बंगाल की खाड़ी में कम दबाव क्षेत्र बना: ओडिशा, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में भारी बारिश

By: AVM GP Sharma | Edited By: Mohini Sharma
Sep 11, 2026, 3:00 PM
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मौसम अपडेट

मुख्य मौसम बिंदु

  • उत्तर बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव ओडिशा से होते हुए मध्य भारत की ओर बढ़ेगा।
  • 12-14 सितंबर के दौरान मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है।
  • राजस्थान, गुजरात और उत्तर मध्य महाराष्ट्र में सिस्टम के अंतिम चरण में बारिश।
  • दिल्ली में 14-16 सितंबर के बीच थोड़े समय के लिए बारिश होने के आसार हैं।
  • पूर्वानुमान वैधता: पूर्वानुमान 10-16 सितंबर 2026 के लिए है और मौसम प्रणाली की चाल के अनुसार बदलाव संभव है।

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बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से, जैसा पहले अनुमान जताया गया था, उत्तर बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बन गया है। इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण मध्य क्षोभमंडल की ऊंचाई से भी ऊपर तक फैला हुआ है और ऊंचाई बढ़ने के साथ दक्षिण दिशा की ओर झुक रहा है। कम दबाव क्षेत्र तट के काफी करीब स्थित है और इसके दक्षिण तथा मध्य ओडिशा से होते हुए जमीन की ओर बढ़ने की संभावना है। इसके बाद यह सिस्टम अगले पांच दिनों में पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए पूरे मध्य प्रदेश को पार करेगा और राजस्थान, गुजरात तथा उत्तर मध्य महाराष्ट्र के बाहरी हिस्सों तक पहुंच सकता है।

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12-14 सितंबर में मध्य प्रदेश में भारी बारिश

आज और कल ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। ओडिशा से लगे राज्यों, जिनमें पश्चिम बंगाल, झारखंड, छत्तीसगढ़, उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार के आसपास के हिस्से शामिल हैं, वहां भी इस दौरान मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। अगले करीब 72 घंटों में जब सिस्टम दक्षिण छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश की ओर बढ़ेगा, तब 12 से 14 सितंबर 2026 के बीच मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना रहेगी। सिस्टम के अंतिम चरण में पूर्वी राजस्थान, दक्षिण और मध्य गुजरात तथा उत्तर मध्य महाराष्ट्र में छिटपुट बारिश होगी। इस दौरान उत्तर कोंकण क्षेत्र, जिसमें मुंबई भी शामिल है, में मध्यम मानसूनी बारिश हो सकती है।

दिल्ली समेत कई राज्यों में बाहरी बारिश का असर

12 से 15 सितंबर के बीच इस सिस्टम के बादलों की बाहरी पट्टियां उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों, विदर्भ और मराठवाड़ा के कुछ क्षेत्रों को प्रभावित कर सकती हैं। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी इन बाहरी बारिश की पट्टियों के कारण 14 से 16 सितंबर 2026 के बीच थोड़े समय के लिए बारिश हो सकती है। संभावना है कि यह सिस्टम राजस्थान के कुछ हिस्सों तक बारिश पहुंचाने वाला इस मानसून का आखिरी सिस्टम हो सकता है। इसके बाद सितंबर के दूसरे पखवाड़े में मानसून की वापसी की प्रक्रिया शुरू होने की दिशा में आगे बढ़ने के संकेत हैं।

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AVM GP Sharma
President of Meteorology & Climate Change
AVM Sharma, President of Meteorology & Climate Change at Skymet Weather Services, is a retired Indian Air Force officer who previously led the Meteorological Branch at Air Headquarters in New Delhi. With over a decade of experience at Skymet, he brings a wealth of knowledge and expertise to the organization.
FAQ

शुरुआत में ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश होगी। इसके बाद सिस्टम मध्य प्रदेश की ओर बढ़ेगा, जहां 12-14 सितंबर के बीच भारी बारिश की संभावना है।

दिल्ली में 14 से 16 सितंबर 2026 के बीच कम दबाव क्षेत्र की बाहरी बारिश पट्टियों के कारण थोड़े समय के लिए बारिश हो सकती है।

संभावना है कि यह राजस्थान के कुछ हिस्सों तक बारिश पहुंचाने वाला इस मानसून का आखिरी सिस्टम हो। इसके बाद सितंबर के दूसरे पखवाड़े में मानसून की वापसी की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।

डिस्क्लेमर: डिस्कलेमर- यह विश्लेषण स्काइमेट के मौसम संबंधी आंकड़ों, आंतरिक पूर्वानुमान मॉडल, मौसम केंद्रों से प्राप्त जानकारी, जलवायु संबंधी डेटा और स्काइमेट की मौसम विशेषज्ञ टीम के आकलन पर आधारित है। सटीक जानकारी देने का पूरा प्रयास किया गया है, लेकिन मौसम लगातार बदलने वाली प्राकृतिक प्रक्रिया है, इसलिए परिस्थितियां समय के साथ बदल सकती हैं। यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से दी गई है और इसे अंतिम या पूरी तरह निश्चित मौसम पूर्वानुमान नहीं माना जाना चाहिए।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है