Kolkata Weather: मानसूनी बरसात की राह देख रहा कोलकाता, कब आएगा मानसून?

By: skymet team | Edited By: skymet team
Jun 4, 2025, 3:30 PM
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इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून ने केरल और पूर्वोत्तर भारत में एक साथ समय से पहले दस्तक दी। मानसून की पूर्वी शाखा ने समय से पहले ही पूरे पूर्वोत्तर भारत को ढक लिया और 29 मई 2025 को सिक्किम और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल तक पहुंच गई। हालांकि, इसके बाद मानसून की प्रगति रुक गई है। सामान्यतः मानसून पश्चिम बंगाल में 10 से 15 जून के बीच पहुंचता है।

मुंबई और कोलकाता-एक साथ, पर रुका सफर

सामान्य परिस्थितियों में दक्षिण-पश्चिम मानसून मुंबई और कोलकाता में लगभग एक ही समय पर (मुंबई में 11 जून और कोलकाता में 10 जून) पहुंचता है। इस बार मानसून ने मुंबई में रिकॉर्ड तोड़ 26 मई 2025 को दस्तक दी, लेकिन तब से वह वहीं अटका हुआ है और पश्चिमी तट पर आगे नहीं बढ़ पाया है। वहीं, पूर्व की ओर मानसून बांग्लादेश, सिक्किम और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल को पार कर चुका है, लेकिन गंगीय पश्चिम बंगाल के बाहरी इलाकों तक ही सीमित है। केवल हल्के से दबाव से यह कोलकाता तक पहुंच सकता है।

कोलकाता और आसपास में प्री-मानसून बारिश

पिछले 24 घंटों में कोलकाता शहर और उसके उपनगरों में मध्यम बारिश दर्ज की गई। अलीपुर और दमदम स्थित कोलकाता की दोनों आधिकारिक वेधशालाओं में क्रमशः 38 मिमी और 57 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। साथ ही मिदनापुर, बांकुरा, मालदा, हावड़ा और हुगली में भी हल्की से मध्यम बारिश दर्ज हुई। इन बारिशों को मानसून की औपचारिक शुरुआत के पहले की प्री-मानसून गतिविधि माना जा रहा है। अगर अभी इन बारिशों को "मानसून की दस्तक" नहीं माना गया, तो शहर को मानसून आगमन के लिए एक सप्ताह या उससे अधिक इंतजार करना पड़ सकता है।

बंगाल की खाड़ी में नया सिस्टम – बन सकता है ट्रिगर

बंगाल की खाड़ी के पश्चिम-मध्य हिस्से में अगले सप्ताह एक मानसूनी सिस्टम बनने की संभावना है। 10 जून 2025 के आसपास यहां एक चक्रवाती परिसंचरण बन सकता है, जो आगे चलकर एक निम्न दबाव क्षेत्र या डिप्रेशन का रूप ले सकता है। यह सिस्टम संभवतः 12 जून तक जमीन पर पहुंचेगा। इसके प्रभाव से कोलकाता और आसपास के क्षेत्रों में मानसून की प्रगति के लिए अनुकूल स्थितियां बनेंगी। ऐसे में मानसून भले ही धीरे आ रहा हो, लेकिन कोलकाता के लिए यह समय पर पहुंच सकता है।

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डिस्क्लेमर: यह जानकारी स्काइमेट की पूर्वानुमान टीम द्वारा किए गए मौसम और जलवायु विश्लेषण पर आधारित है। हम वैज्ञानिक रूप से सही जानकारी देने का प्रयास करते हैं, लेकिन बदलती वायुमंडलीय स्थितियों के कारण मौसम में बदलाव संभव है। यह केवल सूचना के लिए है, इसे पूरी तरह निश्चित भविष्यवाणी न मानें।

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