दिल्ली में अब नहीं बरसेगा पानी, बढ़ेगी गर्मी; 15 साल में सबसे पहले जाएगा मानसून
पिछले 12 दिनों से दिल्ली में शुष्क मौसम बना हुआ है। बेस स्टेशन सफदरजंग पर अब तक सितंबर महीने में केवल 85 मिमी बारिश दर्ज हुई है, जबकि औसत 128 मिमी रहती है। कल यानी 18 सितंबर को मामूली बूंदाबांदी हो सकती है, उसके बाद दिल्ली में मानसून का अंत माना जाएगा। बादल और बारिश नहीं होने से दिन का तापमान लगातार बढ़ रहा है। वहीं, दिल्ली-एनसीआर में लगातार दूसरे दिन पारा 36 डिग्री सेल्सियस पार कर गया और आज यह 37 डिग्री तक पहुँच सकता है। कल(19 सितंबर) का अधिकतम तापमान 36.3 डिग्री रहा, जो इस महीने का सबसे अधिक है।
मानसून वापसी के बाद गर्मी
गौरतलब है, मानसून की वापसी के बाद तापमान का बढ़ना सामान्य है। नमी घटने और शुष्क हवाओं के असर से पारा चढ़ जाता है। पश्चिमी राजस्थान में आने वाले दो हफ्तों में तापमान 40 डिग्री तक पहुँच जाएगा। यही गर्मी दिल्ली में भी असर दिखाएगी।

दिल्ली में 2010 से सितंबर महीने में हुई बारिश के आंकड़े
बीते वर्षों का रिकार्ड
पिछले 10 सालों में दिल्ली का तापमान सितंबर में लगभग हर बार 37 डिग्री से ऊपर गया है। केवल 2018 में 35.7°C और 2021 में 36.2°C के साथ पारा नीचे रहा था। वहीं, 2023 में तापमान 40°C से ऊपर और पिछले साल 37°C से ऊपर दर्ज किया गया था। अब तक का सबसे अधिक 40.6°C तापमान 16 सितंबर 1938 को दर्ज हुआ था।
मानसून की विदाई करीब
दिल्ली से मानसून की विदाई अब लगभग तय है। कल यानी 19 सितंबर के ‘टच एंड गो’(बहुत हल्की बारिश) हालात के बाद मानसून दिल्ली से पूरी तरह पीछे हट जाएगा। जिसकी औपचारिक घोषणा 20–21 सितंबर 2025 के बीच की जा सकती है। बता दें, इस बार पिछले 15 सालों में सबसे जल्दी मानसून वापसी हो सकती है। 2024 में मानसून 2 अक्टूबर को विदा हुआ था, जबकि आमतौर पर यह सितंबर के अंतिम सप्ताह या अक्टूबर के पहले हफ्ते तक खिंचता है। वहीं, 2013 में मानसून सबसे देर से 17 अक्टूबर को विदा हुआ था।







