Delhi Weather: दिल्ली में लौटेगा सूखा मौसम, वीकेंड से मध्य सप्ताह तक बारिश के आसार नहीं

By: skymet team | Edited By: skymet team
Sep 19, 2025, 12:15 PM
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दिल्ली में बढ़ती गर्मी, फोटो: News 18

दिल्ली-एनसीआर में 6 से 16 सितम्बर के बीच शुष्क मौसम का दौर चला था। लेकिन पिछले दो दिनों में यहां मध्यम बारिश देखने मिली। कल यानी 18 सितंबर को सफदरजंग और पालम दोनों ही जगहों पर 7 मिमी बारिश दर्ज की गई। इससे पहले परसों 17 सितंबर को सफदरजंग में बहुत कम समय में 45 मिमी की भारी बारिश रिकॉर्ड हुई थी। वहीं, सितंबर महीने में अब तक सफदरजंग में 137 मिमी बारिश हो चुकी है, जबकि बारिश का सामान्य औसत 128 मिमी होता है।

पूर्व-पश्चिम ट्रफ से हुआ मौसम में बदलाव

दिल्ली में पिछले दो दिन की बारिश एक पूर्व-पश्चिम ट्रफ के कारण हुई थी। यह ट्रफ एक ओर मध्य उत्तर प्रदेश और दूसरी ओर पूर्वी बिहार में बने चक्रवातीय परिसंचरण को जोड़ रही थी, जिसका असर दिल्ली तक दिखा। हालांकि, बिहार वाला सिस्टम अब कमजोर होकर खत्म हो चुका है और उत्तर प्रदेश वाला भी पूर्व की ओर खिसककर कमज़ोर हो गया है। कल 20 सितंबर से इस मौसम प्रणाली का असर पूरी तरह से खत्म हो जाएगा, जिससे बारिश की गतिविधियां थम जाएंगी।

हल्की फुहार के बाद फिर लौटेगा शुष्क मौसम

ट्रफ का बचा-खुचा असर दिल्ली-एनसीआर में कल 20 सितंबर की दोपहर या शाम में कहीं-कहीं हल्की बौछारों के रूप में दिख सकता है। इसके बाद मौसम का रुख बदल जाएगा और सितंबर के शुरूआती दिनों के जैसा सूखा मौसम फिर से लौट आएगा। अगले 4-5 दिनों तक सतही हवाएँ शुष्क और तेज चलेंगी, नमी का स्तर घटेगा और तापमान सामान्य से ऊपर पहुँच जाएगा। जिससे मौसम फिर से गर्म और उमस भरा हो जाएगा, जैसा कि आमतौर पर मानसून विदाई के समय देखा जाता है।

मानसून सीजन में दिल्ली का शानदार प्रदर्शन

दिल्ली में इस बार मानसून सीजन बेहतरीन रहा है। मानसून के चारों महीनों में सामान्य से अधिक बारिश हुई है, जिसमें जून में 45%, जुलाई में 24% और अगस्त में 72% अधिक बारिश दर्ज की गई। वहीं, सफदरजंग वेधशाला में मानसून सीजन के दौरान 902.6 मिमी बारिश दर्ज हुई है, जबकि सामान्य 640 मिमी बारिश होती है। दिल्ली की सालाना औसत बारिश 762.3 मिमी है और वह केवल मानसून के 4 महीनों में ही पार हो चुकी है।

बंगाल की खाड़ी में नया सिस्टम, दिल्ली में और देरी से विदाई संभव

अगले हफ्त के मध्य में बंगाल की खाड़ी में एक मजबूत मौसम प्रणाली बनने की संभावना है। यह सिस्टम पश्चिम मध्य प्रदेश और पूर्वी राजस्थान तक पहुँचेगा। सितंबर के आखिर में अगर यह पश्चिमी विक्षोभ से टकराता है तो 28 से 30 सितम्बर के बीच दिल्ली-एनसीआर में एक बार फिर से बारिश हो सकती है। इससे दिल्ली से मानसून की विदाई की प्रक्रिया थोड़ी और टल सकती है। पिछले रिकॉर्ड दिखाते हैं कि मानसून दिल्ली से सितंबर के आखिरी सप्ताह या अक्टूबर के पहले सप्ताह में विदा होता है। पिछले साल (2024) में मानसून दिल्ली से 2 अक्टूबर में विदा हुआ था, जबकि 2023 में 30 सितम्बर को। बीते 10 वर्षों में मानसून की सबसे देर से विदाई 2019 में 10 अक्टूबर को हुई थी।

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डिस्क्लेमर: यह जानकारी स्काइमेट की पूर्वानुमान टीम द्वारा किए गए मौसम और जलवायु विश्लेषण पर आधारित है। हम वैज्ञानिक रूप से सही जानकारी देने का प्रयास करते हैं, लेकिन बदलती वायुमंडलीय स्थितियों के कारण मौसम में बदलाव संभव है। यह केवल सूचना के लिए है, इसे पूरी तरह निश्चित भविष्यवाणी न मानें।

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