बंगाल की खाड़ी का तूफान आंध्र तट से टकराया, ओडिशा-छत्तीसगढ़ समेत 3 राज्यों में बहुत भारी बारिश
मुख्य मौसम बिंदु
- बंगाल की खाड़ी का ट्रॉपिकल स्टॉर्म आंध्र प्रदेश में कलिंगपट्टनम के पास तट से टकराया।
- विशाखापट्टनम में 278 मिमी, काकीनाडा में 152.3 मिमी और खम्मम में 104 मिमी बारिश दर्ज हुई।
- ओडिशा, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश।
- 26 सितंबर के बाद उत्तराखंड और पश्चिमी यूपी में बारिश बढ़ेगी।
- पूर्वानुमान वैधता: यह पूर्वानुमान 24 से 30 सितंबर 2026 की मौसम गतिविधियों को ध्यान में रखकर है। मौसमी सिस्टम की दिशा या तीव्रता में बदलाव होने पर पूर्वानुमान संशोधित हो सकता है।
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बंगाल की खाड़ी में बना ट्रॉपिकल स्टॉर्म, जिसे संयुक्त टाइफून चेतावनी केंद्र (JTWC) ने TC01B नाम दिया है, बीती देर रात आंध्र प्रदेश के तट से टकराया। यह सिस्टम काफी धीमी गति से आगे बढ़ने के बाद कलिंगपट्टनम के पास लैंडफॉल हुआ। इसके प्रभाव से आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हुई। विशाखापट्टनम में 278 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो हाल के समय में यहां हुई सबसे भारी बारिश में से एक है। सितंबर में विशाखापट्टनम की सामान्य बारिश 194.9 मिमी है, जबकि इस महीने अब तक विशाखापट्टनम में कुल 435.4 मिमी बारिश हो चुकी है। शहर में भारी बारिश अभी भी जारी है और दिन के दौरान भी इसके जारी रहने की संभावना है। विशाखापट्टनम के दक्षिण-पश्चिम में स्थित काकीनाडा में 152.3 मिमी बारिश दर्ज की गई। वहीं, तेलंगाना के कई हिस्सों में भी भारी बारिश हुई, जबकि खम्मम में पिछले 24 घंटों में 104 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। बालासोर से मछलीपट्टनम तक पूर्वी तट के कई इलाकों में भारी बारिश के साथ तेज और झोंकेदार हवाएं चलीं।
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TC01B Cyclone, सैटेलाइट इमेज
सिस्टम कमजोर होगा, लेकिन मध्य और उत्तर भारत में बारिश बढ़ेगी
यह मौसम सिस्टम अब उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ेगा और आज शाम तक अपनी मौजूदा तीव्रता बनाए रख सकता है। इसके बाद रात के दौरान यह कमजोर होकर डिप्रेशन में बदल जाएगा। छत्तीसगढ़ के ऊपर डिप्रेशन के रूप में पहुंचने के बाद इसकी मुलाकात एक पश्चिमी विक्षोभ से होगी, जो पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार और नेपाल की तलहटी वाले क्षेत्रों से होकर आगे बढ़ रहा है।

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इन दोनों मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से भारी बारिश का क्षेत्र छत्तीसगढ़ से लेकर पूर्वी और मध्य उत्तर प्रदेश तथा पूर्वी मध्य प्रदेश तक फैल सकता है। 24 से 26 सितंबर 2026 के बीच ओडिशा, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश का दौर रहने की संभावना है। तेलंगाना के बाहरी हिस्सों, विदर्भ और बिहार में भी भारी बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पहुंच सकती हैं।

26 सितंबर के बाद बारिश का फोकस बदलेगा, मानसून की वापसी में फिर देरी
26 सितंबर को ओडिशा और तेलंगाना से भारी बारिश कम होने लगेगी, लेकिन इसी दौरान तेज बारिश का क्षेत्र उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की ओर पहुंच सकता है। इन दोनों क्षेत्रों में इसके बाद भी अगले दो दिनों तक मध्यम से भारी बारिश जारी रह सकती है। देश के उत्तर भारतीय मैदानी इलाकों, पूर्वी और मध्य हिस्सों में 30 सितंबर से मौसम में काफी सुधार शुरू होने की संभावना है। दक्षिण-पश्चिम मानसून पहले ही राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली तथा गुजरात और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों से वापस लौट चुका है। हालांकि, मध्य और पूर्वी भारत तथा गंगा के मैदानी इलाकों में व्यापक मौसमी गतिविधि के कारण मानसून की वापसी फिलहाल रुक सकती है। मानसून की वापसी अक्टूबर 2026 के पहले सप्ताह में फिर से शुरू होने की संभावना है।
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