Heavy Rainfall: यूपी में मानसून का प्रकोप, गंगा-यमुना समेत कई नदियां उफान पर, इन जिलों में हाई अलर्ट
उत्तर प्रदेश इन दिनों तेज मानसूनी बारिश से जूझ रहा है। गंगा, यमुना, रामगंगा, शारदा, घाघरा और राप्ती नदियां उफान पर हैं, जिससे प्रयागराज और आसपास के निचले क्षेत्रों में बाढ़ के हालात बने हुए हैं। नेपाल के तराई क्षेत्रों में हुई अत्यधिक बारिश से जलस्तर अधिक बढ़ गया है, कई नदियां खतरे के निशान के करीब या उससे ऊपर बह रही हैं।
जिलों में हाई अलर्ट, राहत-बचाव जारी
राज्य प्रशासन ने संवेदनशील जिलों में हाई अलर्ट जारी किया है और लगातार निगरानी रखी जा रही है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बचाव और राहत कार्य जारी हैं। कई जगह तटबंध टूटने और जलभराव की खबरें हैं, जिससे ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में जलभराव की स्थिति गंभीर बनी हुई है।
मौसम पूर्वानुमान: अगले 4–5 दिन भारी बारिश
अगले 4–5 दिनों तक उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। बारिश अलग-अलग दिनों में अलग-अलग जिलों को प्रभावित करेगी। 11 अगस्त के बाद बंगाल की खाड़ी में बनने वाले नए मौसम तंत्र से एक और बारिश का दौर शुरू हो सकता है।
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पिछले 24 घंटों में बारिश का हाल
पिछले 24 घंटों में कई जिलों में भारी बारिश दर्ज की गई है। जिसमें रायबरेली के फुरसतगंज में 106 मिमी, मुरादाबाद में 104 मिमी, लखनऊ में 91 मिमी, बरेली में 86 मिमी, प्रयागराज में 50 मिमी और कानपुर में 44 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई है। वहीं, नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों और हिमालयी तराई में हुई बारिश से बाढ़ का खतरा और बढ़ गया है।
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उत्तर प्रदेश में नदियों की स्थिति
गंगा, यमुना, रामगंगा, शारदा, घाघरा और राप्ती नदियां खतरे के निशान के करीब या उससे ऊपर बह रही हैं। तटबंध टूटने और निचले इलाकों में पानी घुसने से जनजीवन प्रभावित हो गया है। लखनऊ, अयोध्या, कानपुर, प्रयागराज, बरेली, अलीगढ़, बांदा, महोबा, चित्रकूट, हमीरपुर, उरई, गोरखपुर, वाराणसी, बलिया, गाजीपुर, देवरिया और आजमगढ़ के निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।






