बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र, कई राज्यों में इस दिन से होगी भारी बारिश
लंबे समय से जारी ब्रेक-मानसून की स्थिति के बाद बंगाल की खाड़ी में जल्द ही एक कम दबाव का क्षेत्र बनने वाला है। पिछला मानसून सिस्टम टाइफून ‘विफा’ का अवशेष था, जो लो-प्रेशर/डिप्रेशन के रूप में देश से गुजरा। अब 12 अगस्त को उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बनेगा, जो 13 अगस्त को कम दबाव में बदल जाएगा। यह सिस्टम 2-3 दिन तक समुद्र पर स्थिर रहकर ताकतवर होगा और फिर डिप्रेशन में बदलकर जमीन की ओर बढ़ेगा।
मानसून की वापसी की प्रक्रिया
मानसून ट्रफ और समुद्र पर बनने वाले सिस्टम, सीजनल बारिश के मुख्य कारण होते हैं। ब्रेक-मानसून स्थिति की वजह से कुछ समय के लिए बारिश रुकी थी, जो इस मौसम में सामान्य है। अब बंगाल की खाड़ी में नया कम दबाव बनने के साथ ही मानसून की वापसी होगी और देश के बड़े हिस्से में फिर से भारी बारिश शुरू हो जाएगी।

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बारिश की शुरुआत और फैलाव
हालांकि 12 से 15 अगस्त के बीच यह सिस्टम समुद्र पर रहेगा, लेकिन मौसम का असर पूर्वी तट से शुरू होकर धीरे-धीरे अंदरूनी इलाकों तक फैलेगा। सबसे पहले ओडिशा, उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश, झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ में अच्छी बारिश होगी। इसके बाद तेज मानसून की बौछारें मध्य भारत से होते हुए गुजरात तक पहुंचेंगी।
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भारी बारिश के संभावित इलाके
छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात और दक्षिण राजस्थान में भारी से अति भारी बारिश के आसार हैं। कोंकण क्षेत्र, खासकर मुंबई में अगस्त की पहली जोरदार बारिश का इंतजार खत्म होगा। मुंबई और दक्षिण तटीय गुजरात में इस सीजन की अब तक की सबसे तेज बारिश हो सकती है। हालांकि, 4-5 दिन पहले की भविष्यवाणी में सटीकता थोड़ी कम होती है, इसलिए हालात पर नजर रखी जाएगी। इस बीच, किसी भी खतरनाक मौसम की स्थिति से निपटने के लिए तैयारी शुरू की जा सकती है।







