बंगाल की खाड़ी का डिप्रेशन होगा मजबूत, तूफान में बदलने के आसार,आंध्र-ओडिशा में तेज बारिश

By: AVM GP Sharma | Edited By: Mohini Sharma
Sep 22, 2026, 2:45 PM
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डिप्रेशन बन सकता है तूफान, सैटेलाइट इमेज

मुख्य मौसम बिंदु

  • बंगाल की खाड़ी का डिप्रेशन आज शाम तक डीप डिप्रेशन में बदल सकता है।
  • आंध्र प्रदेश और ओडिशा में आज बारिश की तीव्रता और दायरा बढ़ने की संभावना है।
  • तट पार करते समय 60–80 किमी प्रति घंटे की तेज हवाएं चल सकती हैं।
  • ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश संभव है।
  • पूर्वानुमान वैधता: यह पूर्वानुमान अगले 5–7 दिनों के लिए है और सिस्टम की दिशा या ताकत में बदलाव होने पर संशोधित किया जा सकता है।

बंगाल की खाड़ी के पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिमी हिस्से में बना डिप्रेशन आज सुबह 8:30 बजे विशाखापट्टनम से करीब 300 किलोमीटर पूर्व में स्थित था। इसके आज ही शाम तक डीप डिप्रेशन में बदलने की संभावना है। मौसम प्रणाली का निचले स्तर का परिसंचरण आंशिक रूप से दिखाई दे रहा है और इसके आसपास बादलों का क्षेत्र भी काफी व्यवस्थित है।

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मौसम की परिस्थितियां इस सिस्टम के मजबूत होने के लिए अनुकूल हैं। इसके आसपास ऊर्ध्वाधर हवाओं का दबाव यानी विंड शीयर केवल 5–10 नॉट है, भूमध्य रेखा की ओर से हवा का प्रवाह मध्यम है और समुद्र की सतह का तापमान करीब 29–30°C है। इन परिस्थितियों के कारण सिस्टम को और ताकत मिल सकती है। हालांकि, JTWC ने अगले 24 घंटों में इसके उष्णकटिबंधीय चक्रवात में बदलने की संभावना को मध्यम बताया है। वहीं, भारतीय मौसम विभाग के उपलब्ध अपडेट में सिस्टम के डीप डिप्रेशन बनने और उत्तर आंध्र प्रदेश-दक्षिण ओडिशा तट पार करने का अनुमान है।

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आंध्र-ओडिशा में बढ़ेगी बारिश, 60–80 किमी प्रति घंटे की हवाएं

सिस्टम के बाहरी बादल पहले ही तट तक पहुंच चुके हैं और ओडिशा तथा आंध्र प्रदेश में मध्यम से भारी बारिश शुरू हो गई है। पारादीप, चांदबली, छत्रपुर, कोरापुट, जाजपुर और कलिंगपट्टनम में करीब 40 से 60 मिमी बारिश दर्ज की गई है। आंध्र प्रदेश और ओडिशा के अंदरूनी इलाकों तक भी हल्की से मध्यम बारिश पहुंच चुकी है। आज बारिश की तीव्रता और दायरा काफी बढ़ने की संभावना है।

डीप डिप्रेशन पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ेगा और कुछ समय के लिए उष्णकटिबंधीय तूफान जैसी ताकत हासिल कर सकता है। इसके कलिंगपट्टनम और काकीनाडा के बीच तट पार करने की संभावना बताई गई है। लैंडफॉल के समय करीब 60–80 किमी प्रति घंटे की तेज और झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। हालांकि, उपलब्ध IMD पूर्वानुमान में तट पार करने का क्षेत्र विशाखापट्टनम और गोपालपुर के बीच बताया गया है।

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लैंडफॉल के बाद 4–5 दिन तक बारिश, 28 सितंबर से राहत के संकेत

तट पार करने के बाद यह मौसम प्रणाली करीब 4–5 दिन तक जमीन के ऊपर बनी रह सकती है, हालांकि इस दौरान धीरे-धीरे कमजोर होती जाएगी। इसके प्रभाव से ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश और पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।

सिस्टम से जुड़े घने बादलों के बाहरी हिस्से विदर्भ और उत्तर आंतरिक कर्नाटक के कुछ क्षेत्रों तक भी पहुंच सकते हैं। मध्य भारत में खराब मौसम की स्थिति 28 सितंबर से धीरे-धीरे कमजोर होने के संकेत हैं। तब तक सिस्टम का मुख्य प्रभाव मध्य भारत से हटकर बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश की ओर शिफ्ट हो सकता है।

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AVM GP Sharma
President of Meteorology & Climate Change
AVM Sharma, President of Meteorology & Climate Change at Skymet Weather Services, is a retired Indian Air Force officer who previously led the Meteorological Branch at Air Headquarters in New Delhi. With over a decade of experience at Skymet, he brings a wealth of knowledge and expertise to the organization.
FAQ

डिप्रेशन के आज यानी 22 सितंबर की शाम तक डीप डिप्रेशन में बदलने की संभावना है। उपलब्ध IMD पूर्वानुमान भी अगले 12 घंटों में इसके मजबूत होने का संकेत देता है।

मौसम प्रणाली के उत्तर आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा के तट को पार करने की संभावना है। उपलब्ध IMD पूर्वानुमान में विशाखापट्टनम और गोपालपुर के बीच लैंडफॉल का क्षेत्र बताया गया है।

ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश और पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। विदर्भ और उत्तर आंतरिक कर्नाटक के कुछ हिस्सों में भी सिस्टम के बादलों का असर पहुंच सकता है।

डिस्क्लेमर: डिस्कलेमर- यह विश्लेषण स्काइमेट के मौसम संबंधी आंकड़ों, आंतरिक पूर्वानुमान मॉडल, मौसम केंद्रों से प्राप्त जानकारी, जलवायु संबंधी डेटा और स्काइमेट की मौसम विशेषज्ञ टीम के आकलन पर आधारित है। सटीक जानकारी देने का पूरा प्रयास किया गया है, लेकिन मौसम लगातार बदलने वाली प्राकृतिक प्रक्रिया है, इसलिए परिस्थितियां समय के साथ बदल सकती हैं। यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से दी गई है और इसे अंतिम या पूरी तरह निश्चित मौसम पूर्वानुमान नहीं माना जाना चाहिए।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है