दिल्ली में मानसून की विदाई जल्द, 24 सितंबर के बाद बढ़ेगी गर्मी, सामान्य से अधिक तापमान के आसार

By: AVM GP Sharma | Edited By: Mohini Sharma
Sep 22, 2026, 12:00 AM
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दिल्ली मौसम अपडेट, फोटो: AI-Skymet

दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की प्रक्रिया 19 सितंबर 2026 से शुरू हो चुकी है। अब मानसून की वापसी की दूसरी लहर आगे बढ़ गई है और इसकी विदाई रेखा राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के कई हिस्सों तक पहुंच गई है। फिलहाल मानसून की वापसी की आधिकारिक रेखा जैसलमेर, सीकर, रोहतक, पटियाला और गुरदासपुर से होकर गुजर रही है।

मौसम परिस्थितियां गुजरात के कुछ हिस्सों, राजस्थान के बड़े भाग, पूरे हरियाणा-पंजाब और पहाड़ी राज्यों के कुछ हिस्सों से मानसून की आगे वापसी के लिए अनुकूल बनी हुई हैं। दिल्ली से भी मानसून की विदाई इस बार थोड़ी जल्दी होने के संकेत हैं। राजधानी से मानसून की वापसी की तारीख पिछले साल यानी 2025 की तरह 24 सितंबर के आसपास रह सकती है। अगर ऐसा होता है तो 2006 के बाद यह दिल्ली से मानसून की सबसे जल्दी विदाई में से एक होगी। वर्ष 2006 में मानसून 23 सितंबर को दिल्ली से विदा हुआ था।

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2003 के बाद कई वर्षों में अक्टूबर तक खिंची मानसून की विदाई

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दिल्ली से मानसून की विदाई कई वर्षों में सितंबर के बजाय अक्टूबर तक खिंची है। ऐसा 2003, 2013, 2016, 2018, 2019, 2021 और 2024 में हुआ था। सबसे देरी से मानसून की विदाई 17 अक्टूबर 2013 को हुई थी। संयोग से 2013 में पूरे देश से भी मानसून की विदाई सबसे ज्यादा देर से हुई थी और 21 अक्टूबर को मानसून ने देश से पूरी तरह विदाई ली थी।

इस समय उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में मौसम लगभग सूख चुका है। पश्चिमी राजस्थान के कुछ बेहद पश्चिमी हिस्सों में तापमान करीब 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। दिल्ली में भी पिछले तीन दिनों से अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया जा रहा है और आज तापमान में और बढ़ोतरी होने की संभावना है। हवाओं का रुख भी अस्थायी रूप से पश्चिमी हो गया है, जो मानसून की वापसी के प्रमुख संकेतों में से एक है। हालांकि, बंगाल की खाड़ी में बने डिप्रेशन के प्रभाव से सप्ताह के दूसरे हिस्से में हवाएं फिर से पूर्वी हो सकती हैं।

हल्की फुहार की संभावना, अक्टूबर से साफ मौसम के संकेत

मध्य पाकिस्तान के आसपास एक शुष्क चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसके अलावा एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ ऊपरी हवा की ट्रफ के रूप में उत्तर के पहाड़ी इलाकों में पहुंच सकता है। वहीं, बंगाल की खाड़ी में बना डिप्रेशन डीप डिप्रेशन में बदलने और कल तड़के उत्तर आंध्र प्रदेश तथा दक्षिण ओडिशा के तट से पार करने की संभावना है। इन सभी मौसम प्रणालियों के प्रभाव से दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में हवाओं का रुख कुछ समय के लिए अनियमित और अस्थिर हो सकता है।

हवाओं में इस बदलाव से दिल्ली में बारिश की संभावना बहुत कम है। हालांकि, आसपास के कुछ इलाकों में एक-दो दिन बेहद हल्की फुहार पड़ सकती है। मानसून की विदाई के बाद भी हल्की बारिश होना असामान्य नहीं है। इसे मानसून की वापसी में रुकावट नहीं माना जाता, क्योंकि विदाई के बाद भी स्थानीय मौसम प्रणालियों के कारण कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है। अक्टूबर के पहले सप्ताह से दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में सामान्य पोस्ट-मानसून मौसम बनने की उम्मीद है। इस दौरान आसमान मुख्यतः साफ रहेगा और तापमान में मामूली बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

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AVM GP Sharma
President of Meteorology & Climate Change
AVM Sharma, President of Meteorology & Climate Change at Skymet Weather Services, is a retired Indian Air Force officer who previously led the Meteorological Branch at Air Headquarters in New Delhi. With over a decade of experience at Skymet, he brings a wealth of knowledge and expertise to the organization.
FAQ

दिल्ली से मानसून की विदाई 24 सितंबर 2026 के आसपास होने की संभावना है। हालांकि, अंतिम तारीख मौसम परिस्थितियों पर निर्भर करेगी।

हां, मानसून की वापसी के बाद भी स्थानीय मौसम प्रणालियों के कारण एक-दो दिन बेहद हल्की फुहार हो सकती है। ऐसी हल्की बारिश मानसून की वापसी को असामान्य नहीं बनाती।

अक्टूबर के पहले सप्ताह से दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में सामान्य पोस्ट-मानसून मौसम बनने की संभावना है। आसमान मुख्यतः साफ रहेगा और तापमान में मामूली बढ़ोतरी हो सकती है।

डिस्क्लेमर: डिस्कलेमर- यह विश्लेषण स्काइमेट के मौसम संबंधी आंकड़ों, आंतरिक पूर्वानुमान मॉडल, मौसम केंद्रों से प्राप्त जानकारी, जलवायु संबंधी डेटा और स्काइमेट की मौसम विशेषज्ञ टीम के आकलन पर आधारित है। सटीक जानकारी देने का पूरा प्रयास किया गया है, लेकिन मौसम लगातार बदलने वाली प्राकृतिक प्रक्रिया है, इसलिए परिस्थितियां समय के साथ बदल सकती हैं। यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से दी गई है और इसे अंतिम या पूरी तरह निश्चित मौसम पूर्वानुमान नहीं माना जाना चाहिए।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है