस पर ओडिशा, पश्चिम बंगाल और झारखंड से तेज मौसम गतिविधि काफी हद तक आगे निकल जाएगी। लेकिन इसके बाद छत्तीसगढ़, पूर्वी उत्तर प्रदेश और पूर्वी मध्य प्रदेश से लगे क्षेत्रों में बहुत भारी बारिश जारी रह सकती है। इसके बाद डिप्रेशन इन इलाकों के आसपास ही काफी हद तक ठहरा रह सकता है।

इसके परिणामस्वरूप मानसून की गतिविधियां धीरे-धीरे हिमालय की तलहटी और गंगा के मैदानी क्षेत्रों की ओर शिफ्ट हो सकती हैं। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश की तलहटी तक भी खराब मौसम पहुंचने की संभावना है। यानी अगले कुछ दिनों में बारिश का केंद्र पूर्वी और उत्तरी हिस्सों की तरफ खिसक सकता है।

पूर्वी UP-बिहार की तलहटी में अगले सप्ताह बहुत भारी बारिश का खतरा

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इस मौसम सिस्टम से जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण पूर्वी राज्यों के ऊपर बना रह सकता है और थोड़ा-थोड़ा उत्तर या दक्षिण की ओर खिसकता रहेगा। इस वजह से पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार की तलहटी के साथ नेपाल की तलहटी में अगले सप्ताह बहुत भारी बारिश का खतरा बना रहेगा। कुछ इलाकों में अत्यधिक बारिश होने पर स्थानीय स्तर पर बाढ़ जैसी स्थिति भी बन सकती है।

पहले जिस ब्रेक मानसून की संभावना जताई गई थी, अब उसके बनने की संभावना कम हो गई है। ब्रेक मानसून के लिए मानसून ट्रफ के पूर्वी हिस्से का हिमालय की तलहटी के करीब पहुंचना जरूरी होता है। फिलहाल ऐसा होने की संभावना नहीं है, इसलिए मानसून में पूरी तरह ब्रेक की स्थिति बनने की उम्मीद कम है।

हालांकि, देश के ज्यादातर हिस्सों को राहत मिल सकती है। पश्चिमी, मध्य और दक्षिणी भारत के अधिकांश क्षेत्रों में मानसून की तेज गतिविधियां नहीं रहेंगी और ये इलाके अगस्त के तीसरे सप्ताह तक अपेक्षाकृत शांत रह सकते हैं। यानी आने वाले दिनों में बारिश का असर मुख्य रूप से पूर्वी भारत, पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार और हिमालय की तलहटी तक सीमित रहने की संभावना है।

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AVM GP Sharma
President of Meteorology & Climate Change
AVM Sharma, President of Meteorology & Climate Change at Skymet Weather Services, is a retired Indian Air Force officer who previously led the Meteorological Branch at Air Headquarters in New Delhi. With over a decade of experience at Skymet, he brings a wealth of knowledge and expertise to the organization.
FAQ

शुरुआती चरण में ओडिशा, गंगीय पश्चिम बंगाल और झारखंड में भारी बारिश होगी। इसके बाद सिस्टम का असर पूर्वी उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश में बढ़ सकता है।

स्वतंत्रता दिवस पर छत्तीसगढ़, पूर्वी उत्तर प्रदेश और पूर्वी मध्य प्रदेश से लगे क्षेत्रों में बहुत भारी बारिश की संभावना है।

फिलहाल ब्रेक मानसून की संभावना कम है। इसके लिए मानसून ट्रफ के पूर्वी हिस्से का हिमालय की तलहटी के पास पहुंचना जरूरी है, लेकिन अभी इसके संकेत नहीं हैं।

डिस्क्लेमर: डिस्कलेमर- यह विश्लेषण स्काइमेट के मौसम संबंधी आंकड़ों, आंतरिक पूर्वानुमान मॉडल, मौसम केंद्रों से प्राप्त जानकारी, जलवायु संबंधी डेटा और स्काइमेट की मौसम विशेषज्ञ टीम के आकलन पर आधारित है। सटीक जानकारी देने का पूरा प्रयास किया गया है, लेकिन मौसम लगातार बदलने वाली प्राकृतिक प्रक्रिया है, इसलिए परिस्थितियां समय के साथ बदल सकती हैं। यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से दी गई है और इसे अंतिम या पूरी तरह निश्चित मौसम पूर्वानुमान नहीं माना जाना चाहिए।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है