उत्तर भारत में तेज बारिश की वापसी, दिल्ली-राजस्थान और यूपी में अगले 3 दिन भारी बारिश के आसार

By: skymet team | Edited By: skymet team
Jul 29, 2025, 2:30 PM
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उत्तर भारत के कई हिस्सों में इस सप्ताह मौसम का मिज़ाज बदला-बदला नजर आया। दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड जैसे राज्यों में कहीं तेज़ बारिश तो कहीं हल्की बूंदाबांदी देखने को मिली। लेकिन अब मौसम प्रणाली में बड़ा बदलाव होने जा रहा है, जिसका असर पूरे उत्तर भारत में दिखेगा।

दिल्ली-एनसीआर में झमाझम बारिश की शुरुआत

दिल्ली और आसपास के इलाकों में आज सुबह से ही हल्की से मध्यम बारिश हो रही है। मौसम विभाग के अनुसार, आज, कल और परसों (29 से 31 जुलाई) के बीच दिल्ली-एनसीआर में तेज़ और बौछारों वाली बारिश की संभावना बनी हुई है। हालांकि बुधवार के बाद बारिश की तीव्रता और दायरा कम हो जाएगा। तापमान में गिरावट आ सकती है और यह सप्ताह के बाकी दिनों में 30 से 32 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रहेगा।

दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में बीते 24 घंटों में असमान बारिश हुई। जहां पालम में 17 मिमी बारिश दर्ज की गई, वहीं मुख्य वेधशाला सफदरजंग पर एक मिमी से भी कम बारिश हुई। अयनागर और पूसा स्टेशन पर 10 मिमी से ज्यादा बारिश हुई।

राजस्थान में तीन दिन भारी बारिश की चेतावनी

उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और पूर्वी राजस्थान पर बना कम दबाव क्षेत्र अगले 24 घंटों में राजस्थान की ओर बढ़ेगा। 29 से 31 जुलाई के बीच राज्य के उत्तर और पूर्वी हिस्सों में भारी बारिश की संभावना है। भरतपुर, अलवर, दौसा, सवाई माधोपुर, कोटपुतली, झुंझुनूं, बीकानेर, श्रीगंगानगर जैसे जिलों में बाढ़ जैसे हालात भी बन सकते हैं। हालांकि दक्षिण राजस्थान के कुछ जिले जैसे प्रतापगढ़, बांसवाड़ा और चित्तौड़गढ़ इस दौर से बच सकते हैं।

गौरतलब है कि इस बार राजस्थान में पहले से ही सामान्य से ज्यादा बारिश हो चुकी है। पश्चिमी राजस्थान में 100% और पूर्वी राजस्थान में 97% बारिश रिकॉर्ड की जा चुकी है। ऐसे में जमीन पहले से ही नम है और अतिरिक्त बारिश से नुकसान का खतरा बढ़ गया है।

ब्रेक-इन-मॉनसून: क्या होता है और इसका असर

31 जुलाई के बाद देश में "ब्रेक-इन-मॉनसून" की स्थिति बन सकती है। इसका मतलब है कि मानसूनी ट्रफ (monsoon trough) हिमालय की तराई की ओर खिसक जाती है। ऐसे में दिल्ली, राजस्थान, पश्चिमी उत्तर प्रदेश जैसे इलाकों में बारिश में अचानक कमी आ जाती है, जबकि बिहार, उत्तर बंगाल, सिक्किम, असम जैसे राज्यों में बाढ़ का खतरा बढ़ जाता है।

ब्रेक की स्थिति में दिल्ली और एनसीआर में बारिश मुख्यतः शाम या रात में होती है, जबकि दिन में मौसम आमतौर पर साफ रहता है। तापमान हालांकि कम ही बना रहता है।

आगे क्या?

1 अगस्त के बाद मौसम की गतिविधियाँ धीमी हो जाएंगी। दिल्ली-एनसीआर में भारी बारिश की संभावना कम है। सामान्य या हल्की बारिश ही होगी। उत्तर भारत में सक्रिय बारिश का अगला चरण तब शुरू होगा जब बंगाल की खाड़ी से कोई नया सिस्टम विकसित होकर भीतर की ओर बढ़ेगा। सावधानी बरतें और मौसम से जुड़े अपडेट पर नजर रखें।

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डिस्क्लेमर: यह जानकारी स्काइमेट की पूर्वानुमान टीम द्वारा किए गए मौसम और जलवायु विश्लेषण पर आधारित है। हम वैज्ञानिक रूप से सही जानकारी देने का प्रयास करते हैं, लेकिन बदलती वायुमंडलीय स्थितियों के कारण मौसम में बदलाव संभव है। यह केवल सूचना के लिए है, इसे पूरी तरह निश्चित भविष्यवाणी न मानें।

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