राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में क्लाउडबर्स्ट जैसे हालात, 24 घंटे में 245 मिमी बारिश, टूटा दशकों का रिकॉर्ड

By: Mahesh Palawat | Edited By: Mohini Sharma
Jun 25, 2026, 12:30 PM
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राजस्थान में भारी बारिश

मुख्य मौसम बिंदु

  • चित्तौड़गढ़ में 24 घंटे में 245 मिमी वर्षा दर्ज की गई।
  • यह जून की सामान्य मासिक वर्षा 95.8 मिमी से ढाई गुना अधिक है।
  • अरब सागर से आने वाली नमी और चक्रवाती परिसंचरण ने भारी बारिश को बढ़ावा दिया।
  • शहर के कई इलाकों में जलभराव और फ्लैश फ्लड जैसी स्थिति देखी गई।
  • पूर्वानुमान वैधता: यह मौसम पूर्वानुमान अगले 48 घंटों (25-27 जून) के लिए प्रभावी है।

राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में रिकॉर्डतोड़ बारिश, 24 घंटे में बरसे 245 मिमी पानी

दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के ऐतिहासिक शहर चित्तौड़गढ़ में 24 जून को ज़बरदस्त बारिश हुई, जिसमें 24 घंटों के भीतर 245 मिमी बारिश दर्ज की गई। यह बारिश शहर में जून महीने की सामान्य औसत बारिश (95.8 मिमी) से ढाई गुना से भी ज़्यादा थी, यह पिछले कई दशकों में दर्ज सबसे भारी एकदिवसीय वर्षा घटनाओं में से एक मानी जा रही है। चित्तौड़गढ़ के लिए इतनी ज़बरदस्त बारिश बहुत ही दुर्लभ है, खासकर जून के महीने में जब राजस्थान में दक्षिण-पश्चिम मानसून की गतिविधि आमतौर पर धीरे-धीरे मजबूत होती हैं। लेकिन इस बार इतनी भारी बारिश ने सभी को चौंका दिया है।

आखिर क्यों हुई इतनी भारी बारिश?

मौसम संबंधी कई अनुकूल परिस्थितियों के मिलने से यह असाधारण बारिश हुई है। अरब सागर से आने वाली नमी से भरपूर दक्षिण-पश्चिमी हवाएं लगातार राजस्थान की ओर बह रही थीं। इसके साथ ही दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के ऊपर समुद्र तल से लगभग 3.1 से 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई के बीच एक चक्रवाती परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) बना हुआ था। वातावरण में मौजूद अत्यधिक नमी, अस्थिरता और दिन के समय तेज गर्मी ने विशाल क्यूम्यलोनिंबस (गरज वाले) बादलों के विकास के लिए सही परिस्थितियाँ बना दीं। ये तूफानी बादल बार-बार उसी क्षेत्र में बनते और सक्रिय होते रहे, जिसके कारण लंबे समय तक भारी से बहुत भारी बारिश होती रही।

जलभराव और फ्लैश फ्लड से जनजीवन प्रभावित

मूसलाधार बारिश के कारण चित्तौड़गढ़ शहर की सड़कें और गलियां पानी में डूब गईं। कई निचले इलाकों में अचानक बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई और भारी जलभराव देखने को मिला। यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई तथा लोगों की दैनिक गतिविधियां लगभग ठप हो गईं। शहर के कई हिस्सों में पानी भर जाने से लोगों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। यह घटना इस बात का उदाहरण है कि जब मौसमीय परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हो जाएं, तब सामान्य रूप से कम बारिश वाले क्षेत्र भी क्लाउडबर्स्ट जैसी स्थिति का सामना कर सकते हैं।

अगले 48 घंटों तक जारी रह सकती है बारिश

जिस चक्रवाती परिसंचरण के कारण यह भारी वर्षा हुई, वह अभी भी दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के आसपास सक्रिय बना हुआ है। इसके प्रभाव से चित्तौड़गढ़ और आसपास के जिलों में अगले 48 घंटों तक गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने की संभावना है। हालांकि, 24 जून जैसी रिकॉर्डतोड़ वर्षा दोबारा होने की आशंका नहीं है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अब बारिश की तीव्रता में काफी कमी आएगी और अधिकांश वर्षा स्थानीय स्तर पर विकसित होने वाले बादलों के कारण होगी। यह गतिविधियां मुख्य रूप से दोपहर बाद और शाम के समय देखने को मिल सकती हैं। फिर भी लोगों को अगले कुछ दिनों तक अचानक होने वाली तेज बौछारों और स्थानीय जलभराव की स्थिति के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी जाती है।

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Mahesh Palawat
Vice President of Meteorology & Climate Change
Mr. Palawat, Vice President of Meteorology & Climate Change, is a former Air Force boxer and a passionate weather enthusiast. Dedicated to tracking and predicting weather for the benefit of farmers and the general public, he has been an integral part of Skymet since its inception.
FAQ

24 जून को चित्तौड़गढ़ में 24 घंटे के दौरान 245 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो कई दशकों में सबसे भारी वर्षा घटनाओं में से एक है।

अरब सागर से आ रही नमी, सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण और वातावरण में बनी अस्थिरता ने मिलकर अत्यधिक वर्षा की परिस्थितियां पैदा कीं।

फिलहाल ऐसी रिकॉर्डतोड़ बारिश की संभावना नहीं है। हालांकि अगले 48 घंटों तक हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक जारी रह सकती है।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी स्काइमेट की पूर्वानुमान टीम द्वारा किए गए मौसम और जलवायु विश्लेषण पर आधारित है। हम वैज्ञानिक रूप से सही जानकारी देने का प्रयास करते हैं, लेकिन बदलती वायुमंडलीय स्थितियों के कारण मौसम में बदलाव संभव है। यह केवल सूचना के लिए है, इसे पूरी तरह निश्चित भविष्यवाणी न मानें।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है