राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में क्लाउडबर्स्ट जैसे हालात, 24 घंटे में 245 मिमी बारिश, टूटा दशकों का रिकॉर्ड
मुख्य मौसम बिंदु
- चित्तौड़गढ़ में 24 घंटे में 245 मिमी वर्षा दर्ज की गई।
- यह जून की सामान्य मासिक वर्षा 95.8 मिमी से ढाई गुना अधिक है।
- अरब सागर से आने वाली नमी और चक्रवाती परिसंचरण ने भारी बारिश को बढ़ावा दिया।
- शहर के कई इलाकों में जलभराव और फ्लैश फ्लड जैसी स्थिति देखी गई।
- पूर्वानुमान वैधता: यह मौसम पूर्वानुमान अगले 48 घंटों (25-27 जून) के लिए प्रभावी है।
राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में रिकॉर्डतोड़ बारिश, 24 घंटे में बरसे 245 मिमी पानी
दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के ऐतिहासिक शहर चित्तौड़गढ़ में 24 जून को ज़बरदस्त बारिश हुई, जिसमें 24 घंटों के भीतर 245 मिमी बारिश दर्ज की गई। यह बारिश शहर में जून महीने की सामान्य औसत बारिश (95.8 मिमी) से ढाई गुना से भी ज़्यादा थी, यह पिछले कई दशकों में दर्ज सबसे भारी एकदिवसीय वर्षा घटनाओं में से एक मानी जा रही है। चित्तौड़गढ़ के लिए इतनी ज़बरदस्त बारिश बहुत ही दुर्लभ है, खासकर जून के महीने में जब राजस्थान में दक्षिण-पश्चिम मानसून की गतिविधि आमतौर पर धीरे-धीरे मजबूत होती हैं। लेकिन इस बार इतनी भारी बारिश ने सभी को चौंका दिया है।
आखिर क्यों हुई इतनी भारी बारिश?
मौसम संबंधी कई अनुकूल परिस्थितियों के मिलने से यह असाधारण बारिश हुई है। अरब सागर से आने वाली नमी से भरपूर दक्षिण-पश्चिमी हवाएं लगातार राजस्थान की ओर बह रही थीं। इसके साथ ही दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के ऊपर समुद्र तल से लगभग 3.1 से 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई के बीच एक चक्रवाती परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) बना हुआ था। वातावरण में मौजूद अत्यधिक नमी, अस्थिरता और दिन के समय तेज गर्मी ने विशाल क्यूम्यलोनिंबस (गरज वाले) बादलों के विकास के लिए सही परिस्थितियाँ बना दीं। ये तूफानी बादल बार-बार उसी क्षेत्र में बनते और सक्रिय होते रहे, जिसके कारण लंबे समय तक भारी से बहुत भारी बारिश होती रही।
जलभराव और फ्लैश फ्लड से जनजीवन प्रभावित
मूसलाधार बारिश के कारण चित्तौड़गढ़ शहर की सड़कें और गलियां पानी में डूब गईं। कई निचले इलाकों में अचानक बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई और भारी जलभराव देखने को मिला। यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई तथा लोगों की दैनिक गतिविधियां लगभग ठप हो गईं। शहर के कई हिस्सों में पानी भर जाने से लोगों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। यह घटना इस बात का उदाहरण है कि जब मौसमीय परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हो जाएं, तब सामान्य रूप से कम बारिश वाले क्षेत्र भी क्लाउडबर्स्ट जैसी स्थिति का सामना कर सकते हैं।
अगले 48 घंटों तक जारी रह सकती है बारिश
जिस चक्रवाती परिसंचरण के कारण यह भारी वर्षा हुई, वह अभी भी दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के आसपास सक्रिय बना हुआ है। इसके प्रभाव से चित्तौड़गढ़ और आसपास के जिलों में अगले 48 घंटों तक गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने की संभावना है। हालांकि, 24 जून जैसी रिकॉर्डतोड़ वर्षा दोबारा होने की आशंका नहीं है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अब बारिश की तीव्रता में काफी कमी आएगी और अधिकांश वर्षा स्थानीय स्तर पर विकसित होने वाले बादलों के कारण होगी। यह गतिविधियां मुख्य रूप से दोपहर बाद और शाम के समय देखने को मिल सकती हैं। फिर भी लोगों को अगले कुछ दिनों तक अचानक होने वाली तेज बौछारों और स्थानीय जलभराव की स्थिति के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी जाती है।




