छत्तीसगढ़ के ऊपर बना डिप्रेशन अब उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की ओर बढ़ेगा, कई राज्यों में बहुत भारी बारिश के आसार

By: AVM GP Sharma | Edited By: Mohini Sharma
Sep 25, 2026, 12:45 PM
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मुख्य मौसम बिंदु

  • बंगाल की खाड़ी का तूफान कमजोर होकर डीप डिप्रेशन बना।
  • छत्तीसगढ़, ओडिशा, एमपी, यूपी, बिहार और झारखंड में बहुत भारी बारिश संभव।
  • 26 सितंबर को उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बेहद भारी बारिश का खतरा।
  • यूपी और उत्तराखंड में जलभराव, बाढ़, भूस्खलन, पेड़ गिरने और आकाशीय बिजली का खतरा है।
  • पूर्वानुमान वैधता: यह मौसम पूर्वानुमान 30 सितंबर तक मान्य है, मौसम प्रणालियों में बड़े बदलाव होने पर पूर्वानुमान संशोधित हो सकता है।

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बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना उष्णकटिबंधीय तूफान (Tropical storm) तट पार करने के बाद कमजोर होकर डीप डिप्रेशन में बदल गया है। इसने कलिंगपट्टनम के पास तट को पार किया, अब उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए ओडिशा के अंदरूनी हिस्सों और दक्षिण छत्तीसगढ़ के ऊपर बना हुआ है। अगले 24 घंटों में यह सिस्टम और कमजोर होगा तथा इसके उत्तर मध्य प्रदेश और मध्य उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ने की संभावना है। इसके प्रभाव से आज छत्तीसगढ़, ओडिशा, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं विदर्भ, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में भी मध्यम से भारी बारिश के आसार हैं।

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पश्चिमी विक्षोभ और डिप्रेशन की जुगलबंदी से बढ़ेगा बारिश का असर

इस समय जम्मू-कश्मीर और आसपास के इलाकों में ऊपरी हवा की ट्रफ के रूप में पश्चिमी विक्षोभ भी मौजूद है। यह ट्रफ पूर्व दिशा में आगे बढ़ेगी और कल 26 सितंबर को डिप्रेशन के साथ एक लाइन में आ जाएगी। इन दोनों मौसम प्रणालियों के एक साथ सक्रिय होने से 26 सितंबर को उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बेहद भारी बारिश होने की संभावना है। 27 सितंबर, रविवार को भी तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है, हालांकि इसकी तीव्रता में थोड़ी कमी आने की उम्मीद है। 28 सितंबर से मौसम में सुधार शुरू होगा, लेकिन मौसम साफ होने में 30 सितंबर या उसके बाद तक का समय लग सकता है।

बेहद भारी बारिश से बाढ़ और जनजीवन प्रभावित होने का खतरा

इस दौरान होने वाली बेहद भारी बारिश से कई इलाकों में जलभराव और स्थानीय बाढ़ की स्थिति बन सकती है। इसका असर सड़क, रेल और हवाई सेवाओं के साथ-साथ सामान्य आवाजाही और संचार व्यवस्था पर भी पड़ सकता है। तेज हवाओं और बारिश के कारण पेड़ गिरने, बिजली की ट्रांसमिशन लाइनों के प्रभावित होने और आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं। ऐसे में अगले 48 घंटों के दौरान उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में सबसे ज्यादा सतर्कता की जरूरत

उत्तर प्रदेश में लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, अयोध्या, रायबरेली, सुल्तानपुर, अमेठी, बाराबंकी, बांदा, सीतापुर, गोंडा, फतेहपुर, हरदोई, लखीमपुर खीरी, बहराइच, चित्रकूट और महोबा समेत कई जिलों में भारी बारिश का खतरा है। गौरतलब है, यूपी के बाकी हिस्सों में भी बारिश होगी, हालांकि वहां बारिश की तीव्रता कम रह सकती है। वहीं पूरे उत्तराखंड में बहुत भारी बारिश का खतरा बना हुआ है। पहाड़ी इलाकों में बारिश से भूस्खलन, चट्टानें गिरने, जलस्रोतों और नदियों के उफान पर आने, अचानक बाढ़ तथा आकाशीय बिजली का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए अगले 48 घंटे उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के लिए बेहद सावधानी वाले रहेंगे।

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AVM GP Sharma
President of Meteorology & Climate Change
AVM Sharma, President of Meteorology & Climate Change at Skymet Weather Services, is a retired Indian Air Force officer who previously led the Meteorological Branch at Air Headquarters in New Delhi. With over a decade of experience at Skymet, he brings a wealth of knowledge and expertise to the organization.
FAQ

उत्तर प्रदेश में 25 सितंबर से बारिश का असर बढ़ेगा। 26 और 27 सितंबर को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भारी से बेहद भारी बारिश की संभावना है।

उत्तराखंड में बहुत भारी बारिश के कारण भूस्खलन, चट्टानें गिरने, अचानक बाढ़, जलस्रोतों के उफान और आकाशीय बिजली का खतरा बढ़ सकता है।

28 सितंबर से मौसम में सुधार शुरू होने की संभावना है, जबकि पूरी तरह से मौसम साफ होने में 30 सितंबर या उसके बाद तक का समय लग सकता है।

डिस्क्लेमर: डिस्कलेमर- यह विश्लेषण स्काइमेट के मौसम संबंधी आंकड़ों, आंतरिक पूर्वानुमान मॉडल, मौसम केंद्रों से प्राप्त जानकारी, जलवायु संबंधी डेटा और स्काइमेट की मौसम विशेषज्ञ टीम के आकलन पर आधारित है। सटीक जानकारी देने का पूरा प्रयास किया गया है, लेकिन मौसम लगातार बदलने वाली प्राकृतिक प्रक्रिया है, इसलिए परिस्थितियां समय के साथ बदल सकती हैं। यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से दी गई है और इसे अंतिम या पूरी तरह निश्चित मौसम पूर्वानुमान नहीं माना जाना चाहिए।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है