बंगाल की खाड़ी के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र डिप्रेशन में बदलेगा, पूर्वी-मध्य भागों में भारी बारिश

By: skymet team | Edited By: skymet team
Sep 26, 2025, 12:00 PM
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कम दबाव का क्षेत्र डिप्रेशन में बदलेगा, प्रतीकात्मक फोटो

जैसा कि अनुमान था, बंगाल की खाड़ी के मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिमी भाग (BoB) पर एक नया निम्न दबाव का क्षेत्र (low pressure area) बना है। यह अब वेल-मार्क्ड (स्पष्ट) हो चुका है और अगले कुछ घंटों में डिप्रेशन (अवदाब क्षेत्र) में बदल जाएगा। यह सिस्टम उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ते हुए समुद्र तट के करीब उत्तर-पश्चिम और पश्चिम-मध्य BoB पर पहुंच जाएगा। कल 27 सितंबर को यह अवदाब दक्षिण ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों को पार करेगा और तेजी से अंदरूनी हिस्सों की ओर बढ़ेगा। इसके प्रभाव से पूर्वी और मध्य भारत में भारी बारिश की संभावना है।

कई राज्यों में भारी बारिश का दौर

इस सिस्टम का कन्वर्जेंस ज़ोन (मिलन क्षेत्र) इसके केंद्र से काफी आगे निकल चुका है और इसके बादलों की बैंडनुमा परतें तटीय इलाकों से होते हुए मध्य राज्यों(मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, विदर्भ क्षेत्र (महाराष्ट्र का पूर्वी भाग), मराठवाड़ा (महाराष्ट्र का मध्य भाग), उत्तर आंतरिक कर्नाटक) तक पहुंच चुकी हैं। अगले दो दिनों में ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, विदर्भ, मराठवाड़ा और दक्षिण छत्तीसगढ़ में तेज बारिश देखने को मिलेगी। वहीं, इसके बाहरी बादल पूर्वी मध्यप्रदेश, मध्य महाराष्ट्र और उत्तर आंतरिक कर्नाटक तक पहुंचेंगे।

मुंबई और गुजरात में भी असर

इस डिप्रेशन का असर धीरे-धीरे उत्तरी कोंकण (मुंबई समेत) और दक्षिण गुजरात तक पहुंच जाएगा। कल 27 सितंबर की देर शाम से लेकर अगले चार दिनों तक यानी 1 अक्टूबर तक इन इलाकों में भी तेज बारिश देखने को मिलेगी।

28 सितंबर से बारिश का केंद्र बदलेगा

28 सितंबर से डिप्रेशन(अवदाब) के पीछे का हिस्सा से गंभीर मौसम गतिविधियां कम होने लगेंगी, और बारिश का जोर आगे के हिस्सों में शिफ्ट होगा। इस दौरान कोंकण, मध्य महाराष्ट्र और दक्षिण व मध्य गुजरात में भारी बारिश 28 सितंबर से 1 अक्टूबर तक बनी रहेगी। वहीं, दक्षिण-पूर्व राजस्थान और दक्षिण-पश्चिम मध्यप्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश होगी। इन इलाकों से तब तक मानसून की वापसी भी हो सकती है।

2 अक्टूबर से सुधार, नया सिस्टम भी बनेगा

2 अक्टूबर से कोंकण, दक्षिण गुजरात और मध्य महाराष्ट्र में मौसम में सुधार होने लगेगा। हालांकि, इस बीच बंगाल की खाड़ी में एक और सिस्टम बनने के संकेत हैं। जिस कारण एक बार फिर पूर्वी और मध्य भारत में मानसून सक्रिय हो सकता है।

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डिस्क्लेमर: यह जानकारी स्काइमेट की पूर्वानुमान टीम द्वारा किए गए मौसम और जलवायु विश्लेषण पर आधारित है। हम वैज्ञानिक रूप से सही जानकारी देने का प्रयास करते हैं, लेकिन बदलती वायुमंडलीय स्थितियों के कारण मौसम में बदलाव संभव है। यह केवल सूचना के लिए है, इसे पूरी तरह निश्चित भविष्यवाणी न मानें।

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