जापान में टाइफून डुजुआन का असर, एशियन गेम्स के मुकाबले प्रभावित, तट से दूर जाएगा तूफान
मुख्य मौसम बिंदु
- टाइफून डुजुआन से जापान के पूर्वी हिस्सों में भारी बारिश, तेज हवाएं, बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति बनी।
- एशियन गेम्स इक्वेस्ट्रियन, रोइंग और कुछ अन्य आउटडोर मुकाबलों के कार्यक्रम प्रभावित हुए।
- ओशिमा में 48 घंटे में 832 मिमी बारिश दर्ज की गई।
- तूफान डुजुआन अब उत्तर-पूर्व की ओर बढ़कर जापान के तट से दूर हो रहा है।
- पूर्वानुमान वैधता: यह मौसम अपडेट 23 सितंबर 2026 तक की स्थिति के लिए मान्य है और फिलीपींस सागर की नई प्रणाली की दिशा व ताकत बदलने पर पूर्वानुमान संशोधित हो सकता है।
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पश्चिमी प्रशांत और जापान सागर क्षेत्र में आया टाइफून डुजुआन इस साल दुनिया के कई हिस्सों में हुई असामान्य रूप से भारी बारिश, बाढ़ और उष्णकटिबंधीय तूफानों की कड़ी का एक और उदाहरण है। डुजुआन ने जापान के कई हिस्सों में भारी बारिश, तेज हवाओं और बाढ़ की स्थिति पैदा की। इसका असर आइची-नागोया एशियन गेम्स पर भी पड़ा। आइची प्रीफेक्चर और नागोया शहर में कई खेलों के कार्यक्रम बदलने पड़े। तूफान के दौरान हवाओं की रफ्तार करीब 144 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंची, जिससे यात्रा और परिवहन भी प्रभावित हुआ।
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एशियन गेम्स के कई मुकाबले प्रभावित
खराब मौसम के कारण आयोजकों ने इक्वेस्ट्रियन इवेंटिंग प्रतियोगिता के पहले दिन को स्थगित कर दिया। तीन दिन में होने वाले इस कार्यक्रम को अब दो दिनों में पूरा करने की कोशिश की गई। रोइंग सहित कुछ अन्य आउटडोर खेलों के मुकाबलों में भी भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण देरी या बदलाव करना पड़ा। मौसम की स्थिति को देखते हुए खिलाड़ियों और अधिकारियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई।

टाइफून डुजुआन
डुजुआन की तेज बारिश से जापान में जान-माल का नुकसान भी हुआ। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, भारी बारिश से भूस्खलन और बाढ़ की घटनाएं हुईं, जिनमें कई लोगों की मौत हुई और कुछ लोग लापता हैं। करीब 45,000 घरों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई। हालांकि, तूफान अब उत्तर-पूर्व की ओर मुड़कर जापान के तट से दूर जा रहा है, जिससे भारी बारिश और भूस्खलन के खतरे को कई इलाकों में कम किया गया है।

ओशिमा में रिकॉर्ड बारिश, आगे एक और सिस्टम पर नजर
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डुजुआन कमजोर होते हुए उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ा, लेकिन पूर्वी जापान के कुछ हिस्सों में बेहद भारी बारिश छोड़ गया। टोक्यो से करीब 120 किलोमीटर दक्षिण में स्थित ओशिमा द्वीप पर 48 घंटे में 832 मिमी बारिश दर्ज की गई। यह सितंबर की पूरी सामान्य मासिक बारिश के दोगुने से भी ज्यादा है और उपलब्ध रिकॉर्ड में बेहद असाधारण बारिश है।
जापान में गर्मियों के अंत और शुरुआती शरद ऋतु के दौरान मजबूत टाइफून आना सामान्य है। हालांकि, मानवजनित जलवायु परिवर्तन के कारण वातावरण के गर्म होने से भारी बारिश का खतरा बढ़ सकता है, क्योंकि गर्म हवा ज्यादा नमी रोक सकती है। इसी बीच फिलीपींस सागर के ऊपर एक और मौसम प्रणाली विकसित हो रही है। फिलहाल इसके विकास और दिशा पर नजर रखी जा रही है। इसके जापान के तट से दूर मुड़ने की संभावना है, इसलिए यह सिस्टम जापान की मुख्य भूमि को प्रभावित किए बिना आगे बढ़ सकता है।
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