बंगाल की खाड़ी में बनेगा कम दबाव का क्षेत्र, कई राज्यों में तेज होगी मानसूनी बारिश

By: AVM GP Sharma | Edited By: Mohini Sharma
Jul 2, 2026, 5:45 PM
WhatsApp icon
thumbnail image

मौसम अपडेट, फोटो: AI Generated

मुख्य मौसम बिंदु

  • बंगाल की खाड़ी में सीजन का पहला लो प्रेशर बनने की संभावना।
  • ओडिशा से शुरू होकर बारिश मध्य, पश्चिम और उत्तर भारत तक फैलने के आसार।
  • मुंबई, कोंकण, मध्य प्रदेश, विदर्भ, राजस्थान और गुजरात में बहुत भारी बारिश।
  • कुछ इलाकों में जलभराव और स्थानीय बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है।
  • पूर्वानुमान वैधता: यह विशलेषण 3 जुलाई से 10 जुलाई 2026 तक मान्य है।

उत्तर बंगाल की खाड़ी के ऊपर मध्य क्षोभमंडल (मिड ट्रोपोस्फेरिक लेवल) तक फैला एक चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। इसके प्रभाव से अगले 24 घंटों के भीतर इसी क्षेत्र में इस मानसून सीजन का पहला कम दबाव का क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) बनने की संभावना है। इस मौसम प्रणाली के बनने के बाद सबसे पहले ओडिशा के तटीय इलाकों में मौसम तेजी से बदलेगा और भारी बारिश शुरू होगी। इसके बाद यह सिस्टम तट पार करते हुए धीरे-धीरे देश के अंदरूनी हिस्सों की ओर बढ़ेगा, जिससे बारिश का दायरा भी बढ़ता जाएगा। इस सिस्टम के सक्रिय होने के साथ ही मध्य भारत, पश्चिम भारत और उत्तर भारत में मानसून एक बार फिर सक्रिय चरण में प्रवेश करेगा। अगले लगभग एक सप्ताह तक इन क्षेत्रों में अच्छी और व्यापक बारिश होने की संभावना है।

सैटेलाइट इमेज, Himawari

सैटेलाइट इमेज, Himawari

मुंबई और कोंकण में मूसलाधार बारिश की संभावना

यह इस मानसून सीजन का पहला लो प्रेशर सिस्टम होगा और इसकी ताकत, आगे बढ़ने का रास्ता तथा सक्रिय रहने की अवधि पूरे देश की बारिश पर बड़ा असर डाल सकती है। जून महीने में देशभर में जो लगभग 40 प्रतिशत बारिश की कमी दर्ज हुई थी, उसके पहले दस दिनों में घटकर करीब 30 प्रतिशत तक आने की संभावना है। इसका सबसे अधिक लाभ मध्य भारत और पश्चिम भारत के राज्यों को मिलने की उम्मीद है। कोंकण तट और खासकर मुंबई में इस दौरान मानसून अपने पूरे जोर पर रहेगा। यहां कई स्थानों पर लगातार मूसलाधार बारिश होने की संभावना है, जो मानसून के चरम दौर जैसी स्थिति पैदा कर सकती है।

कुछ इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन सकते हैं

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार देश के मध्य भाग में लगभग 20 डिग्री उत्तर अक्षांश के आसपास पूर्व से पश्चिम तक एक शियर जोन बनने की संभावना है। इस शियर जोन के साथ छोटे-छोटे चक्रवाती परिसंचरण भी विकसित हो सकते हैं, जिससे बारिश की गतिविधियां और तेज होंगी।इसके प्रभाव से ओडिशा, दक्षिण छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इसके बाद यह बारिश उत्तर मध्य महाराष्ट्र, दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश, दक्षिण राजस्थान और गुजरात के कुछ हिस्सों तक फैल जाएगी। 3 जुलाई से 7 जुलाई के बीच इन राज्यों के कुछ इलाकों में अत्यधिक बारिश के कारण स्थानीय स्तर पर जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बनने की आशंका है।

इस दौरान मध्य और पश्चिम भारत में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा। मौसम संकेत यह भी बता रहे हैं कि बंगाल की खाड़ी में पहले सिस्टम के पीछे-पीछे एक और नया मानसूनी सिस्टम विकसित हो सकता है, जो लगभग इसी रास्ते पर आगे बढ़ेगा। यदि ऐसा होता है तो जुलाई के पहले पखवाड़े में कई राज्यों में लगातार बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।

author image
AVM GP Sharma
President of Meteorology & Climate Change
AVM Sharma, President of Meteorology & Climate Change at Skymet Weather Services, is a retired Indian Air Force officer who previously led the Meteorological Branch at Air Headquarters in New Delhi. With over a decade of experience at Skymet, he brings a wealth of knowledge and expertise to the organization.
FAQ

अगले 24 घंटों में उत्तर बंगाल की खाड़ी के ऊपर इस मानसून सीजन का पहला कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है।

ओडिशा, दक्षिण छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ, उत्तर मध्य महाराष्ट्र, दक्षिण राजस्थान, गुजरात और कोंकण क्षेत्र में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।

हां, 3 से 7 जुलाई के बीच कुछ इलाकों में अत्यधिक बारिश के कारण स्थानीय स्तर पर जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति बनने की संभावना है।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी स्काइमेट की पूर्वानुमान टीम द्वारा किए गए मौसम और जलवायु विश्लेषण पर आधारित है। हम वैज्ञानिक रूप से सही जानकारी देने का प्रयास करते हैं, लेकिन बदलती वायुमंडलीय स्थितियों के कारण मौसम में बदलाव संभव है। यह केवल सूचना के लिए है, इसे पूरी तरह निश्चित भविष्यवाणी न मानें।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है

Suggested Resources