तूफान ‘मोंथा’ पहुँचा आंध्र प्रदेश के नजदीक, काकीनाडा के पास खतरा, सतर्क रहें तटीय इलाके
उष्णकटिबंधीय तूफान ‘मोंथा’ (Montha) अब गंभीर चक्रवाती तूफान (Severe Cyclonic Storm) में बदल गया है। यह वर्तमान में 15°N अक्षांश और 82.5°E देशांतर पर केंद्रित है, जो काकीनाडा (आंध्र प्रदेश) से लगभग 250 किमी दक्षिण-पूर्व में स्थित है। तूफान उत्तर-उत्तरपश्चिम दिशा में लगभग 12 किमी/घंटा की गति से आगे बढ़ रहा है और आंध्र प्रदेश के समुद्री तट की ओर बढ़ रहा है। अनुमान है कि यह काकीनाडा और मछलीपट्टनम के बीच, काकीनाडा से थोड़ा दक्षिण में आज देर शाम तट पर (Landfall) दस्तक देगा। लैंडफॉल की प्रक्रिया में लगभग दो घंटे या उससे अधिक समय लग सकता है।
समुद्र की स्थिति और तूफान की तीव्रता
वर्तमान में यह चक्रवात गहरे समुद्र के ऊपर स्थित है, जहाँ समुद्र की सतह का तापमान बहुत अधिक गर्म है, यह इसकी तीव्रता बनाए रखने में सहायक है। हालांकि, तूफान हल्के प्रतिकूल वातावरण में है क्योंकि वर्टिकल विंड शियर (vertical wind shear) यानी ऊँचाई पर हवा की दिशा और गति में परिवर्तन बढ़ गया है। जैसे-जैसे यह तट के करीब पहुँचेगा, इसके केंद्र में सूखी हवा (dry air entrainment) प्रवेश करने की संभावना है, जिससे इसकी शक्ति में कुछ कमी आ सकती है। वर्तमान में ‘मोंथा’ की हवा की गति 90 से 95 किमी/घं. है, जो गंभीर चक्रवाती तूफान की श्रेणी (89–117 किमी/घं.) में आती है। लैंडफॉल का समय भारतीय समयानुसार लगभग 17:30 बजे (12 GMT के बाद) माना जा रहा है। हालांकि, लैंडफॉल के समय तूफान की श्रेणी कुछ कमजोर भी पड़ सकती है, लेकिन तेज हवाएं और मूसलाधार बारिश गंभीर खतरा पैदा कर सकती हैं, इसलिए अत्यधिक सतर्कता जरूरी है।

बंगाल की खाड़ी में बने तूफान मोंथा का ट्रैक, फोटो: Skymet
प्रभावित क्षेत्र और संभावित खतरे
तूफान का सबसे अधिक प्रभाव आंध्र प्रदेश के तटीय जिलों पर पड़ेगा, जिनमें विशाखापट्टनम, काकीनाडा, टूनी, नरसापुर, मछलीपट्टनम, नेल्लोर, बापटल और ओंगोल शामिल हैं । इसके अलावा पूर्वी और पश्चिमी गोदावरी, एल्लूरु, कोनसीमा और राजामुंद्री जैसे क्षेत्रों में भी तेज हवाएं, तूफानी बारिश और बाढ़ जैसी स्थितियाँ बन सकती हैं। भूमि से टकराने के बाद यह तूफान तेज़ी से कमजोर होगा और आगे बढ़ते हुए ओडिशा, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश की सीमाओं वाले क्षेत्र की ओर बढ़ जाएगा। ओडिशा के गंजाम, गजपति, मलकानगिरी और कोरापुट जिलों में भी मौसम बिगड़ने और भारी बारिश की आशंका है।
बंगाल की खाड़ी का पहला चक्रवात
‘मोंथा’ इस वर्ष बंगाल की खाड़ी में बनने वाला पहला चक्रवात है। आमतौर पर इस समय के आसपास खाड़ी में चक्रवात बनते रहते हैं। पिछले साल 24–25 अक्टूबर 2024 को गंभीर चक्रवाती तूफान ‘दाना’ (Dana) ने ओडिशा के धामरा पोर्ट पर दस्तक दी थी। वर्ष 2023 में ‘हामून’ और ‘मिधिली’ चक्रवातों ने बांग्लादेश को प्रभावित किया था, जबकि ‘मिचांग’ (Michaung) चक्रवात ने नेल्लोर से मछलीपट्टनम के बीच के तट को बुरी तरह प्रभावित किया था।
‘मोंथा’ एक सीमांत गंभीर चक्रवाती तूफान है जो आज शाम आंध्र प्रदेश तट को पार करेगा। हालांकि इसके कमजोर पड़ने की संभावना है, लेकिन तेज हवाएं और भारी बारिश जनजीवन पर गंभीर असर डाल सकती हैं। तटीय क्षेत्रों में सतर्कता और तैयारी बेहद जरूरी है।
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